हरियाणा के रोहतक जिले के गांव निंदाना में संत रामपाल जी महाराज की ओर से 17 छोटे किसानों को निशुल्क खाद, डीएपी और दवाई किट का वितरण

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निंदाना (रोहतक, हरियाणा): हरियाणा के जिला रोहतक की महम तहसील के अंतर्गत गांव निंदाना में संत रामपाल जी महाराज के पावन आदेशानुसार किसान मजदूर बचाओ अभियान (फेज-3) के तहत 17 पंजीकृत पात्र छोटे किसानों को उनकी फसल की जरूरत के अनुरूप कुल 54 बैग यूरिया, 13 बैग डीएपी तथा प्रत्येक किसान को कृषि रक्षा व कीटनाशक दवाइयों की संपूर्ण किट निशुल्क उपलब्ध करवाई गई। ढाई एकड़ या उससे कम भूमि पर स्वयं खेती करने वाले सीमांत किसानों को खाद की किल्लत, दुकानों के चक्कर, लंबी कतारों तथा प्रति एकड़ हजारों रुपये की अतिरिक्त लागत से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से यह पूरी कृषि सामग्री सीधे गांव में पहुंचाकर वितरित की गई।

संकटग्रस्त ग्रामीण किसानों ने संत रामपाल जी महाराज से लगाई थी सहायता की गुहार

गांव निंदाना के सीमांत किसान लंबे समय से बुवाई व फसल संवर्धन के समय रासायनिक खादों तथा कीटनाशक दवाओं की उपलब्धता को लेकर गंभीर संकट का सामना कर रहे थे। बाजार में निजी व सरकारी खाद विक्रय केंद्रों पर घंटों कतारों में खड़े रहने, बार-बार खाली हाथ लौटने और महंगे दामों पर कृषि सामग्री खरीदने की बाध्यता ने छोटे कृषकों की कमर तोड़ दी थी। इस आर्थिक और मानसिक दबाव से राहत पाने के लिए ग्रामीणों व किसानों ने संत रामपाल जी महाराज के सतलोक आश्रम धनाना धाम पहुंचकर अपनी व्यथा रखी और सहायता की प्रार्थना की। संत रामपाल जी महाराज ने गरीब व असहाय किसानों की पीड़ा को संज्ञान में लेते हुए उनकी जमीन और फसल की आवश्यकता के आधार पर संपूर्ण खाद व दवाई सामग्री सीधे गांव तक निशुल्क पहुंचाने का प्रबंध कराया।

यह भी पढ़ें: फेस 2: पलवल, हरियाणा के जौहर खेड़ा गांव में किसानों की पुकार पर संत रामपाल जी महाराज ने किया जलभराव का स्थायी समाधान

वितरण प्रक्रिया एवं पात्रता के प्रमुख नियम

सामग्री वितरण का कार्य गांव निंदाना में मंगलाचरण पाठ के साथ प्रारंभ हुआ। इसके उपरांत विधिवत रूप से पंजीकृत सूची के अनुसार किसानों के नाम पुकार कर सामग्री सौंपी गई।

  • पात्रता सीमा: किसान के पास अधिकतम 2.5 एकड़ (ढाई एकड़) या उससे कम कृषि भूमि होनी चाहिए।
  • शर्त: किसान स्वयं उस भूमि पर खेती करता हो तथा खेती के अतिरिक्त आय का कोई अन्य स्थायी स्रोत न हो।
  • पंजीकरण एवं सत्यापन: पात्र किसानों ने सतलोक आश्रम धनाना धाम में बायोमेट्रिक/आवेदन सत्यापन पूरा किया, जिसके बाद मांग अनुरूप आपूर्ति स्वीकृत हुई।
  • वितरण का तरीका: सामग्री को विशेष वाहन के माध्यम से सीधे गांव में लाकर पंजीकृत किसानों के सुपुर्द किया गया, जिससे उनका परिवहन व किराए का अतिरिक्त खर्च पूरी तरह बच गया।

गांव निंदाना (महम, रोहतक) में वितरित कृषि सामग्री का विवरण

विवरण / सामग्रीकुल मात्रा / संख्यालाभार्थी पात्रता वर्गवितरण स्तर / शुल्क
लाभार्थी किसान17 पंजीकृत किसान≤ 2.5 एकड़ भूमि धारक100% निशुल्क
यूरिया (Urea Bags)54 बैग (कट्टे)प्रति किसान मांग अनुसार100% निशुल्क
डीएपी (DAP Bags)13 बैग (कट्टे)प्रति किसान मांग अनुसार100% निशुल्क
कृषि दवाई व स्प्रे किट17 संपूर्ण किट (पोटाश, कैल्शियम, कीटनाशक)प्रत्येक किसान को 1 किट100% निशुल्क
वितरण स्थलगांव निंदाना, तहसील महम, जिला रोहतकमौके पर सीधा वितरण₹0 (शून्य लागत)

