हरियाणा के जींद जिले में लगातार जलभराव और बाढ़ के कारण कृषि आधारित आजीविका लंबे समय से गंभीर संकट का सामना कर रही थी। जहां प्रशासनिक सहायता स्थायी समाधान देने में वर्षों तक विलंब करती रही, वहीं जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने दिव्य करुणा और अद्भुत तत्परता के साथ उनकी मदद की। किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज ने संकटग्रस्त किसानों को संपूर्ण राहत प्रदान की और एक बार फिर सिद्ध किया कि सच्चा आध्यात्मिक नेतृत्व कठिन से कठिन समय में मानवता की निःस्वार्थ सेवा करता है।
गांव की वर्तमान स्थिति
हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील स्थित गढ़वाली गांव में वर्ष 1995 की विनाशकारी बाढ़ के बाद से जलभराव की गंभीर समस्या लगातार बनी हुई थी।
- स्थायी जल निकासी व्यवस्था के अभाव में लगभग 300 से 400 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि वर्ष दर वर्ष जलमग्न रहती थी।
- ठहरा हुआ बाढ़ का पानी बार-बार गेहूं और धान सहित प्रमुख फसलों को नष्ट कर देता था।
- कृषि भूमि होने के बावजूद किसानों को अपने दैनिक जीवन-यापन के लिए अनाज खरीदना पड़ता था तथा आजीविका चलाने हेतु गांव से बाहर दिहाड़ी मजदूरी करने के लिए मजबूर होना पड़ता था।
ग्रामीणों की भावपूर्ण प्रार्थना
स्थायी समाधान की आशा में गढ़वाली गांव की ग्राम पंचायत ने जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष विनम्र प्रार्थना प्रस्तुत की। उनकी प्रमुख आवश्यकताओं में शामिल था:
- खेतों में जमा पानी को मुख्य नाले तक पहुंचाने के लिए ड्रेनेज पाइपलाइन।
- बाढ़ का पानी प्रभावी ढंग से निकालने के लिए उच्च क्षमता वाली इलेक्ट्रिक मोटर।
यह भी पढ़ें: संत रामपाल जी महाराज ने फेज़ 2 में झज्जर के कासनी में पाइपलाइन दी
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सहायता
संत रामपाल जी महाराज की असीम कृपा से किसान मजदूर बचाओ अभियान अन्नपूर्णा मुहिम फेज़ 2 के अंतर्गत योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध तरीके से राहत प्रदान की गई।
- प्रथम चरण की सहायता: प्रारंभ में 8 इंच की 5,000 फीट उच्च गुणवत्ता वाली ड्रेनेज पाइप उपलब्ध कराई गई।
- सर्वे और निर्देश: संत रामपाल जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में एक सर्वे टीम गांव पहुंची। टीम ने ड्रोन और गूगल मैप्स की सहायता से खेतों से ड्रेनेज नाले तक की दूरी का सटीक मापन किया। साथ ही निर्देश दिए गए कि सभी पाइप पूरी तरह भूमिगत बिछाए जाने तथा पुनः सर्वे होने के बाद मोटर ग्राम पंचायत को सौंप दी जाएगी।
- द्वितीय चरण की सहायता: प्रारंभिक पाइपलाइन के तीन स्थानों पर लगभग 3.5 से 4 फीट गहराई तक सफलतापूर्वक भूमिगत बिछाए जाने की पुष्टि के बाद 8 इंच की अतिरिक्त 5,300 फीट पाइप उपलब्ध कराई गई, जिससे कुल पाइपलाइन की लंबाई 10,300 फीट हो गई।
- मोटर एवं सहायक सामग्री: पुनः भौतिक सर्वे द्वारा सही स्थापना की पुष्टि होने के बाद एक 7.5 HP हैवी-ड्यूटी क्रॉम्पटन मोटर, L&T स्टार्टर, सक्शन पाइप, आयरन बेंड, रिड्यूसर, एयर वाल्व तथा स्टेनलेस स्टील के नट-बोल्ट उपलब्ध कराए गए।
संपूर्ण उपकरण और सामग्री गांव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। साथ ही जल निकासी व्यवस्था के सुचारु संचालन हेतु स्थापना संबंधी विस्तृत निर्देश भी प्रदान किए गए।
ग्रामीणों की जुबानी
राहत सामग्री के पहुंचने पर पूरे गांव में खुशी, कृतज्ञता और श्रद्धा का वातावरण बन गया।
- सरपंच ने पुष्टि करते हुए कहा, “पहले कुल 5,000 फीट पाइप आई थी और उसके बाद 5,300 फीट पाइप मिली। इस प्रकार संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसानों की जलभराव समस्या के समाधान के लिए कुल 10,300 फीट 8 इंच की पाइप प्रदान की गई। तीन स्थान बनाए गए हैं और सभी पाइप लगभग 3.5 से 4 फीट गहराई तक दबाई गई हैं।”
- गांव के एक प्रतिनिधि ने बताया, “हम अपनी समस्या लेकर संत रामपाल जी महाराज के पास पहुंचे और महाराज जी ने तुरंत हमारी बात सुनी। उन्होंने उसी दिन सर्वे कराने का आदेश दिया और हमें बिना किसी देरी के पाइपलाइन प्राप्त हो गई।”
- एक अन्य ग्रामीण ने कहा, “हम महाराज जी का हृदय की गहराइयों से हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करते हैं।”
- एक ग्रामीण ने भावुक होकर कहा, “मैं हमारे गांव गढ़वाली को मोटर और पाइप उपलब्ध कराने के लिए संत रामपाल जी महाराज के पवित्र चरणों में लाखों बार नमन करता हूं।”
संत रामपाल जी महाराज: परम उद्धारकर्ता
गढ़वाली गांव में हुआ यह दिव्य सेवा कार्य इस बात को उजागर करता है कि जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज सच्चे किसान मसीहा, तत्वदर्शी संत, विश्व उद्धारक तथा वर्तमान समय में पृथ्वी पर एकमात्र पूर्ण संत हैं। वे पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब के एकमात्र प्रतिनिधि हैं, जो सत्य भक्ति का प्रामाणिक मार्ग प्रदान करते हुए अपने वचन की शक्ति से मानवता के सांसारिक कष्टों का निःस्वार्थ भाव से निवारण कर रहे हैं। गढ़वाली गांव के ग्रामीण उन्हें भगवान के समान मानते हैं, जिनकी असीम करुणा ने वह कार्य कुछ ही दिनों में कर दिखाया जिसे व्यवस्थाएं तीन दशकों में भी पूरा नहीं कर सकीं।



