भीषण जलभराव जैसी प्राकृतिक आपदाएं किसानों से उनकी आजीविका, सम्मान और भविष्य छीन लेती हैं। हनुमानगढ़ जिले के बिराण गांव में वर्षों तक ठहरे हुए पानी ने उपजाऊ खेतों को बंजर भूमि में बदल दिया, जिससे हजारों ग्रामीण असहाय जीवन जीने को मजबूर हो गए। जब कोई रास्ता दिखाई नहीं दिया, तब ग्राम पंचायत ने जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष श्रद्धापूर्वक अपनी पीड़ा रखी। मानवता के दिव्य संरक्षक के रूप में संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज़ 2 के अंतर्गत चरणबद्ध राहत अभियान स्वीकृत किया, जिसने वर्षों से चली आ रही इस त्रासदी को आशा, पुनर्स्थापन और नवजीवन के उत्सव में बदल दिया।
गांव की वर्तमान स्थिति
लगभग 6 से 7 वर्षों तक बिराण गांव बिना किसी स्थायी जल निकासी व्यवस्था के भीषण जलभराव और भूमि की बढ़ती लवणता की समस्या से जूझता रहा।
- कुल 7,000 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि में से लगभग 4,000 एकड़ भूमि पूरी तरह प्रभावित होकर जलमग्न हो गई थी।
- मौसम दर मौसम खड़ी फसलें नष्ट होती रहीं, जिससे स्थानीय किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
- घरों और खेतों में बनी ढाणियों के चारों ओर पानी भर जाने के कारण अनेक परिवारों को पलायन करना पड़ा, जिससे सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया और बच्चों की शिक्षा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा।
- पिछले 4 से 5 वर्षों से गांव की लगभग 40% से 60% भूमि अनुपयोगी बन चुकी थी।
ग्रामीणों की भावपूर्ण प्रार्थना
प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई समाधान न मिलने पर बिराण गांव की ग्राम पंचायत और सम्मानित ग्रामीण बुजुर्ग श्रद्धा के साथ संत रामपाल जी महाराज की शरण में पहुंचे। उन्होंने विनम्रतापूर्वक निम्नलिखित सहायता की प्रार्थना की:
- 8 इंच की 33,000 फीट ड्रेनेज पाइपलाइन
- 5 हैवी-ड्यूटी 15 HP मोटर
चरणबद्ध सर्वे और संपूर्ण मार्गदर्शन
अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज़ 2 के अंतर्गत राहत कार्य सामान्य सहायता अभियानों की तरह नहीं, बल्कि दूरदर्शिता और पूर्ण सटीकता के साथ संचालित किए जाते हैं।
- प्रारंभिक सर्वे: प्रार्थना प्राप्त होते ही संत रामपाल जी महाराज ने सर्वे टीम को बिराण गांव भेजने का निर्देश दिया। टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण और ड्रोन सर्वे कर 8 इंच की 33,000 फीट पाइपलाइन तथा 5 संख्या 15 HP मोटरों की वास्तविक आवश्यकता की पुष्टि की।
- प्रथम चरण (भूमिगत पाइपलाइन): राहत सामग्री के रूप में 8 इंच की 33,000 फीट पाइपलाइन उपलब्ध कराई गई। पाइपलाइन को किस प्रकार स्थापित और भूमिगत करना है, इसके लिए विस्तृत निर्देश भी दिए गए। पूरे गांव ने एकजुट होकर मात्र 15 दिनों के भीतर संपूर्ण पाइपलाइन भूमिगत बिछा दी।
- पुनः सर्वे और द्वितीय चरण का हस्तांतरण: पाइपलाइन स्थापना पूर्ण होने के बाद संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार सर्वे टीम ने पुनः स्थल का निरीक्षण किया। निर्धारित मानकों के अनुसार पाइपलाइन सही ढंग से बिछी होने की पुष्टि के बाद पुनः सर्वे रिपोर्ट उनके समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसके तुरंत बाद द्वितीय चरण की सामग्री जारी कर दी गई।
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संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सहायता
