हरियाणा, जिला फरीदाबाद: गांव सरूरपुर में 40 साल पुराना जलभराव संकट समाप्त, संत रामपाल जी महाराज ने मात्र 12 घंटे में पहुंचाई 3300 फीट पाइपलाइन व राहत सामग्री

Published on

spot_img

फरीदाबाद (हरियाणा): हरियाणा के जिला फरीदाबाद स्थित गांव सरूरपुर में पिछले 35 से 40 वर्षों से बना गंभीर जलभराव और गंदे पानी की निकासी का संकट संत रामपाल जी महाराज की अनुकंपा से समाप्त हो गया है। गांव के मुख्य तालाब का गंदा व बरसाती पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क और रिहायशी बस्तियों में भर जाने से लगभग 7,000 से 8,000 ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित था। प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर दशकों से कोई स्थायी समाधान न मिलने के उपरांत, ग्राम पंचायत सरूरपुर के सरपंच साजिद अहमद के नेतृत्व में ग्रामीणों के एक शिष्टमंडल ने रोहतक स्थित आश्रम में संत रामपाल जी महाराज के समक्ष जल निकासी हेतु गुहार लगाई। संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार, त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी सर्वे कराया गया और महज 12 घंटे के भीतर गांव में 3300 फीट लंबी 8-इंच पाइपलाइन तथा समस्त आवश्यक तकनीकी सामग्री पहुंचा दी गई।

जल संकट से बेहाल ग्रामीणों ने लगाई संत रामपाल जी महाराज के समक्ष न्याय और सहायता की गुहार

गांव सरूरपुर में जल निकासी की समस्या विगत चार दशकों से ग्रामीणों के लिए एक बड़ा नासूर बनी हुई थी। बरसात के मौसम में गांव की मुख्य सड़क पर एक से डेढ़ फीट तक गंदा पानी भर जाता था, जिससे महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और स्कूली छात्रों का पैदल निकलना तक दूभर हो जाता था। ठहरा हुआ गंदा पानी गंभीर बीमारियों, दुर्गंध और मच्छरों के प्रकोप का कारण बना हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में इस जलभराव के चलते दुर्घटनाएं भी हुईं और बच्चों के डूबने जैसी दुखद घटनाएं भी सामने आ चुकी थीं।

स्थानीय सरपंच साजिद अहमद और ग्रामीणों ने कई बार क्षेत्रीय विधायकों, मंत्रियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों से जल निकासी के स्थायी प्रबंध हेतु बजट आवंटित करने की मांग की, परंतु वर्षों तक केवल कोरे आश्वासन ही मिले। इसी दौरान सरपंच साजिद अहमद को राजस्थान के एक गांव के दौरे पर संत रामपाल जी महाराज द्वारा कराई गई तीन से चार किलोमीटर लंबी जल निकासी पाइपलाइन परियोजना की जानकारी मिली।

समस्या से निजात पाने के लिए सरपंच साजिद अहमद, ग्राम पंचायत के मौजूदा पंच और वरिष्ठ नागरिकों सहित 35 से 40 ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल रोहतक स्थित आश्रम पहुंचा। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के अधिकृत लेटरहेड पर अपनी लिखित प्रार्थना संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रस्तुत की।

यह भी पढ़ें: अधूरी जलनिकासी व्यवस्था हुई पूरी: संत रामपाल जी महाराज ने मगोर्रा गाँव को दिए 1880 फीट अतिरिक्त पाइप

त्वरित तकनीकी सर्वे और संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकृत राहत सामग्री

ग्राम पंचायत ने आरंभ में 1 किलोमीटर यानी लगभग 3000 फीट 8-इंची पाइपलाइन तथा एक मोटर की आवश्यकता व्यक्त की थी। संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार एक तकनीकी सर्वे दल ने तत्काल गांव सरूरपुर का जमीनी निरीक्षण किया। सर्वे दल ने तालाब के क्षेत्रफल, मुख्य सड़क, रिहायशी बस्ती और जल निकासी के अंतिम आउटलेट की सटीक दूरी मापी।

निरीक्षण के उपरांत यह पाया गया कि पानी को पूरी तरह बस्ती से बाहर निकालने के लिए 3000 फीट के स्थान पर 3300 फीट पाइपलाइन तथा 10 हॉर्स पावर (HP) की भारी क्षमता वाली मोटर की आवश्यकता होगी। संत रामपाल जी महाराज ने मांग से 300 फीट अधिक पाइपलाइन और संपूर्ण फिटिंग सामग्री तुरंत भेजने का निर्देश दिया।

विवरण (विवरण मद)ग्राम पंचायत द्वारा की गई मांगसंत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकृत एवं वितरित सामग्री
पाइपलाइन का आकार8 इंच (8 Inch)8 इंच (8 Inch Heavy Duty PVC)
पाइपलाइन की कुल लंबाई3000 फीट (लगभग 1 किमी)3300 फीट (मांग से 300 फीट अधिक)
जल निष्कासन मोटर क्षमतासामान्य क्षमता की मोटर10 हॉर्स पावर (10 HP) उच्च क्षमता मोटर
सहायक सामग्री (Accessories)उल्लेख नहींसॉल्वेंट सॉल्यूशन, फेविकोल, पीवीसी बैंड, एयर वाल्व, जॉइंट्स आदि
राहत सामग्री वितरण समय–अर्जी के मात्र 12 घंटे के भीतर गांव में उपलब्ध
लाभान्वित आबादी–7,000 से 8,000 ग्रामीण

