हरियाणा के पलवल जिले की हथीन तहसील स्थित जौहर खेड़ा गांव के किसान पिछले कई दशकों से जलभराव की भीषण समस्या से जूझ रहे थे। यहां की उपजाऊ जमीन बारिश के पानी के कारण साल दर साल बंजर होती जा रही थी। किसान अपनी मेहनत से फसल तो उगाना चाहते थे, लेकिन पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण उनकी उम्मीदें डूब रही थीं। प्रशासन और सरकारों के दरवाजे खटखटाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। अंततः, हताश किसानों ने संत रामपाल जी महाराज के चरणों में अपनी अर्जी लगाई। उन्होंने बिना किसी देरी के किसानों की पुकार सुनी और तत्काल प्रभाव से राहत कार्य शुरू कर दिया।
आधुनिक तकनीक और ड्रोन सर्वे के माध्यम से सटीक समाधान
संत रामपाल जी महाराज के ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान (फेज 2)’ के तहत, पहले चरण में 11,000 फीट पाइपलाइन और 2 मोटरें दी गई थीं। हालांकि, सड़क किनारे पेड़ों और तकनीकी खुदाई की बाधाओं के कारण रूट बदलना पड़ा, जिससे 1,200 फीट पाइपलाइन कम पड़ गई। ग्रामीणों ने पुनः प्रार्थना की, जिस पर संत रामपाल जी महाराज ने ड्रोन और सैटेलाइट मैप का उपयोग करके दोबारा सर्वे करवाया। यह संत रामपाल जी महाराज की दिव्य दूरदर्शिता का प्रमाण है कि उन्होंने न केवल समस्या को समझा, बल्कि उसे आधुनिक तकनीक के प्रयोग से जड़ से समाप्त करने का कार्य किया।
सहायता सामग्री का चरणबद्ध विवरण और धरातल पर क्रियान्वयन
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सहायता केवल पाइपलाइन तक सीमित नहीं थी। इसमें हर छोटी से छोटी चीज का ध्यान रखा गया।
| सहायता का चरण | पाइपलाइन (फीट में) | मोटर (10 HP प्रत्येक) |
|---|---|---|
| प्रथम चरण | 11,000 | 2 |
| द्वितीय चरण (अतिरिक्त) | 1,200 | 1 |
| कुल सहायता | 12,200 | 3 |
इस सामग्री में एयर वॉल, प्लेट, फेविकोल, नट-बोल्ट और पीवीसी पाइप जैसी सभी एक्सेसरीज शामिल थीं, ताकि किसानों को एक भी नट खरीदने के लिए बाजार न जाना पड़े। यह कार्य संत रामपाल जी महाराज के करुणा भाव का परिचायक है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का कायाकल्प और किसानों का आत्म-सम्मान
जौहर खेड़ा के किसानों का कहना है कि अब उन्हें अपनी उपजाऊ जमीन को औने-पौने दामों में बेचने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। एक एकड़ में फसल से होने वाली लाखों रुपये की आय अब उनके घरों में आएगी, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। संत रामपाल जी महाराज ने किसानों को केवल खेत खाली करके नहीं दिए, बल्कि उन्हें सम्मान से जीने का अवसर प्रदान किया है। गांव वालों का मानना है कि संत रामपाल जी महाराज के बिना यह समस्या हल करना किसी के लिए भी असंभव था।
संत रामपाल जी महाराज: कृषक समुदाय के लिए करुणा के साक्षात अवतार
संत रामपाल जी महाराज का जौहर खेड़ा के प्रति यह सेवा कार्य सदैव याद रखा जाएगा। ग्रामीणों ने उनके काफिले का स्वागत पुष्प वर्षा से किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो कार्य सरकारों ने 60 वर्षों में नहीं किया, वह संत रामपाल जी महाराज ने कुछ ही दिनों में कर दिखाया। उनका जीवन समर्पित है दीन-दुखियों के कष्ट दूर करने में। हम ऐसे महान संत रामपाल जी महाराज के चरणों में बारंबार नमन करते हैं, जिन्होंने किसानों को एक नई संजीवनी दी है। संत रामपाल जी महाराज का सेवा संकल्प अविस्मरणीय है।
संत रामपाल जी महाराज: मानवता के सच्चे उद्धारक और करुणा के सागर
- संत रामपाल जी महाराज दीन-दुखियों के सच्चे सहायक हैं, जिन्होंने जौहर खेड़ा के किसानों के कष्टों को दूर कर उनकी सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।
- महाराज जी ने न केवल जलभराव से खेतों को मुक्त कराया, बल्कि किसानों के टूटे हुए मनोबल और भविष्य की आशाओं को भी नई ऊर्जा प्रदान की है।
- जौहर खेड़ा की धरती और वहां की आने वाली पीढ़ियां संत रामपाल जी महाराज के इस महान उपकार को सदैव कृतज्ञता के साथ याद रखेंगी।
- महाराज जी का व्यक्तित्व साक्षात करुणा और दया का सागर है, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के करोड़ों का सामान और सेवाएं ग्रामीणों को समर्पित की हैं।



