Last Updated on 21 August 2025 IST: National Sports Day India 2025 (राष्ट्रीय खेल दिवस): आज 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी का जन्म दिन है। उनके जन्मदिन को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद का खेल खेलने का तरीका ऐसा था कि पूरी दुनिया उनकी ओर हैरत से देखती थी । उनके आगे अच्छे – अच्छे खिलाड़ियों का पसीना छूट जाता था । सबसे बड़ी बात तो यह है कि ध्यानचंद (दद्दा) ने ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था । पाठक गण जानेंगे कि लख चौरासी के खेल में कैसे जीत प्राप्त करें ?
National Sports Day India 2025 के मुख्य बिंदु
1. तारीख और महत्व
- राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त 2025, शुक्रवार को मनाया जाएगा
- मेजर ध्यानचंद की जयंती पर आधारित आयोजन
2. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- 1905 में जन्मे मेजर ध्यानचंद
- 1928, 1932, 1936 ओलंपिक में लगातार तीन स्वर्ण पदक
- 2012 से आधिकारिक रूप से मनाया जा रहा है
3. खास पहल
- भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में सक्रिय तैयारी
4. खेलो भारत नीति 2025 (मंजूरी: 1 जुलाई 2025)
- वैश्विक स्तर पर पदक
- खेल से आर्थिक-सामाजिक विकास
- शिक्षा में खेल का एकीकरण
- खेल को जन-आंदोलन बनाना
- सभी के लिए अवसर
5. प्रमुख फोकस
- खेल विज्ञान और डेटा-आधारित प्रशिक्षण
- आधुनिक ढांचा और बुनियादी सुविधाएं
- निजी निवेश और साझेदारी
- खिलाड़ियों का कल्याण और करियर सुरक्षा
6. बिहार की उपलब्धि
- बिहार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (राजगीर) IIRF 2025 में चौथे स्थान पर
- महिला कबड्डी विश्व कप 2025 और खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 की मेजबानी
7. मुख्य आयोजन
- ‘मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय खेल महोत्सव 2025’—250+ स्थानों पर, नारा “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत”
- जयपी एक्सट्रावैगेंज़ा 2025 मल्टी-स्पोर्ट इवेंट
- आंध्र प्रदेश: कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स राज्यस्तरीय मुकाबले
- प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी: 13 अगस्त से रस्साकशी, शतरंज, थ्रोबॉल
- 28 अगस्त: 13वें इंडियन स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स, फिटनेस ड्राइव, मैराथन, वेबिनार
8. भागीदारी के तरीके
- स्थानीय खेल आयोजन में शामिल होना
- फिटनेस गतिविधियां जैसे योग, साइक्लिंग
- सोशल मीडिया (#NationalSportsDay2025, #KheloBharat) से जुड़ना
राष्ट्रीय खेल दिवस 2025: खेल, जोश और जीत का जश्न
29 अगस्त 2025, शुक्रवार—देश खेलों के असली जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद करेगा। 1905 में पैदा हुए ध्यानचंद ने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में भारत को लगातार तीन स्वर्ण पदक दिलाए। 2012 से हर साल यह दिन सिर्फ यादगार नहीं, बल्कि खेलों के जरिए फिटनेस, अनुशासन और एकता का पैगाम देने का मौका बन गया है। इस बार खास बात यह है कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के सपने को साकार करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
National Sports Day India 2025: हॉकी के जादूगर के कुछ जीवन पल
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ‘दद्दा’ का जन्म उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद में 29 अगस्त 1905 में हुआ था। दद्दा ने अपने खेल जीवन काल में 400 से भी अधिक गोल किए और वे विश्व के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने। 1922 की बात है केवल 16 साल की उम्र में ही ध्यानचंद ब्राह्मण रेजिमेंट में भर्ती हुए। ध्यानचंद जी जब सेना में भर्ती हुए थे तब तक उनके मन में हॉकी खेल के प्रति कोई लगाव नहीं था।
