आज हम आप को Ram Navami (रामनवमी) 2020  के बारे Hindi में विस्तार से बताएँगे जैसे रामनवमी (Ram Navami) 2020 में कब है?, रामनवमी क्यों मनायी जाती है?, राजा राम और आदि राम में क्या भिन्नता है? आदि. हम निम्लिखित बिन्दुओ पर प्रकश डालेंगे.

रामनवमी (Ram Navami) पर्व किस उपलक्ष्य में मनाया जाता है?

रामनवमी (Ram Navami) 2020 का पर्व भगवान विष्णु जी के सातवें अवतार भगवान राम के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है । यह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को अर्थात मार्च या अप्रैल के महीने में भारत में मना़या जाता है।

इस साल 2020 में रामनवमी कब है?

रामनवमी (Ram Navami) का पर्व 2020 में अप्रैल के महीने में चैत्र मास की नवमी को दिनांक 02 अप्रैल, गुरूवार को मनाया जाएगा।

क्या रामनवमी मनाने से साधक को लाभ मिलता है?

जब तक हमें आदिराम की जानकारी नहीं होगी, जो हमारे धर्म ग्रंथों में वर्णित है, हमें कोई लाभ नहीं मिल सकता, केवल पूर्व जन्मों के आधार पर ही हम सुख- दुख भोगते हैं। वेदों, शास्त्रों तथा धर्म ग्रंथों के अनुसार पूर्ण परमात्मा तो कोई और है तथा राम जी भगवान नहीं केवल विष्णु जी के अवतार थे, जिन्होंने कर्म आधार पर मनुष्य जन्म प्राप्त किया तथा बहुत कष्ट झेले। जब वह खुद अपने ऊपर आई आपत्तियों को नहीं रोक पाए तो उनको पूजने वालों के कष्टों को किस प्रकार दूर कर सकते हैं।

■ Ram Navami 2020 रामनवमी Hindi: पूर्ण लाभ जिसकी साधक कामना करता है वह केवल पूर्ण परमात्मा की शरण में जाने से होगा और पूर्ण परमेश्वर की शरण में जाने के लिये तत्वदर्शी संत से उपदेश लेना अनिवार्य है। अविनाशी परमात्मा की जानकारी प्राप्त करने के लिये गीता ज्ञान देने वाले ब्रह्म (काल) ने तत्वदर्शी संत की खोज करने की बात गीता अध्याय 4 मंत्र 32 तथा 34 में कही है। केवल पूर्ण सतगुरु (संत) जो वेदों में वर्णित विधि अनुसार साधना बताएगा, उसी से मोक्ष सम्भव होता है।

Ram Navami 2020 रामनवमी-असली राम (आदि राम) कौन है?

Ram Navami 2020 रामनवमी: विष्णु अवतार राम का जन्म राजा दशरथ की सबसे बड़ी रानी कौशल्या से हुआ। विष्णु जी को राजा दशरथ के पुत्र रूप में जन्म लेना पड़ा। नारदमुनि ने विष्णु जी को श्राप दिया था कि जैसे ,” मैं एक स्त्री के वियोग में जल रहा हूं आपको भी पूरा एक जीवन स्त्री वियोग में बिताना पड़ेगा।” नारद जी के श्राप के कारण ही राम को पृथ्वी पर त्रेतायुग में आना पड़ा और कर्म फल भोग कर अपना जीवन पूर्ण किया।

कबीर, सब जग निर्धना, धनवन्ता ना कोए।
धनवन्ता सोई जानिए, जा पै राम नाम धन होय।।

आइए जानते हैं असली राम (आदि राम )?

