सिरसा के कुत्ताबड़ की श्री राधा कृष्ण गौशाला में 200 गौवंश के लिए राहत, नया शेड निर्माण शुरू

Published on

spot_img

हरियाणा के जिला सिरसा स्थित गाँव कुत्ताबड़ में श्री राधा कृष्ण गौशाला में आश्रित गौवंश के लिए रहने की जगह की भारी कमी बनी हुई थी। करीब 200 गौवंश की देखरेख के बीच पर्याप्त छत न होने से पशुओं के स्वास्थ्य पर संकट गहरा रहा था। गौशाला प्रबंधन के पास नए निर्माण के लिए आवश्यक बजट का अभाव था। ऐसी विषम परिस्थिति में गौशाला के प्रधान ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष समस्या रखी और सहायता की प्रार्थना की। प्रार्थना संज्ञान में आने के बाद संत रामपाल जी महाराज की ओर से तुरंत संज्ञान लेते हुए गौशाला में एक नए शेड निर्माण का आदेश दिया गया, जिसके एक हफ्ते के अंदर–अंदर मौके पर निर्माण कार्य आरंभ हो गया।

गाँव की मौजूदा स्थिति ने क्यों बढ़ाई मदद की जरूरत

गाँव कुत्ताबड़ में स्थित श्री राधा कृष्ण गौशाला लगभग दो साल पहले स्थापित हुई थी। इससे पूर्व गाँव अथवा आसपास कोई गौशाला उपलब्ध नहीं थी, जिससे पशु गलियों व सड़कों पर लावारिस घूमते थे, बीमार पड़ते थे और उनकी समुचित देखभाल नहीं हो पाती थी। बेसहारा पशुओं के सड़कों पर रहने से दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता था और खेतों में फसलों का भी नुकसान होता था।

दो वर्ष पूर्व बनी गौशाला में पूर्व में दो शेड तैयार किए गए थे, परंतु समय के साथ पशुओं की संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुँच गई। मौजूदा शेड इतने पशुओं को सुरक्षित आश्रय देने के लिए नाकाफी सिद्ध हो रहे थे। अधिक पशुओं को सीमित जगह में एक साथ रखने के कारण बीमारियाँ फैलने की आशंका बढ़ गई थी। साथ ही बारिश अथवा नमी के चलते नीचे जमने वाले कीचड़ से पशुओं के पैर खराब होने तथा खुर संबंधी संक्रमण का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।

संत रामपाल जी महाराज की ओर से मिली सहायता का स्वरूप

गौवंश के संरक्षण और आवास की गंभीर समस्या के समाधान हेतु संत रामपाल जी महाराज की ओर से कुत्ताबड़ की श्री राधा कृष्ण गौशाला में एक नया शेड निर्माण कराने का निर्णय लिया गया। यह नया शेड यहाँ मौजूद सभी 200 पशुओं के लिए पर्याप्त आश्रय प्रदान करेगा। यह शेड संत रामपाल जी महाराज की दया से लगभग 40 x 120 फीट का बनाया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, यह आश्वासन भी दिया गया कि भविष्य में जैसे-जैसे गौशाला में पशुओं की संख्या बढ़ेगी, आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शेड निर्माण व अन्य सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। संत रामपाल जी महाराज की इस सामाजिक व मानवीय पहल के तहत निर्माण कार्य धरातल पर शुरू कर दिया गया है, जिसे आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

ग्रामीणों ने बताई मदद से बदलती तस्वीर

गाँव के लोगों और गौशाला से जुड़े प्रतिनिधियों ने इस सहायता पर अपने विचार साझा किए:

  • ग्रामीण प्रतिनिधि का पक्ष: उन्होंने बताया कि पहले पूरे गाँव के लोग बहुत परेशान थे और लावारिस पशुओं के कारण काफी दुर्दशा होती थी, लेकिन अब गौशाला बनने और नया शेड मिलने से बहुत बड़ा काम बन गया है।
  • प्रधान व सेवादारों का अनुभव: गौशाला प्रधान ने बताया कि वे सहायता हेतु 15 अगस्त को गए थे और एक हफ्ते के भीतर सामग्री तथा निर्माण दल मौके पर पहुँच गया।
  • इलाके के किसानों व ग्रामीणों का दृष्टिकोण: ग्रामीणों ने रेखांकित किया कि यह पूरे इलाके की साझी गौशाला है। पशुओं के सुरक्षित रहने से सड़कों पर होने वाले हादसों पर रोक लगेगी और खेतों में खड़ी फसलों को होने वाले भारी नुकसान से बचाव होगा।
  • मुहिम के प्रति विश्वास: ग्रामीणों ने इसे परमात्मा के मार्ग पर आधारित सेवा बताते हुए कहा कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा शुरू की गई यह लोक-कल्याणकारी मुहिम निरंतर आगे बढ़ रही है।