रेजिमेंट के सूबेदार मेजर तिवारी जी ने ध्यानचंद को हॉकी के लिए प्रेरित किया फिर उसके बाद ध्यानचंद जी हॉकी के प्रति आगे बढ़े और ऐसे बढे कि भारत देश का नाम बहुत आगे कर गए। ध्यानचंद ने 1928,1932 और 1936 में देश को हॉकी में स्वर्ण पदक दिलाया। दद्दा जी भारतीय हॉकी टीम के कप्तान भी रहे। ध्यानचंद को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सन् 1956 में पद्मभूषण दिया गया था। खेल प्रेमियों द्वारा ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग बार-बार उठाई गई है।
National Sports Day 2025 India: क्या खूब खिलाड़ी थे ध्यानचंद
- मेजर ध्यानचंद के बारे में यह कहा जाता है कि जब भी वह हॉकी खेलते थे और गेंद उनके पास रहती थी तब उनसे गेंद छीनना बड़े से बड़े खिलाड़ी के लिए भी बहुत कठिन काम था ।
- अच्छे – अच्छे खिलाड़ियों के पसीने छूट जाते थे ।
- वे बॉल को इस तरह अपनी हॉकी से चिपकाकर रखते थे कि लोग हैरत में पड़ जाते थे ।
- लोगों के मन में भ्रम था कि वह कोई जादू जानते है जिससे गेंद उनके ही पास रहती है ।
- इसको देखते हुए नीदरलैंड में अधिकारियों ने ध्यानचंद का हॉकी स्टिक तोड़ कर जांचा था कि कहीं उनके हॉकी में कोई ऐसी चीज तो नहीं है जो गेंद को चिपकाकर रखती है ।
Theme for National Sports Day 2025 | राष्ट्रीय खेल दिवस की थीम
राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 की थीम फिलहाल घोषित नहीं हुई है। 2024 में इसकी थीम थी: “शांतिपूर्ण और समावेशी समाजों के संवर्धन के लिए खेल”। इस थीम के तहत, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने पेरिस ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने वाले नए एथलीट्स को शामिल किया है। फिट इंडिया अभियान के हिस्से के रूप में भी इस दिन को मनाया जाएगा।
■ Also Read: World Sports Day: How to Play Sports of Human Life?
बिहार का तगड़ा उभार
राजगीर की बिहार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ने खुलने के सिर्फ 9 महीने में IIRF 2025 में चौथा स्थान झटक लिया। और यही नहीं—बिहार इस साल महिला कबड्डी विश्व कप और खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है। साफ है, बिहार अब खेल नक्शे पर तेज़ी से उभर रहा है।
इंसान अटका है जन्म मरण के खेल में
मानव जन्म बार बार नहीं मिलता है । इसका मुख्य उद्देश्य है परमात्मा की सतभक्ति करना और मोक्ष पाकर जन्म मरण के चक्कर रूपी खेल से मुक्त होना । इस नाशवान संसार में धन, दौलत, पद, इज्जत पाकर इंसान समझता है सब कुछ पा लिया। हम 84 लाख योनियों में भटक रहे है युगों – युगों से, इस जन्म मरण के खेल ने हमें अटका रखा है। यदि हम इस जन्म मरण के खेल से मुक्ति पा ले तब मानो की हम सब कुछ जीत गए। इसलिए इसके साथ साथ हमें पूर्ण परमात्मा की सतभक्ति करना चाहिए। तभी हम अविनाशी सुख को पा सकते है।
राष्ट्रीय खेल पुरुस्कार समारोह
हमारे देश में हर वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। यह वह दिन है जिस दिन को खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इसी दिन राष्ट्रीय खेल पुरस्कार भी दिए जाते हैं। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुख्य समारोह का आयोजन राष्ट्रपति भवन में किया जाएगा, जहां राष्ट्रपति द्वारा प्रमुख खेल पुरस्कार जैसे मेजर ध्यान चंद खेल रत्न पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार, और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इस दिन देशभर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं, फिटनेस चुनौतियां, और खेल से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें लोग भाग ले सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार (National Sports Day) की सबसे मुख्य बात बता दें
