Sant Rampal Ji Maharaj Bodh Diwas

Date:

कबीर, जा दिन सतगुरु भेंटिया, ता दिन लेखे जान।
बाकी समय गंवा दिया, बिना गुरु के ज्ञान।।

आज हम देख रहे हैं कि जब भी किसी का जन्मदिन होता है तो केक काटे जाते हैं, पार्टी का आयोजन होता है, सभी जानकार ‘जन्मदिन मुबारक’ या ‘Happy Birthday‘ कहते हैं। लेकिन यहां गौर करने वाली बात ये है कि बिना ज्ञान के हमारे जीवन और किसी पशु के जीवन में क्या अंतर है? पशु-पक्षी भी पेट भरने के लिए और संतान उत्पत्ति के लिए संघर्ष करते हैं, और बिना ज्ञान के मनुष्य भी उनकी ही तरह संघर्ष करता हुआ प्राण त्याग देता है। यही नहीं, पक्षी तो अपने बच्चों को चोंच से खाना खिलाते हैं। उनके जितना प्यार तो मनुष्य भी अपने बच्चों को नहीं दे सकते।

यदि मनुष्य को सतगुरु मिल जाए तो वह उनके ज्ञान से ऐसे पशु जैसे जीवन को त्यागकर देवता बन जाता है। जिस दिन वह शुभ घड़ी आई, जब किसी मनुष्य को सतगुरु मिले, उसे नामदीक्षा मिली ― वही उसका वास्तविक जन्मदिन है। क्योंकि उस दिन ही उस मनुष्य को अपने जीवन के मूल कर्तव्य का पता चला। इस दिन को बोध दिवस भी कहा जाता है क्योंकि जीव को वास्तविक बोध उसी दिन हुआ जब उसे नामदीक्षा मिली।

कबीर, बलिहारी गुरू आपणा, घड़ी घड़ी सौ सौ बार।
मानुष से देवता किया, करत ना लाई वार।।

इसी श्रेणी में अनन्त कोटि ब्रह्मांड के स्वामी कबीर परमेश्वर जी ने भी गुरू के महत्व को बताने के लिए रामानंद जी महाराज को गुरू बनाया। और आज उन्हीं के अवतार सतगुरु रामपाल जी महाराज ने भी गुरू बनाया। सतगुरु रामपाल जी महाराज का जन्म 8 सितम्बर 1951 को गांव धनाना जिला सोनीपत, हरियाणा में एक किसान परिवार में हुआ। पढ़ाई पूरी करके हरियाणा प्रांत में सिंचाई विभाग में जुनियर इंजीनियर की पोस्ट पर 18 वर्ष कार्यरत रहे। सन् 1988 में स्वामी रामदेवानंद जी से उपदेश प्राप्त किया तथा तन-मन से समर्पित होकर स्वामी रामदेवानंद जी द्वारा बताए भक्ति मार्ग पर चलकर साधना की तथा परमात्मा का साक्षात्कार किया। संत रामपाल दास जी महाराज को नाम दीक्षा 17 फरवरी 1988 को फाल्गुन महीने की अमावस्या को रात्रि में प्राप्त हुई। उस समय संत रामपाल जी महाराज की आयु 37 वर्ष थी। उपदेश दिवस (दीक्षा दिवस) को संतमत में उपदेशी भक्त का आध्यात्मिक जन्मदिन माना जाता है।

उपरोक्त विवरण श्री नास्त्रेदमस जी की उस भविष्यवाणी से पूर्ण मेल खाता है जिसमें बताया गया है कि ”जिस समय उस तत्वदृष्टा शायरन का आध्यात्मिक जन्म होगा, उस दिन अंधेरी अमावस्या होगी। उस समय उस विश्व नेता की आयु 16 या 20 या 25 वर्ष नहीं होगी, वह तरुण नहीं होगा, बल्कि वह प्रौढ़ होगा और वह 50 और 60 वर्ष के बीच की उम्र में संसार में प्रसिद्ध होगा। सन् 2006 में वह संत अचानक प्रकाश में आएगा।“ सन् 1993 में स्वामी रामदेवानंद जी महाराज ने संत रामपाल जी महाराज को सत्संग करने की आज्ञा दी तथा सन् 1994 में नामदान करने की आज्ञा प्रदान की। भक्ति मार्ग में लीन होने के कारण जे.ई. की पोस्ट से त्यागपत्र दे दिया, जो हरियाणा सरकार द्वारा 16/5/2000 को पत्र क्रमांक 3492.3500, तिथि 16/5/2000 के तहत स्वीकृत है। सन् 1994 से 1998 तक संत रामपाल जी महाराज ने घर-घर, गांव-गांव, नगर-नगर में जाकर सत्संग किया। बहुसंख्या में अनुयाई हो गये। साथ-साथ ही ज्ञानहीन संतों का विरोध भी बढ़ता गया। सन् 1999 में गांव करौंथा जिला रोहतक (हरियाणा) में सतलोक आश्रम करौंथा की स्थापना की तथा 1 जून 1999 से 7 जून 1999 तक परमेश्वर कबीर जी के प्रकट दिवस पर सात दिवसीय विशाल सत्संग का आयोजन करके आश्रम का उद्घाटन किया। तथा महीने की प्रत्येक पूर्णिमा को तीन दिन का सत्संग प्रारम्भ किया। दूर-दूर से श्रद्धालु सत्संग सुनने आने लगे तथा तत्वज्ञान को समझकर बहुसंख्या में अनुयाई बनने लगे। चंद दिनों में सतगुरु रामपाल महाराज जी के अनुयायियों की संख्या लाखों में पहुंच गई। जिन ज्ञानहीन संतों व ऋषियों के अनुयाई सतगुरु रामपाल जी के पास आने लगे तथा अनुयाई बनने लगे, वे उन ऋषियों से संत रामपाल जी महाराज के बताए तत्वज्ञान के आधार पर प्रश्न करने लगे, जिससे वे अज्ञानी धर्मगुरू संत रामपाल जी से ईर्ष्या करने लगे।

यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 में लिखा है कि पूर्ण परमात्मा अपने भक्त के सर्वअपराध (पाप) नाश (क्षमा) कर देता है। पवित्र यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 1 में लिखा है कि परमात्मा सशरीर है: अग्ने तनुः असि। विष्णवे त्वा सोमस्य तनुर् असि।।
इस मंत्र में दो बार गवाही दी है कि परमेश्वर सशरीर है। उस अमर पुरुष परमात्मा का सर्व के पालन करने के लिए शरीर है अर्थात् परमात्मा जब अपने भक्तों को तत्वज्ञान समझाने के लिए कुछ समय अतिथि रूप में इस संसार में आता है तो अपने वास्तविक तेजोमय शरीर पर हल्के तेजपुंज का शरीर ओढ़ कर आता है। इस तरह से संत रामपाल जी महाराज ने शास्त्रों में छिपे गूढ़ रहस्यों को उजागर किया। फिर सन् 2003 से अखबारों व टी. वी. चैनलों के माध्यम से सत्यज्ञान का प्रचार करके अन्य धर्मगुरूओं को समझा रहे हैं कि “आपका ज्ञान शास्त्रविरूद्ध है। आप भक्त समाज को शास्त्ररहित पूजा करवा रहे हैं और दोषी बन रहे हैं। यदि मैं गलत कह रहा हूँ, तो इसका जवाब दो।” आज तक किसी भी संत ने जवाब देने की हिम्मत नहीं की।

सतगुरु रामपाल जी महाराज को ई.सं. (सन्) 2001 में अक्टुबर महीने के प्रथम बृहस्पतिवार को अचानक प्रेरणा हुई कि ”सर्व धर्मां के सद्ग्रन्थों का गहराई से अध्ययन कर” इस आधार पर सर्वप्रथम पवित्र श्रीमद् भगवद्गीता जी का अध्ययन किया तथा पुस्तक ‘गहरी नजर गीता में‘ की रचना की। तथा उसी आधार पर सर्वप्रथम राजस्थान प्रांत के जोधपुर शहर में मार्च 2002 में सत्संग प्रारंभ किया।

इसी परोपकारी काम के कारण सतगुरु रामपाल जी को कई बार अत्यंत विरोध भी झेलना पड़ा। उन्हें 2006 में झूठे मामले में 21 महीने तक निर्दोष होते हुए भी जेल में रहना पड़ा और उनके करौंथा आश्रम को भी जब्त कर लिया गया। लेकिन बाद में सच्चाई सामने आने पर उन्हें आश्रम फिर से दे दिया गया। अब नवंबर 2014 से लेकर अभी तक संत जी फिर से जेल में हैं और इस बार भी वजह झूठे मुकदमे ही हैं, जो उनके ज्ञान को तथा समाज सुधार को रोकने के लिए उन पर दर्ज किए गए हैं। लेकिन सतगुरु रामपाल जी महाराज का ज्ञान अद्वितीय है। उनकी अध्यक्षता में ही भारतवर्ष पूरे विश्व पर राज करेगा। पूरे विश्व में एक ही ज्ञान (भक्ति मार्ग) चलेगा। एक ही कानून होगा, कोई दुःखी नहीं रहेगा, विश्व में पूर्ण शांति होगी। जो विरोध करेंगे, अंत में वे भी पश्चाताप करेंगे तथा तत्वज्ञान को स्वीकार करने पर विवश होंगे। सर्व मानव समाज मानव धर्म का पालन करेगा। और सतभक्ति करके सब पूर्ण मोक्ष प्राप्त करके सतलोक जाएंगे। संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान तोप के गोले के समान है, जो अन्य नकली गुरूओं के पाखंड के किलों को तहस नहस कर रहा है।

और ज्ञान सब ज्ञानडी, कबीर ज्ञान सो ज्ञान।
जैसे गोला तोप का, करता चले मैदान।।

About the author

Administrator at SA News Channel | Website | + posts

SA News Channel is one of the most popular News channels on social media that provides Factual News updates. Tagline: Truth that you want to know

SA NEWS
SA NEWShttps://news.jagatgururampalji.org
SA News Channel is one of the most popular News channels on social media that provides Factual News updates. Tagline: Truth that you want to know

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Know the Immortal God on this Durga Puja (Durga Ashtami) 2022

Last Updated on 26 September 2022, 3:29 PM IST...

International Daughters Day 2022: How Can We Attain Gender Neutral Society?

On September 26, 2021, every year, International Daughters Day is observed. Every year on the last Sunday of September, a special day for daughters is seen. This is a unique day that commemorates the birth of a girl and is observed around the world to eradicate the stigma associated with having a girl child by honoring daughters. Daughters have fewer privileges in this patriarchal society than sons. Daughters are an important element of any family, acting as a glue, a caring force that holds the family together. 

World Pharmacist Day 2022: Who is the Best Pharmacist at Present?

World Pharmacist Day 2022: On 25 September every year,...

World Pharmacist Day 2022 [Hindi]: विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2022 पर जानें अनन्य रोगों से निजात पाने का सरल उपाय

25 सितंबर को विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाता है। 1912 में इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन की स्थापना हुई थी। FIP ने इस साल विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम 'Pharmacy: Always Trusted for Your Health' यानी फार्मेसी: हमेशा आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद रखा गया है।