जवाबदेही और कार्य की पारदर्शिता

कुत्ताबड़ गौशाला में मिली सहायता मानवीय दृष्टिकोण के साथ समयबद्ध कार्यप्रणाली को दर्शाती है। गौशाला प्रबंधन द्वारा 15 अगस्त को संत रामपाल जी महाराज के समक्ष शेड निर्माण की प्रार्थना रखी गई थी। इसके कुछ ही दिनों के भीतर निर्णय लेकर आवश्यक व्यवस्था कर दी गई और मौके पर निर्माण सामग्री व दल भेज दिया गया।

कार्य आरंभ होने के साथ ही इसे 10 से 15 दिनों में पूर्ण करने की समयावधि तय की गई है। यह पहल संत रामपाल जी महाराज से जुड़ी व्यापक अन्नपूर्णा मुहिम का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज के आदेश से अभावग्रस्त वर्गों, जल संकट से जूझते गाँवों तथा गौशालाओं में मूलभूत अधोसंरचना का निर्माण और अन्य समाज के लिए कार्य किए जाते है। यह मुहिम संत रामपाल जी महाराज के आ रहे दान के पैसे को मानवता की मदद के लिए लगाने की एक अनोखी पहल है।

समाज सुधारक के रूप में संत रामपाल जी महाराज की भूमिका

कुत्ताबड़ में गौवंश संरक्षण हेतु उठाया गया कदम संत रामपाल जी महाराज के व्यापक समाज सुधार और मानवीय कल्याण के दृष्टिकोण को प्रकट करता है। संकटग्रस्त बेसहारा पशुओं के प्रति करुणा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना और किसानों की समस्याओं का निवारण केवल एक भगवान रूपी दृष्टिकोण ही कर सकता है, जिसके लिए सब सामान होते है।

संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से संचालित अन्नपूर्णा मुहिम का ध्येय जरूरतमंदों को मूलभूत आवश्यकताओं—भोजन, वस्त्र, शिक्षा, चिकित्सा और आवास—से जोड़ना है। संत रामपाल जी महाराज की शब्द शक्ति और प्रेरणा से उनके अनुयायी यह आस्था रखते हैं कि कबीर परमेश्वर के संदेशों पर आधारित यह सेवा कार्य समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना, जीवों पर दया और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है।

Latest articles

खाजाखेड़ा में गौवंश के लिए संत रामपाल जी महाराज की बड़ी पहल: श्री कृष्ण गौशाला में 50×90 फीट गोदाम निर्माण का शुभारंभ

हरियाणा के सिरसा जिले की रानियां तहसील स्थित गांव खाजाखेड़ा में श्री कृष्ण गौशाला...

राजस्थान के जिगसाना ताल में 200 गौवंश के लिए संत रामपाल जी महाराज ने भेजा 300 क्विंटल चारा

राजस्थान के जिला चूरू की तहसील तारानगर के गांव जिगसाना ताल स्थित श्री हरि...

World Animal Day 2026: How Many Species of Animals Can Be Saved Which Are on the Verge of Extinction?

Every year on 4 October, the feast day of Francis of Assisi, the patron saint of animals, World Animal Day, or World Animal Welfare Day, is observed. This is an international action day for animal rights and welfare. Its goal is to improve the health and welfare of animals. World Animal Day strives to promote animal welfare, establish animal rescue shelters, raise finances, and organize activities to improve animal living conditions and raise awareness. Here's everything you need to know about this attempt on World Animal Day which is also known as Animal Lovers Day. 
spot_img

More like this

खाजाखेड़ा में गौवंश के लिए संत रामपाल जी महाराज की बड़ी पहल: श्री कृष्ण गौशाला में 50×90 फीट गोदाम निर्माण का शुभारंभ

हरियाणा के सिरसा जिले की रानियां तहसील स्थित गांव खाजाखेड़ा में श्री कृष्ण गौशाला...

राजस्थान के जिगसाना ताल में 200 गौवंश के लिए संत रामपाल जी महाराज ने भेजा 300 क्विंटल चारा

राजस्थान के जिला चूरू की तहसील तारानगर के गांव जिगसाना ताल स्थित श्री हरि...