■ कबीर साहेब जी कहते हैं: असली धनी वह नहीं जिसके पास अधिक धन, संपत्ति सब है जबकि असली धनी तो वह है जिसके पास जाप करने के लिए असली राम का नाम है। असली राम (आदि राम), अनश्वर, अविनाशी परमात्मा है जो सब का पालनहार पिता है। जिसके एक इशारे पर‌ धरती और अंबर काम करते हैं जिसकी स्तुति में तैंतीस करोड़ देवी-देवता नतमस्तक रहते हैं। मौत जिसके चरणों की दासी है। जो मोक्षदायक है। जो माता-पिता से जन्म नहीं लेता। जो स्वयंभू है।

रामनवमी (Ram Navami) 2020: अयोध्यापति राजा दशरथ के पुत्र राम को पूरा हिंदू समाज भगवान राम मानता है। हिंदू धर्म के लोगों में राम जी की बहुत मान्यता है। महात्मा गांधी के मूल वाक्य , हे राम ! के कर्ता भी दशरथ के पुत्र राम ही हैं। परंतु दुर्भाग्य से यह लोग असली वाले राम को नहीं जानते व पहचानते। वह असली राम जिसकी उपासना करने से ना केवल साधक रोग मुक्त होगा अपितु मोक्ष की भी प्राप्ति होगी, वह कबीर साहेब जी है।

धर्म ग्रंथों में वर्णित है

एक राम दशरथ का बेटा, एक राम घट घट में बैठा।
एक राम का सकल उजियारा, एक राम जगत से न्यारा।

असली राम की गवाही हमारे धर्म ग्रंथों में वर्णित है जो केवल एक तत्वदर्शी संत बता सकते हैं और संत रामपाल जी (तत्त्वदर्शी संत हैं ) ने असली राम की परिभाषा जो हमारे सभी धार्मिक ग्रंथों में लिखित है ,को सत्संग के माध्यम से समझाया ,दिखाया और बताया है कि कुल का मालिक एक है जिसका नाम कबीर है जो सतलोक के सबसे ऊपरी छोर पर रहता है.

Ram Navami 2020 रामनवमी Hindi: जिसने सृष्टि की रचना छः दिनों में की और‌ हर युग में सतलोक से चलकर पृथ्वी पर आता है अपनी प्यारी आत्माओं को मिलता है उन्हें निजलोक सतलोक के बारे में बताता है उन्हें सतभक्ति मार्ग समझा कर मोक्ष मंत्र देता है। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें आध्यात्मिक पुस्तक ज्ञान गंगा

राजा राम कौन थे?

वेदों, पुराणों और गीता जी में तीन गुण बताए हैं। रजोगुण ब्रह्मा, सतोगुण विष्णु और तमोगुण शिव। इन्हीं तीनों गुणों के मेल से मनुष्य का जन्म होता है। श्री राम जी सतगुण, विष्णु जी के अवतार थे। उनका भी आविर्भाव (जन्म) तथा तिरोभाव (मृत्यु) होता है. प्रमाण श्री देवी भागवत अध्याय 5 स्कन्द ३ पृष्ठ 123।

तीनों गुण क्या हैं?-प्रमाण सहित

■ रामनवमी (Ram Navami) 2020 पर अवश्य जानिए की ‘‘तीनों गुण रजगुण ब्रह्मा जी, सतगुण विष्णु जी, तमगुण शिव जी हैं। ब्रह्म (काल) तथा प्रकृति (दुर्गा) से उत्पन्न हुए हैं तथा तीनों नाशवान हैं‘‘

  1. प्रमाण :- गीताप्रैस गोरखपुर से प्रकाशित श्री शिव महापुराण जिसके सम्पादक हैं श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार पृष्ठ सं. 24 से 26 विद्यवेश्वर संहिता तथा पृष्ठ 110 अध्याय 9 रूद्र संहिता ‘‘इस प्रकार ब्रह्मा-विष्णु तथा शिव तीनों देवताओं में गुण हैं, परन्तु शिव (ब्रह्म-काल) गुणातीत कहा गया है।
  2. पूर्ण परमात्मा सच्चिदानंद घन ब्रह्म को प्राप्त करने का तीन मंत्र, ओम तत् सत् का जाप है तथा गुप्त मंत्रों की सही जानकारी तत्वदर्शी संत ही बतायेगा जिसके पास जाने के लिये गीता ज्ञान दाता अध्याय 17 के श्लोक 23 में कहा है।

आदिराम (पूर्ण परमात्मा) कौन है?

