मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की ग्राम पंचायत कल्याणपुर अंतर्गत ग्राम धौल में जगत उद्धारक संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा मुहिम के तहत एक सराहनीय जनकल्याणकारी कार्य संपन्न हुआ। गाँव में सामाजिक व सार्वजनिक आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थान न होने के कारण ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी आवश्यकता को देखते हुए संत रामपाल जी महाराज से जुड़ी मानवीय पहल के अंतर्गत ग्राम धौल में 27 अगस्त 2026 को नवनिर्मित सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य सफलता पूर्वक पूर्ण किया गया। निर्माण पूरा होने के पश्चात घोड़ा डोंगरी विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके द्वारा इस नवनिर्मित भवन की चाबी विधिवत ग्रामवासियों को सौंपी गई।
सामाजिक आयोजनों के अभाव ने बढ़ाई थी सामुदायिक भवन की आवश्यकता
ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी सामूहिक बैठक, सामाजिक उत्सव अथवा सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए पक्के और व्यवस्थित स्थान का अभाव एक बड़ी चुनौती रहता है। ग्राम धौल में भी स्थानीय निवासियों के पास ऐसा कोई सुरक्षित और सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक परिसर नहीं था, जहाँ सभी लोग एकत्र होकर सामूहिक गतिविधियाँ संचालित कर सकें। खुले में अथवा अस्थायी प्रबंधों के सहारे आयोजन करने से ग्रामीणों को मौसम की मार और असुविधाओं से जूझना पड़ता था। बुनियादी ढांचे की इस कमी को दूर करने के लिए एक पक्के और सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक केंद्र की तत्काल जरूरत महसूस की जा रही थी, ताकि ग्रामीण समाज को अपनी गतिविधियों के लिए एक गरिमापूर्ण मंच मिल सके।
संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत हुआ 17×30 फीट भवन का निर्माण
संत रामपाल जी महाराज की ओर से संचालित अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से ग्राम धौल में इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का निर्माण कराया गया। वीडियो विवरण और रिपोर्ट के अनुसार, इस नवनिर्मित सामुदायिक भवन का आकार 17×30 फीट है। इस पूरे पक्के भवन को रिकॉर्ड मात्र 15 दिनों की समय-सीमा के भीतर तैयार किया गया। भवन में बिजली की उचित फिटिंग, पंखे, खिड़कियाँ और मुख्य द्वार पर मजबूत चैनल गेट जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
दिनांक 27 अगस्त 2026 को इस भवन का कार्य पूर्ण घोषित हुआ और लोकार्पण अवसर पर घोड़ा डोंगरी की विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके, भाजपा मंडल अध्यक्ष नंदन यादव, धौल ग्राम की सरपंच राम प्यारी यादव, सरपंच प्रतिनिधि होललाल यादव, उपसरपंच आशाराम बरकड़े, भाजपा युवा मोर्चा मंडल महामंत्री प्रतीक रघुवंशी एवं बूथ अध्यक्ष भीमराव बामनकर सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बयां की राहत भरी प्रतिक्रियाएँ
नवनिर्मित भवन के लोकार्पण पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा कीं:
- विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके: घोड़ा डोंगरी की विधायक ने नवनिर्मित भवन की चाबी ग्रामीणों को सौंपते हुए इस कार्य को ग्रामीण विकास व सामाजिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयोगी कदम बताया।
- धौल ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एवं सरपंच: ग्राम सरपंच राम प्यारी यादव, सरपंच प्रतिनिधि होललाल यादव और उपसरपंच आशाराम बरकड़े ने लोकार्पण समारोह में सम्मिलित होकर गाँव में इस भवन के बनने पर संतोष जताया।
- स्थानीय युवा प्रतिनिधि: कार्यक्रम में उपस्थित युवा ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे इन सेवा कार्यों से निर्धन व बेसहारा परिवारों को वास्तविक सहायता मिल रही है तथा जिनके पास आवास की कमी है, उन्हें आश्रय का लाभ मिल रहा है।
- क्षेत्रीय नागरिक एवं उपस्थित जनसमूह: ग्रामीणों ने व्यक्त किया कि इस सुविधाजनक परिसर के उपलब्ध हो जाने से अब गाँव में विवाह, बैठकें और सार्वजनिक उत्सव बिना किसी रुकावट के व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकेंगे।
15 दिनों में निर्माण कार्य पूर्ण कर स्थापित की तत्परता और जवाबदेही की मिसाल
ग्राम धौल में सामुदायिक भवन का निर्माण केवल 15 दिनों की अल्पावधि में पूरा होना मानवीय सहायता कार्यों की असाधारण गति और प्रशासनिक तत्परता को रेखांकित करता है। सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में लंबा समय लग जाता है, लेकिन यहाँ योजनाबद्ध तरीके से 27 अगस्त 2026 तक पूरे स्ट्रक्चर को बिजली व सुरक्षा फिटिंग सहित अंतिम रूप दे दिया गया। संत रामपाल जी महाराज से जुड़ी ये कल्याणकारी गतिविधियाँ उनके अनुयायियों के स्वैच्छिक सहयोग से संचालित की जाती हैं, जिसका उद्देश्य सीधे तौर पर वंचित और ग्रामीण तबकों तक बिना किसी विलंब के लाभ पहुँचाना है।
एक सच्चे समाज सुधारक के रूप में संत रामपाल जी महाराज की मानवीय भूमिका
धौल गाँव में निर्मित यह सामुदायिक भवन संत रामपाल जी महाराज की व्यापक सामाजिक सुधार और लोक-कल्याणकारी दृष्टि का प्रत्यक्ष प्रमाण है। अनुयायियों की आस्था और उनके संकल्प के अनुसार, संत रामपाल जी महाराज ने कलयुग में सतयुग जैसी मानवीय व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है।
जाति, वर्ग या भेदभाव से परे हटकर जरूरतमंदों की मदद करना, आवासहीन परिवारों को छत देना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना उनकी शिक्षाओं का प्रमुख आधार माना जाता है। संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रेरित अन्नपूर्णा मुहिम ग्रामीण भारत में सहयोग, करुणा और व्यावहारिक समाज सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभर रही है।



