हरियाणा राज्य के जिला झज्जर, तहसील बहादुरगढ़ के अंतर्गत आने वाले गांव जसौर खेड़ी में पिछले लगभग 20 वर्षों से मानसूनी बारिश के दौरान खेतों में जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई थी। खेतों से बरसाती पानी की समय पर निकासी न होने के कारण सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि जलमग्न हो जाती थी, जिससे किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो जाती थीं।
स्थानीय प्रशासन, एसडीएम और उपायुक्त (डीसी) कार्यालय में समाधान हेतु वर्ष 2025 में भी लिखित आवेदन (रसीद सहित) जमा करने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई व्यावहारिक कदम नहीं उठाया गया। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के बार-बार निरीक्षण के बाद भी जलभराव का स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
इसके परिणामस्वरूप 250 एकड़ से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि जलमग्न बनी रहती थी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता था। फसलें नष्ट हो जाने के कारण कई किसानों को अपनी आजीविका चलाने के लिए अन्य मजदूरी कार्यों पर निर्भर होना पड़ता था।
ग्राम पंचायत की याचिका, स्थलीय सर्वेक्षण और तकनीकी आकलन
20 वर्षों पुरानी इस विकट समस्या से मुक्ति पाने के लिए जसौर खेड़ी गांव के वर्तमान प्रधान/सरपंच जय नारायण तथा गांव के मौजिज़ ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सतलोक आश्रम में प्रार्थना प्रस्तुत की।
- त्वरित प्रतिक्रिया: ग्राम पंचायत द्वारा याचिका लगाए जाने के 24 घंटे के भीतर (कबीर साहेब प्रकट दिवस समागम संपन्न होते ही) संत रामपाल जी महाराज ने सर्वे टीम को जसौर खेड़ी गांव पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करने का आदेश जारी किया।
- भौतिक निरीक्षण: सर्वे टीम ने जसौर खेड़ी पहुंचकर प्रभावित कृषि क्षेत्रों तथा जलभराव वाले चारों बिंदुओं (जल निकासी पॉइंट्स) का गहन निरीक्षण किया।
- तकनीकी मूल्यांकन: सर्वे टीम ने अपनी जांच में पाया कि गांव के खेतों में जमा अतिरिक्त पानी को सुरक्षित रूप से मुख्य ड्रेन तक पहुंचाने के लिए कुल चार जल निकासी लाइनों की आवश्यकता है।
टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर निम्नलिखित सामग्री स्वीकृत की गई:
- 4 अलग-अलग जल निकासी बिंदुओं के लिए कुल 10,200 फीट (8 इंच व्यास) हैवी-ड्यूटी पाइपलाइन।
- जल निकासी हेतु 10-10 एचपी (HP) क्षमता की 4 विद्युत मोटरें।
राहत सामग्री का वितरण एवं तकनीकी एसेसरीज का हस्तांतरण
सर्वे रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2’ के अंतर्गत स्वीकृत राहत सामग्री से भरे विशाल ट्रक गांव जसौर खेड़ी पहुंचे। संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा एवं आपदा राहत सेवा के तहत स्वीकृत 10,200 फीट पाइपलाइन तथा समस्त सहायक तकनीकी सामान ग्राम पंचायत को तुरंत सौंप दिया।
हस्तांतरित की गई सामग्री एवं एसेसरीज की विस्तृत सूची
- पीवीसी पाइप: 10,200 फीट उच्च गुणवत्ता वाले 8 इंच व्यास के हैवी-ड्यूटी पीवीसी पाइप।
- सहायक सामग्री (एसेसरीज):
- एयर वाल्व (पाइपलाइन के भीतर बनने वाले हवाई दबाव को नियंत्रित करने और फटने से बचाने हेतु)
- पीवीसी एल्बो बैंड्स (मोड़)
- मेटल फ्लैंज एवं जॉइंट प्लेट्स
- रबर गैसकेट/जैन
- नट और बोल्ट
- फेविकोल / पीवीसी सॉल्वेंट सीमेंट
संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा व आपदा सहायता अभियान के अंतर्गत क्रॉम्पटन (Crompton) तथा किर्लोस्कर (Kirloskar) कंपनी की 10-10 एचपी क्षमता की 4 वाटर पंप मोटरें स्वीकृत की हैं।
