राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए ग्रामीणों, सरपंचों और गौशाला प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज से भेंट की। इन लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को संत जी के समक्ष रखा और उनके द्वारा संचालित जनकल्याणकारी कार्यों की प्रशंसा की। प्रस्तुत है उन समूहों के दौरे का संक्षिप्त विवरण:
चुरू, राजस्थान से जगबीर सिंह ने पशु चारे की व्यवस्था हेतु संत रामपाल जी महाराज से की भेंट
राजस्थान के चूरू जिले के झंझानी गांव से जगबीर सिंह संत रामपाल जी महाराज से मिलने पहुंचे। उनका मुख्य उद्देश्य अपने क्षेत्र में पशुओं के लिए चारे (सुखा चारा) की व्यवस्था हेतु सहायता प्राप्त करना था। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी समस्या को सहानुभूतिपूर्वक सुना और उन्हें आगामी दो महीनों के लिए चारे की संपूर्ण व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। महाराज जी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पशुओं की सेवा के कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
धौलपुर, राजस्थान के ग्राम सरपंच ने जल भराव की समस्या हेतु संत रामपाल जी महाराज से माँगा मार्गदर्शन।
राजस्थान के धौलपुर जिले की ग्राम पंचायत के सरपंच ने संत रामपाल जी महाराज से भेंट की। सरपंच ने संत जी द्वारा चलाई जा रही ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ की सराहना करते हुए कहा कि जिन कार्यों को शासन और प्रशासन पूरा करने में असमर्थ है, वे कार्य महाराज जी की कृपा से सुगमता से संपन्न हो रहे हैं। उन्होंने अपनी पंचायत के दो गांवों में गंभीर जल भराव की समस्या के बारे में अवगत कराया, जिसके कारण किसानों की भूमि जलमग्न हो रही है और खेती प्रभावित है। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया और जल भराव की समस्या के समाधान हेतु आवश्यक संसाधन (पाइप और मोटर) उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
किराड़ा बड़ा, हनुमानगढ़, राजस्थान की गौशाला कमेटी ने संत रामपाल जी महाराज का किया सम्मान और जताया आभार
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के किराड़ा बड़ा गांव से गौशाला कमेटी के अध्यक्ष, पूर्व सरपंच और अन्य सदस्य संत रामपाल जी महाराज से मिलने पहुंचे। कमेटी ने संत जी द्वारा गौशाला को पूर्व में प्रदान किए गए लगभग 1575 क्विंटल चारे के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। गौशाला प्रतिनिधियों ने संत जी के जनकल्याणकारी कार्यों की प्रशंसा की और अपने गांव में सत्संग आयोजित करने का आग्रह किया। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए सत्संग कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया। साथ ही, गौ-सेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखने और भविष्य में भी हर संभव सहायता प्रदान करने का वचन दिया।
मानवता की सेवा और जन-कल्याण का दिव्य संकल्प
इन विभिन्न समूहों का संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में आना यह दर्शाता है कि आमजन उनके द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और मानवतावादी कार्यों में गहरा विश्वास रखते हैं। चाहे वह कृषि क्षेत्र में जल भराव की समस्या हो, गौ-सेवा के लिए चारे की व्यवस्था हो या पशुधन बचाओ अभियान, संत रामपाल जी महाराज ने समाज के हर वर्ग की समस्याओं का समाधान करने में तत्परता दिखाई है। यह स्पष्ट है कि उनके सानिध्य में आने वाले लोग न केवल मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं, बल्कि उनकी सामाजिक समस्याओं का भी सकारात्मक समाधान होता है, जो समाज के प्रति उनकी सेवा भावना को दर्शाता है।



