अधूरी जलनिकासी व्यवस्था हुई पूरी: संत रामपाल जी महाराज ने मगोर्रा गाँव को दिए 1880 फीट अतिरिक्त पाइप

Published on

spot_img

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील में स्थित मगोर्रा गाँव लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। साल 2025 में, इस गाँव को संत रामपाल जी महाराज जी की ओर से एक बड़ी राहत मिली थी। उस समय ‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान’ के तहत गाँव को 7300 फीट लंबी 8-इंची पाइपलाइन, एक 20 HP मोटर, एक 15 HP मोटर और 300 फीट कॉपर वायर बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध करवाया गया था।

​इस मदद से गाँव के एक बड़े हिस्से से पानी निकल गया और कई किसानों ने सालों बाद अपने खेतों में फसल की बिजाई की। स्थायी समाधान के लिए गाँव वालों ने इन पाइपों को ज़मीन के नीचे (Underground) दबाना शुरू किया। लेकिन गाँव का जलभराव क्षेत्र बहुत विशाल था, जो लठापुरी, नगला झीगा, रामपाटी थोक और जाजन थोक जैसे कई हिस्सों में बंटा हुआ था। जब पाइपलाइन बिछाने का काम अंतिम चरण में पहुँचा, तो भौगोलिक दूरी के कारण कुछ स्थानों पर पाइप कम पड़ गए।

​सतलोक आश्रम में दोबारा गुहार

पाइप कम पड़ने का मतलब था कि जलनिकासी का नेटवर्क अधूरा रह जाएगा और कुछ खेतों में फिर से पानी भरने का खतरा बना रहेगा। इस समस्या को पूरी तरह से जड़ से खत्म करने के लिए, गाँव के सरपंच अशोक कुमार कुंतल और 5-7 मौजिज लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल एक बार फिर संत रामपाल जी महाराज जी के सतलोक आश्रम (श्री धनाना धाम) पहुँचा।

​गाँव वालों ने पिछले उपकार के लिए गुरु जी का पगड़ी पहनाकर, मालाएं चढ़ाकर और तस्वीर भेंट कर भव्य स्वागत व सम्मान किया। इसके बाद उन्होंने अपनी समस्या बताई कि ज़मीन में पाइप गाड़ते समय कुछ पाइपों की कमी पड़ गई है, जिससे काम रुक गया है।

​त्वरित आदेश और 1880 फीट पाइपों की डिलीवरी

संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट आदेश है कि राहत सामग्री चाहे कितनी भी लगे, लेकिन किसानों की जलभराव की समस्या जड़ से समाप्त होनी चाहिए। कोई भी खेत बिना बिजाई के बंजर नहीं रहना चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ, गुरु जी ने गाँव वालों की अर्जी तुरंत स्वीकार कर ली।

​अगले ही दिन, ‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान’ (फेज़-2) के तहत मगोर्रा गाँव में एक और राहत काफिला पहुँच गया। इस बार गाँव को 1880 फीट 8-इंची भारी पाइपलाइन उपलब्ध करवाई गई। इतना ही नहीं, पाइपों को जोड़ने के लिए आवश्यक एसआर, फेविकोल (Adhesive Solution) और अन्य ज़रूरी सामग्री भी बिना एक रुपया लिए मुफ्त में सौंप दी गई।

​गाँव वालों का आभार और स्थायी समाधान

दूसरी बार भी इतनी तेज़ी से मदद मिलने पर मगोर्रा के ग्रामीण गदगद हो गए। सरपंच अशोक कुमार कुंतल ने भावुक होकर बताया, “गुरु जी से मिलने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने हमें भोजन करवाया, बहुत स्नेह दिया और तुरंत हमारी माँग पूरी कर दीं। वे साक्षात् भगवान का स्वरूप हैं, जो किसानों का दर्द समझकर उनकी सेवा कर रहे हैं।”

​इन 1880 फीट अतिरिक्त पाइपों के मिलने से अब गाँव की दोनों पाइपलाइनें पूरी तरह से मुकम्मल (Complete) हो जाएंगी। अब जैसे ही बारिश का मौसम आएगा, जमा हुए पानी को तुरंत मोटरों के ज़रिए बाहर निकाल दिया जाएगा। संत रामपाल जी महाराज जी ने मगोर्रा गाँव की अधूरी जलनिकासी व्यवस्था को पूरा करके यह साबित कर दिया है कि वे केवल फ़ौरी (तात्कालिक, तुरंत, या शीघ्र) राहत नहीं देते, बल्कि किसानों की समस्या का शत-प्रतिशत और स्थायी समाधान करते हैं।


Latest articles

Ganesh Chaturthi 2026: Discover the True Adi Ganesha Beyond Idols!

Last Updated on 9 September 2026 IST | Ganesh Chaturthi 2026: Ganesh Chaturthi is...

आदि सनातन धर्म, शास्त्र प्रमाण और समाज सुधार: जगदीप शर्मा का संत रामपाल जी महाराज से विशेष साक्षात्कार

वर्तमान समय में धर्म, अध्यात्म और सामाजिक परंपराओं को लेकर समाज में अनेक धारणाएं,...
spot_img

More like this

Ganesh Chaturthi 2026: Discover the True Adi Ganesha Beyond Idols!

Last Updated on 9 September 2026 IST | Ganesh Chaturthi 2026: Ganesh Chaturthi is...