हमारे धर्म ग्रंथों से यह प्रमाणित है कि पूर्ण परमात्मा मां के गर्भ से जन्म नहीं लेता। परंतु राम भगवान का जन्म मां के गर्भ से हुआ और उनकी मृत्यु सरयू नदी में समाधि लेने के कारण हुई थी। जबकि पूर्ण परमात्मा ना तो मां के गर्भ से जन्म लेता है और न ही उसकी मृत्यु होती है।

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ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 17 में कहा है कि कविर्देव शिशु रूप धारण कर लेता है। लीला करता हुआ बड़ा होता है। कविताओं द्वारा तत्वज्ञान वर्णन करने के कारण कवि की पदवी प्राप्त करता है अर्थात् उसे कवि कहने लग जाते हैं, वास्तव में वह पूर्ण परमात्मा कविर् (कबीर प्रभु) ही है। उसके द्वारा रची अमृतवाणी कबीर वाणी (कविर्गिरः अर्थात् कविर्वाणी) कही जाती है, जो भक्तों के लिए स्वर्ग तुल्य सुखदाई होती है। वही परमात्मा तीसरे मुक्ति धाम अर्थात् सतलोक की स्थापना करके एक गुबंद अर्थात् गुम्बज में सिंहासन पर तेजोमय मानव सदृश शरीर में आकार में विराजमान है।

पवित्र यजुर्वेद के अध्याय 40 के मंत्र 8 में इसका प्रमाण है, जो इस प्रकार है:-

सपय्रयगाच्छुक्रमका़यमव्रणमस्त्राविरँ शुद्धमपापविघंम।
कविर्मनीषी परिभू: स्वयम्भूर्याथातथ्यतो अर्थान्व्य्दधाच्छाश्वतीभ्य: समाभ्य: ।

अर्थात् वह पूर्ण परमात्मा सर्वशक्तिमान है, अविनाशी है, सबका धारण पोषण करने वाला है। उसका शरीर मनुष्य की तरह नाडी या हाड मांस का नहीं बना और न ही वह माता के गर्भ से जन्म लेता है। वह स्वंभू अविनाशी अपने निज धाम से चलकर स्वंय सहशरीर आता है और अच्छी आत्माओं को मिलकर अपने तत्व ज्ञान का उपदेश कराता है। वह कविर्देव है जिसने सर्व ब्रह्मांडों और सृष्टि की रचना की।

ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 तथा सूक्त 96 मंत्र 17 से 20 में भी उस पूर्ण परमात्मा के धरती पर सहशरीर अवतरित होने का उल्लेख है।

अभी इमं अध्न्या उत श्रीणन्ति धेनवः शिशुम्। सोममिन्द्राय पातवे।
अभी इमम्-अध्न्या उत श्रीणन्ति धेनवः शिशुम् सोमम् इन्द्राय पातवे।

भावार्थ – पूर्ण परमात्मा लीला करता हुआ बालक रूप धारण करके स्वयं प्रकट होता है तथा उसकी परवरिश कंवारी गाय के दूध से होती है।जीव धर्म बोध पृष्ठ 93 (2001) पर वाणी अनुसार जो साधक वेदों में वर्णित साधना तत्वदर्शी संत से दीक्षा लेकर करेगा वह चौरासी लाख योनियों से मुक्ति पाकर निज धाम (सतलोक) में वास करेगा।

वेद विधि से जो कोई ध्यावै। अमर लोक में बासा पावै।।
स्वस्मबेद सब बेदन का सारा। ता विधि भजैं उतरै पारा।।

नाम कौन से राम का जपना है?

■ गीता जी के अध्याय नं. 15 का श्लोक नं. 16

द्वौ, इमौ, पुरुषौ, लोके, क्षरः, च, अक्षरः, एव, च, क्षरः, सर्वाणि, भूतानि, कूटस्थः, अक्षरः, उच्यते।।

अनुवाद: इस संसारमें दो प्रकार के भगवान हैं नाशवान और अविनाशी। शरीर तो नाशवान है और जीवात्मा को अविनाशी कहा जाता है।

■ गीता जी के अध्याय नं. 15 का श्लोक नं. 17

उतमः, पुरुषः, तु, अन्यः, परमात्मा, इति, उदाहृतः, यः, लोकत्रायम् आविश्य, बिभर्ति, अव्ययः, ईश्वरः।।