सामग्री वितरण नीति के तहत यह निर्देश दिया गया है कि ग्राम पंचायत सर्वप्रथम 10,200 फीट पाइपलाइन को भूमिगत दबाएगी और उसमें पानी भरकर लीकेज तथा एयर वाल्व की जांच करेगी। इसके बाद सर्वे टीम द्वारा किए जाने वाले भौतिक निरीक्षण एवं सत्यापन के ठीक अगले दिन चारों 10 एचपी मोटरें ग्राम पंचायत को सुपुर्द कर दी जाएंगी।
स्वीकृत एवं हस्तांतरित राहत सामग्री का विवरण
| विवरण / श्रेणी | स्वीकृत व हस्तांतरित सामग्री का परिमाण |
| लाभान्वित क्षेत्र | गांव जसौर खेड़ी, तहसील बहादुरगढ़, जिला झज्जर (हरियाणा) |
| मुख्य प्रभावित क्षेत्र | 250 एकड़ से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि (4 मुख्य जलभराव बिंदु) |
| कुल स्वीकृत पाइपलाइन | 10,200 फीट (8 इंच व्यास वाला पीवीसी पाइप) |
| स्वीकृत वाटर मोटर | 4 इकाइयां (प्रत्येक 10 HP क्षमता – क्रॉम्पटन / किर्लोस्कर) |
| सहायक एसेसरीज | एयर वाल्व, एल्बो बैंड्स, मेटल प्लेट्स, रबर जैन, नट-बोल्ट, सॉल्वेंट फेविकोल |
| अभियान का नाम | किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2 |
| ग्राम पंचायत कार्यान्वयन समयसीमा | 15 से 20 दिवस (भूमिगत पाइपलाइन बिछाने हेतु) |
ग्रामीणों द्वारा स्वागत, प्रतिक्रियाएं एवं भावी योजनाएं
सामग्री से भरे ट्रकों के जसौर खेड़ी पहुंचने पर ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने चार ढोल-नगाड़ों, ट्रैक्टर-ट्रॉली काफिले, मंगलाचरण और पुष्पवर्षा के साथ राहत सामग्री का भव्य स्वागत किया।
- जय नारायण (प्रधान/सरपंच, जसौर खेड़ी): “हमारे गांव में पिछले 20 वर्षों से जलभराव के कारण फसलें बर्बाद हो रही थीं। हमने प्रशासन से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। संत रामपाल जी महाराज के चरणों में याचिका रखने के तुरंत बाद 10,200 फीट पाइप और 4 मोटरें स्वीकृत हो गईं। हम जल्द से जल्द पाइपलाइन भूमिगत बिछाकर मोटरों की स्थापना कराएंगे।”
- 76 वर्षीय ग्रामीण बुजुर्ग: “मेरी 76 वर्ष की आयु में मैंने पहली बार देखा है कि किसी संत ने बिना किसी राजनीतिक स्वार्थ या वोट की मांग के किसानों के लिए इतनी बड़ी राहत सामग्री सीधे गांव में भिजवाई हो। जो काम 20 वर्षों से सरकारें नहीं कर सकीं, वह संत रामपाल जी महाराज ने एक निर्णय में कर दिखाया।”
- कर्मवीर (स्थानीय किसान): “मंत्रियों, विधायकों और सरकारी विभागों द्वारा सिर्फ एस्टीमेट बनाने के नाम पर समय बर्बाद किया जाता था, लेकिन व्यावहारिक धरातल पर पानी नहीं निकला। संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत सामान भिजवाकर हमारे गांव के किसानों को नया जीवन दिया है।”
- स्थानीय ग्रामीण प्रतिनिधि: “2025 में बहादुरगढ़ के एसडीएम और डीसी को 40 किलो की पाइपलाइन दबाने और 250 एकड़ जमीन बचाने के लिए लिखित में रिसीविंग दी थी, किंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा एवं राहत अभियान के माध्यम से किसानों की पुकार सुनकर तुरंत स्थायी समाधान कर दिया।”
जसौर खेड़ी में 20 वर्ष पुरानी जलभराव समस्या का स्थायी अंत
संत रामपाल जी महाराज ने ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2’ के तहत 10,200 फीट 8 इंच पाइपलाइन, 4 औद्योगिक मोटरें (10 HP) तथा संपूर्ण एसेसरीज उपलब्ध करवाकर जसौर खेड़ी गांव की 20 वर्ष पुरानी जलभराव समस्या का स्थायी समाधान कर दिया है।
10,200 फीट लंबी पाइपलाइन के भूमिगत बिछ जाने के बाद खेतों में जमा अतिरिक्त बरसाती पानी सुचारू रूप से ड्रेन में गिर सकेगा, जिससे 250 एकड़ से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि जलमग्न होने से बचेगी और सैकड़ों किसानों का आर्थिक भविष्य सुरक्षित होगा।