- इस वर्ष पांच खिलाड़ियों को सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही 27 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड दिए जाने है ।
- राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों में क्रिकेटर रोहित शर्मा भी शामिल हैं।
- उनके अलावा पहलवान विनेश फोगाट, टेबिल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा, महिला हॉकी कप्तान रानी रामपाल और पैरालंपियन मरियाप्पन थांगावेलु शामिल हैं ।
लख चौरासी के खेल से जीत केवल सतभक्ति से प्राप्त कर सकते है
यह बहुत बड़ा रोग है जन्म मरण, इसके चक्कर में हम फँसे पड़े हैं। बहुत ही कष्ट सहन कर रहे हैं और करते आ रहे हैं। इस खेल से यदि मुक्ति नहीं मिलती तो हम पल-पल दुःख दर्द झेलते रहते हैं। अंत में याद आते हैं परमात्मा जब सब कुछ लुट चुका होता है।
पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब कहते है:-
अच्छे दिन पीछे गए, गुरु से किया न हेत ।
अब पछताए क्या करे, जब चिड़िया चुग गई खेत ।।
कबीर साहेब जी समझा रहे हैं कि यदि समय रहते मनुष्य सतभक्ति नहीं करता है फिर अंत में पछताने के अलावा कुछ नहीं रहता है। इसलिए सच्चे सद्गुरु की शरण में जाकर जन्म – मरण के खेल को समझ कर इस पर जीत प्राप्त करना ही मुख्य कार्य है।
वर्तमान में एकमात्र तत्वज्ञान संत रामपाल जी महाराज
वर्तमान में यह तत्वज्ञान केवल पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी ही प्रदान कर रहे हैं। पूरे विश्व में वही केवल तत्वज्ञानी संत हैं जिसका प्रमाण श्रीमद्भगवत गीता जी 15:1-4,16,17 में है। मानव समाज को अपने दैनिक कार्यों के साथ में संत जी की शरण में आकर और आध्यात्मिक ज्ञान को समझ कर अपना कल्याण करवाना अति आवश्यक और महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 FAQs
– राष्ट्रीय खेल दिवस भारत में हर साल 29 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद ने भारतीय हॉकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई थी, और यह दिन उनकी स्मृति में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
– मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के एक महान खिलाड़ी थे, जिन्हें “हॉकी का जादूगर” कहा जाता है। उन्होंने अपने करियर में 400 से अधिक गोल किए और भारत को 1928, 1932, और 1936 के ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक दिलाया। उनकी हॉकी में अद्वितीय कौशल के कारण उन्हें 1956 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।
– इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस पर प्रधानमंत्री ने फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत की है। इस दिन राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
– इस वर्ष 2025 में राष्ट्रीय खेल दिवस की थीम अभी घोषित नहीं हुई है। 2024 में राष्ट्रीय खेल दिवस की थीम ‘शांतिपूर्ण और समावेशी समाजों के संवर्धन के लिए खेल’ है। इस थीम के तहत, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने पेरिस ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने वाले नए एथलीट्स को शामिल किया है। फिट इंडिया अभियान के हिस्से के रूप में भी इस दिन को मनाया जाएगा।
– मेजर ध्यानचंद के खेल कौशल के बारे में कहा जाता है कि जब भी वे खेलते थे, तो गेंद उनसे छीनना बड़े से बड़े खिलाड़ी के लिए भी मुश्किल होता था। एक बार नीदरलैंड के अधिकारियों ने उनकी हॉकी स्टिक को तोड़कर यह जांचा कि कहीं उसमें कोई चुम्बक तो नहीं है जो गेंद को चिपकाकर रखती है।
– हालांकि मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग कई बार उठाई गई है, लेकिन उन्हें अब तक यह सम्मान नहीं मिला है। खेल प्रेमियों द्वारा लगातार इस मांग को उठाया जा रहा है।