संत रामपाल जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में द्वितीय चरण की राहत सामग्री ग्राम पंचायत को पूर्णतः निःशुल्क तथा स्थायी समाधान के रूप में प्रदान की गई।
- 5 संख्या 15 HP हैवी-ड्यूटी मोटर (3 क्रॉम्पटन एवं 2 किरलोस्कर कंपनी की)
- L&T ब्रांडेड इलेक्ट्रिकल स्टार्टर
- 20 फीट सक्शन पाइप, PVC जॉइनर पाइप तथा हैवी इलेक्ट्रिक केबल
- आयरन बेंड पाइप, रिड्यूसर, एयर वाल्व, स्टील नट, बोल्ट, क्लैंप, प्लेट तथा पाइप-बाइंडिंग सॉल्यूशन
छोटे से छोटे नट-बोल्ट तक हर सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि ग्रामीणों को एक भी रुपया खर्च न करना पड़े और न ही बाजार से कोई सामान खरीदना पड़े।
ग्रामीणों की जुबानी
राहत सामग्री मिलने के बाद ग्रामीणों की भावनाएं और कृतज्ञता प्रत्यक्ष रूप से देखने योग्य थीं।
- सरपंच जी ने कहा, “हमने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष 33,000 फीट पाइप की प्रार्थना की थी… आज मोटर भी आ गई हैं। गांव पानी में डूबा हुआ था, फसलें बर्बाद हो गई थीं और खेत नष्ट हो चुके थे। अब सब कुछ फिर से जीवित हो जाएगा।”
- एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा, “पिछले 5 वर्षों से हमने कोई फसल नहीं उगाई। गुरुजी ने हमारी प्रार्थना तुरंत स्वीकार कर ली… विधायक चुनाव के समय आते हैं, वादे करते हैं और चले जाते हैं। जो कार्य विधायक नहीं कर सके, वह संत रामपाल जी महाराज ने कर दिखाया।”
- एक स्थानीय युवक ने कहा, “उन्होंने केवल मोटर ही नहीं दी, बल्कि नट से लेकर पूरी पाइपलाइन तक हर छोटी-बड़ी सामग्री उपलब्ध कराई। गांव जलभराव से बर्बाद हो चुका था, फसलें नष्ट हो गई थीं और आमदनी समाप्त हो गई थी। हम उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।”
- प्रताप सिंह ढाका (मास्टर जी) ने कहा, “हमारे गांव का नाम बिराण है और यह सचमुच ‘वीरान’ बन गया था। अब यह फिर से बसने लगा है… संत रामपाल जी महाराज ने 900 घरों में रहने वाले लगभग 5,000 लोगों को नया जीवन दिया है।”
निःस्वार्थ दिव्य परोपकार
बिराण गांव में राहत सामग्री वितरण के अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण हर्षोल्लास के साथ एकत्रित हुए। स्थानीय लोगों ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए चर्चा की कि संत रामपाल जी महाराज बिना किसी वोट, धन या राजनीतिक लाभ की अपेक्षा किए करोड़ों रुपये मूल्य की सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। उनके अनुयायियों ने बताया कि वे सभी आत्माओं के परम पिता हैं, जो किसानों और गरीबों के कल्याण के लिए कार्य करते हैं तथा यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी व्यक्ति भूख से न मरे और न ही आत्महत्या करने के लिए विवश हो।
विश्व उद्धारक: संत रामपाल जी महाराज
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने स्वयं को सच्चे किसान मसीहा, विश्व उद्धारक तथा पृथ्वी पर पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में सिद्ध किया है। जहां संसार राजनीतिक स्वार्थ का साक्षी बन रहा है, वहीं संत रामपाल जी महाराज केवल दिव्य प्रेम की भावना से कार्य करते हुए सत्य और निःस्वार्थ सेवा पर आधारित स्वर्णिम युग की स्थापना कर रहे हैं। वे पवित्र धर्मग्रंथों के अनुसार सत्य भक्ति का वास्तविक मार्ग प्रदान कर मानवता को उसके शाश्वत धाम सतलोक की ओर ले जा रहे हैं। वे वास्तव में भगवान के तुल्य हैं और निर्धनों तथा असहायों के एकमात्र रक्षक के रूप में दृढ़ता से मानवता की सेवा कर रहे हैं।