लाभार्थी किसानों के प्रत्यक्ष अनुभव व बयान

गांव के किसानों ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा उपलब्ध कराई गई इस सहायता पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं:

  • संदीप कुमार (2.5 एकड़ भूमि): “पहले प्राइवेट और सरकारी दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते थे। पैसे देने के बाद भी खाद खत्म हो जाती थी और लंबी लाइनों में खड़े रहकर खाली हाथ लौटना पड़ता था। संत रामपाल जी महाराज ने आज खाद, डीएपी और दवाई तीनों चीजें बिल्कुल मुफ्त हमारे गांव में दी हैं। इससे हमारी ₹4,000 से ₹5,000 की सीधी बचत हुई है और खेती शून्य लागत पर शुरू हो सकी है।”
  • सुरेंद्र कुमार: “हमें 6 कट्टे यूरिया, 1 कट्टा डीएपी, कैल्शियम व जरूरी दवाइयां मिली हैं। बाजार में इसका खर्च लगभग ₹10,000 बैठता। पहले दुकानों पर भारी संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन आज बिना किसी परेशानी के गांव में ही पूरा सामान प्राप्त हो गया।”
  • रमणवीर (1.5 एकड़ भूमि): “मुझे 5 कट्टे यूरिया, 1 डीएपी और कीटनाशक दवाई व पोटाश मिला है। संत रामपाल जी महाराज ने छोटे किसानों को सहारा देने के लिए बहुत बड़ा कार्य किया है।”
  • मनोज कुमार (1 एकड़ धान की खेती): “मुझे यूरिया और दवाइयों की किट मिली है। इस सहायता से धान की फसल की लागत शून्य हो गई है और अच्छी पैदावार की उम्मीद बंधी है।”
  • राजेंद्र कुमार व अन्य ग्रामीण: “पहले दुकानों पर जाने का किराया, समय और खाद का पैसा सब लगता था। संत रामपाल जी महाराज ने घर बैठे सब कुछ निशुल्क उपलब्ध करा दिया। पिछले दिनों खेतों में जलभराव के दौरान भी पाइप और मोटर लगाकर पानी निकलवाने का विशाल कार्य केवल संत रामपाल जी महाराज के द्वारा ही किया गया था, जिसे प्रशासन भी नहीं कर पाया था।”

छोटे किसानों के लिए आवेदन व संपर्क प्रक्रिया

अभियान के प्रतिनिधियों ने बताया कि जो भी जरूरतमंद व सीमांत किसान (ढाई एकड़ या उससे कम भूमि वाले) इस सेवा का लाभ लेना चाहते हैं, वे टोल-फ्री संपर्क सूत्रों (01262-260093 / 01262-2600931 / 932) पर जानकारी ले सकते हैं। इसके बाद सतलोक आश्रम धनाना धाम में आवश्यक विवरण दर्ज कराकर सत्यापन कराया जा सकता है। पात्रता सत्यापन के उपरांत सामग्री सीधे संबंधित गांव में किसान तक पहुंचाई जाती है।

संत रामपाल जी महाराज: कृषक उद्धारक एवं सर्वकल्याणकारी मसीहा

गांव निंदाना के समस्त किसानों व ग्रामीणों ने एक स्वर में संत रामपाल जी महाराज के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। ग्रामीणों का कहना है कि जब देश का छोटा किसान कर्ज, महंगाई और खाद-बीज की किल्लत के बोझ तले दबा हुआ था, तब संत रामपाल जी महाराज ने आगे आकर अन्नदाताओं को वास्तविक जीवनदान दिया है। निस्वार्थ भाव से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े किसान व मजदूर को समर्थ व आत्मनिर्भर बनाने का जो बीड़ा संत रामपाल जी महाराज ने उठाया है, वह अद्वितीय और प्रेरणादायी है। ग्रामीणों ने उन्हें सच्चे अर्थों में जगत उद्धारक और किसानों का सच्चा मसीहा बताते हुए उनके इस लोकहितैषी परोपकार की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

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