अनुवाद उत्तम भगवान तो अन्य ही है जो तीनों लोकों में प्रवेश करके सबका धारण-पोषण करता है और वही अविनाशी परमेश्वर है।

Ram Navmi 2020 Hindi Quotes

चार भुजा के भजन में, भूलि परे सब संत। कबिरा सुमिरो तासु को, जाके भुजा अनंत।।

परमात्मा से सब होत है, बन्दे से कुछ नाहीं।
राई से पर्वत करें, पर्वत से फिर राई।।

रामनाम की लूट है, लूटि जा तो लूट।
पीछे फिर पछताएगा, प्राण जाहिंगे छूट।।

भक्ति बिना क्या होत है, भ्रम रहा संसार।
रति कंचन पाया नहीं, रावण चलती बार।।

रामनवमी 2020-गुरू बनाना क्यों ज़रूरी है?

राम कृष्ण से कौन बड़ा, तिन्हू भी गुरु कीन।
तीन लोक के वे धनी, गुरु आगे आधीन।।

रामनवमी (Ram Navami) 2020 Hindi : खुद राम चन्द्र जी ने भी गुरु धारण कर रखे थे क्योंकि धर्म ग्रंथों में वर्णित है कि बिना सतगुरु धारण किए मोक्ष संभव नहीं। राम केवल भगवान थे परमात्मा नहीं कि उनको पूजा जाए, उनको भी गुरु की जरूरत थी। परमात्मा वह शक्ति है जो सतगुरू रुप में हर युग में पृथ्वी पर चलकर सतलोक से आते हैं। उनका जन्म किसी मां के गर्भ से नहीं होता। वह स्वयंभू हैं।

Ram Navami 2020तत्वदर्शी संत की पहचान क्या है?

Ram Navami 2020: गीता जी के अध्याय नंबर 15 के मंत्र नंबर 1 से 4 के अनुसार: वह पूर्ण संत संसार रूपी उल्टे लटके हुए पीपल के वृक्ष की संपूर्ण जानकारी सह वेद वित जड़ से तनों तक भगत समाज को प्रदान करेगा।

ऊर्ध मूलम्ं अध: शाखाम् अश्वथामम् अव्यवम्।
छंदासि यस्य पर्णामि यह तम वेद सहवेदविद् ।

■ यजुर्वेद अध्याय 19 के मंत्र 25: 

वह तत्वदर्शी संत सभी धर्मों के पवित्र सदग्रंथों के गूढ़ रहस्यों को भगत समाज के समक्ष प्रमाण सहित बताएगा।

अर्द्ध ऋचैः उक्थानाम् रूपम् पदैः आप्नोति निविदः।
प्रणवैःशस्त्राणाम् रूपम् पयसा सोमः आप्यते।

अर्थात जो संत महापुरूष वेदों के अधूरे वाक्यों और संकेतात्मक रहस्यों की जानकारी प्रमाण सहित करेगा और शास्त्रों के आधार से प्रमाण सहित ज्ञान भगत समाज तक प्रस्तुत करेगा, वही तत्वदर्शी संत होगा।

वर्तमान समय में तत्वदर्शी संत कौन है?

आज के समय में केवल संत संतरामपाल जी महाराज ही हैं। जो सभी धर्मों के पवित्र सदग्रंथों के आधार से प्रमाणों सहित तत्व ज्ञान भगत समाज को अवगत करवा रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज जी ने सभी धर्मों के पवित्र सदग्रंथों से यह प्रमाणित कर दिया है कि वास्तव में अविनाशी पूर्ण परमात्मा जिसने सृष्टि की रचना की है वह कबीर साहेब हैं जिनका बखान हर धर्म ग्रंथ में है।

Ram Navami 2020 रामनवमी: अतः राम जी से ऊपर और‌ सर्वश्रेष्ठ परमात्मा कबीर साहेब जी हैं और केवल संत रामपाल जी (तत्वदर्शी संत) महाराज के सानिध्य में मोक्षदायक भगति अपना कर जो वेदों में वर्णित है, सतलोक जाया जा सकता है। जगतगुरु तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नाम दीक्षा लेने के लिए कृपया नाम दीक्षा फॉर्म भरें।