गांव में सामग्री पहुंचते ही ग्रामीणों द्वारा भव्य स्वागत एवं प्रतिक्रियाएं

जैसे ही राहत सामग्री से भरा वाहन गांव सरूरपुर पहुंचा, समस्त ग्रामीण, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा हाथों में पुष्पमालाएं लेकर गांव के प्रवेश द्वार पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप पर पुष्प अर्पित कर आभार व्यक्त किया और जयघोष किए।

  • सरपंच साजिद अहमद की प्रतिक्रिया: “हम पिछले 40 वर्षों से इस तालाब और जलभराव के संकट से त्रस्त थे। हमने शासन-प्रशासन के सभी स्तरों पर गुहार लगाई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। जब हम संत रामपाल जी महाराज के पास गए, तो आश्रम से निकलते ही हमें सूचना मिली कि राहत सामग्री लोड हो चुकी है। मात्र 12 घंटे में 3300 फीट पाइप हमारे गांव पहुंच गया। यह किसी सपने के सच होने जैसा है।”
  • मौजूदा पंच की प्रतिक्रिया: “हमारे लिए यह संकट 40 वर्षों से नासूर बना हुआ था। संत रामपाल जी महाराज के दरबार में हमारी अर्जी पर डेढ़ घंटे में निर्णय हुआ और तुरंत राहत सामग्री गांव भेज दी गई।”
  • ग्रामीण इंदराज सैनी का वक्तव्य: “यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। जो काम चार दशकों में सरकारें और मंत्री नहीं कर सके, वह संत रामपाल जी महाराज ने कुछ ही घंटों में कर दिखाया। गांव की मुख्य सड़क पर गंदा पानी जमा रहने से हर व्यक्ति बीमार हो रहा था, अब गांव इस आपदा से पूरी तरह मुक्त होगा।”
  • एक अन्य वरिष्ठ ग्रामीण का कथन: “हम 50-60 वर्षों से राजनेताओं के पास जा रहे थे, जो केवल वोट लेकर चले जाते थे। संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी भेदभाव के तत्काल हमारे गांव का दुख दूर किया है।”

पाइपलाइन स्थापना की रूपरेखा व आगामी चरण

संत रामपाल जी महाराज के दिशा-निर्देशानुसार, ग्राम पंचायत को 3300 फीट 8-इंची पाइपलाइन को भूमिगत (अंडरग्राउंड) बिछाने की तकनीकी प्रक्रिया समझाई गई है। पाइपलाइन में एयर वाल्व स्थापित किए गए हैं ताकि वायु अवरोध न बने। पाइपलाइन बिछाने और उसका लीकेज परीक्षण पूर्ण होने के उपरांत तकनीकी टीम के पुन: निरीक्षण के साथ ही 10 HP की मोटर भी सीधे तालाब पर संचालित कर दी जाएगी।

इस पाइपलाइन के शुरू होते ही मुख्य सड़क, स्कूल मार्ग और रिहायशी बस्तियों में जलभराव पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को स्वच्छ वातावरण और सुगम आवागमन प्राप्त होगा।

संत रामपाल जी महाराज की अद्वितीय दयालुता और जनकल्याणकारी अवदान की महत्ता

संत रामपाल जी महाराज ने धरातल पर जो अभूतपूर्व कार्य किए हैं, वे समस्त मानवता के लिए एक अनुपम मिसाल हैं। जहां दशकों तक शासन-प्रशासन और व्यवस्थाएं मौन रहीं, वहां संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों की पुकार सुनते ही बिना किसी औपचारिकता या विलंब के 12 घंटे के भीतर स्थायी समाधान उपलब्ध कराया। सैकड़ों गांवों को बाढ़, जलभराव और पेयजल संकट से मुक्त करने का यह ऐतिहासिक कार्य यह प्रमाणित करता है कि संत रामपाल जी महाराज पीड़ित जनमानस के सच्चे त्राता और कल्याणकारी पथप्रदर्शक हैं। समस्त ग्राम पंचायत सरूरपुर और क्षेत्रवासी संत रामपाल जी महाराज की इस असीम अनुकंपा और उपकार के प्रति सदैव नतमस्तक और कृतज्ञ हैं।

Latest articles

World Food Day 2026: Right to Food for a Brighter Future

World Food Day was first established in November 1979. The idea was suggested by former Hungarian Minister of Agriculture and Food Dr Pal Romany. Since then, the day has been celebrated by more than 150 countries around the world. It is an initiative by the Food and Agricultural Organisation (FAO) of the United Nations. 

International Day of Rural Women 2026: Understand the Role of Rural Women to Attain Gender Equality

International Day of Rural Women recognizes the significant role and involvement of rural women. Know its theme and history.

​लालासर, चूरू, राजस्थान की भगत हंसाराम जी गौशाला में संत रामपाल जी महाराज द्वारा ऐतिहासिक गौ सेवा का श्रीगणेश

​राजस्थान के चूरू जिले के अंतर्गत आने वाले लालासर गाँव में स्थित भगत हंसाराम...
spot_img

More like this

World Food Day 2026: Right to Food for a Brighter Future

World Food Day was first established in November 1979. The idea was suggested by former Hungarian Minister of Agriculture and Food Dr Pal Romany. Since then, the day has been celebrated by more than 150 countries around the world. It is an initiative by the Food and Agricultural Organisation (FAO) of the United Nations. 

International Day of Rural Women 2026: Understand the Role of Rural Women to Attain Gender Equality

International Day of Rural Women recognizes the significant role and involvement of rural women. Know its theme and history.

​लालासर, चूरू, राजस्थान की भगत हंसाराम जी गौशाला में संत रामपाल जी महाराज द्वारा ऐतिहासिक गौ सेवा का श्रीगणेश

​राजस्थान के चूरू जिले के अंतर्गत आने वाले लालासर गाँव में स्थित भगत हंसाराम...