हरियाणा के झज्जर जिले की बहादुरगढ़ तहसील स्थित नूना माजरा गांव वर्षों से बरसात के दौरान गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रहा था। गांव के जोहड़ों का पानी ओवरफ्लो होकर बस्तियों, गलियों और आसपास की कृषि भूमि में भर जाता था। ग्राम पंचायत की प्रार्थना पर तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत तकनीकी सर्वे के आधार पर स्थायी जल निकासी व्यवस्था के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की।
ग्राम पंचायत ने गांव की वर्षों पुरानी जलभराव समस्या के स्थायी समाधान के लिए तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के श्रीचरणों में प्रार्थना प्रस्तुत की। उनके आदेश पर सर्वे टीम ने जलभराव से प्रभावित चारों स्थानों का निरीक्षण कर जल निकासी के मार्गों का आकलन किया और आवश्यक सामग्री का निर्धारण किया।
प्रमुख बिंदु: नूना माजरा जलभराव राहत, फेज़ 2
- नूना माजरा गांव में चार स्थानों पर बरसाती जलभराव की गंभीर समस्या थी।
- जोहड़ों का पानी ओवरफ्लो होकर बस्तियों, गलियों और आसपास के क्षेत्रों में भर जाता था।
- ग्राम पंचायत ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत प्रार्थना प्रस्तुत की।
- तकनीकी सर्वे में 2,000 फुट 8 इंच पाइपलाइन और चार 10 एचपी मोटरों की आवश्यकता निर्धारित की गई।
- स्वीकृति के बाद पाइपलाइन और स्थापना के लिए आवश्यक सभी एक्सेसरीज उपलब्ध करवाई गईं।
- भूमिगत पाइपलाइन कार्य के सफल निरीक्षण के बाद चारों मोटरें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
तकनीकी सर्वे में निर्धारित हुई जल निकासी की आवश्यकता
ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार गांव के चार अलग-अलग स्थानों पर जोहड़ों का पानी ओवरफ्लो होने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा था। सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता था और किसानों की कृषि भूमि तथा खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता था।
ग्राम पंचायत की प्रार्थना के बाद सर्वे टीम ने चारों प्रभावित स्थानों का निरीक्षण किया और जल निकासी के संभावित मार्गों का परीक्षण किया। तकनीकी सर्वे में स्थायी समाधान के लिए 2,000 फुट 8 इंच पाइपलाइन तथा चार 10 एचपी मोटरों की आवश्यकता निर्धारित की गई।
निरीक्षण के दौरान गांव के सरपंच मास्टर जय भगवान ने बताया कि बरसात के समय पानी बार-बार बस्ती में प्रवेश कर जाता था। इसी समस्या के समाधान के लिए मोटर और पाइपलाइन की मांग की गई थी। उन्होंने बताया कि प्रार्थना पर विचार होने के तुरंत बाद सर्वे टीम गांव पहुंच गई।
सर्वे स्वीकृत होने के बाद उपलब्ध करवाई गई सामग्री
सर्वे रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार ग्राम पंचायत को परियोजना के लिए आवश्यक संपूर्ण पाइपलाइन और स्थापना सामग्री उपलब्ध करवाई गई।
| सामग्री | विवरण |
| पाइपलाइन | 2,000 फुट (8 इंच) |
| मोटरें | चार 10 एचपी (अंतिम निरीक्षण के बाद) |
| अन्य सामग्री | एयर वाल्व, पीवीसी पाइप, पीवीसी बेंड, फेविकोल, लोहे की प्लेट, जोड़, स्टील के नट-बोल्ट तथा अन्य आवश्यक एक्सेसरीज |
प्रतिनिधियों ने बताया कि सभी एक्सेसरीज एक साथ उपलब्ध करवाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भूमिगत पाइपलाइन कार्य बिना किसी अतिरिक्त फिटिंग खर्च के पूरा किया जा सके।
पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया और निरीक्षण
ग्राम पंचायत को निर्देश दिए गए कि पाइपलाइन के प्रत्येक जोड़ की पानी छोड़कर अच्छी तरह जांच की जाए और लीकेज पूरी तरह सुनिश्चित करने के बाद ही पाइपलाइन को मिट्टी से ढका जाए। एयर वाल्व लगाने के बाद ही पाइपलाइन को भूमिगत किया जाए।
भूमिगत पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद सर्वे टीम अंतिम निरीक्षण करेगी। कार्य संतोषजनक पाए जाने पर तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के आदेशानुसार चारों स्वीकृत 10 एचपी मोटरें गांव के चारों जलभराव वाले स्थानों पर उपलब्ध करवाई जाएंगी।
राहत सामग्री पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया स्वागत
पाइपलाइन और अन्य सामग्री गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने काफिले का स्वागत किया। स्वागत के बाद गांव में जुलूस निकाला गया और कार्यक्रम स्थल पर सभी आगंतुकों का अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर सरपंच मास्टर जय भगवान ने बताया कि ग्राम पंचायत ने दो दिन पहले ही प्रार्थना प्रस्तुत की थी। अगले दिन सर्वे हुआ और उसके बाद आवश्यक सामग्री गांव पहुंच गई। उन्होंने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी तथा सभी सेवादारों का त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।
चेयरमैन प्रतिनिधि संजय जून ने भी त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए बताया कि गांव की डिग्गी के लिए ट्यूबवेल संबंधी एक अतिरिक्त अनुरोध पर भी चर्चा की गई।
गांव पर पड़ने वाला संभावित प्रभाव
ग्राम पंचायत के अनुसार पाइपलाइन और चारों मोटरों के चालू होने के बाद गांव के चारों जलभराव वाले स्थानों से वर्षाजल की निकासी संभव हो सकेगी।
इससे संभावित लाभ होंगे:
- बस्तियों और गलियों से जलभराव में राहत मिलेगी।
- बरसात के दौरान ग्रामीणों का आवागमन सुचारु होगा।
- कृषि भूमि और खड़ी फसलें सुरक्षित रहेंगी।
- वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
अभियान के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2, शुद्ध पेयजल सेवा अभियान तथा पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान के तहत अब तक 100 से अधिक गांवों में सेवा कार्य पूरे किए जा चुके हैं और यह सेवा निरंतर जारी है।
वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की ओर महत्वपूर्ण पहल
ग्रामीणों ने कहा कि पाइपलाइन और चारों स्वीकृत मोटरें स्थापित होने के बाद गांव का बरसाती पानी प्रभावी रूप से बाहर निकलेगा, जिससे बस्तियों के साथ-साथ कृषि भूमि को भी लाभ मिलेगा। ग्राम पंचायत ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत यह पहल गांव की वर्षों पुरानी जलभराव समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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