रूस में WhatsApp, YouTube और Facebook ब्लॉक; 10 करोड़ यूजर्स के लिए देसी ऐप की तैयारी

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रूस में कई प्रमुख अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच अचानक बंद हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, WhatsApp, YouTube, Instagram और Facebook जैसी सेवाओं के डोमेन नाम रूस के राष्ट्रीय डोमेन नेम सिस्टम (DNS) से हटा दिए गए हैं, जिसके बाद ये प्लेटफॉर्म देश के भीतर काम नहीं कर रहे हैं। इससे पहले पुतिन सरकार ने Telegram पर रोक लगाई थी। द कैस्पियन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस करीब 10 करोड़ WhatsApp यूजर्स को देसी और अधिक सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने की तैयारी कर चुका है। यह कार्रवाई ‘सॉवरेन इंटरनेट’ कानून के तहत की जा रही है।

रूस में सोशल मीडिया बैन: प्रमुख बिंदु

  • WhatsApp, YouTube, Instagram और Facebook रूस में काम नहीं कर रहे हैं।
  • इन प्लेटफॉर्म्स के डोमेन राष्ट्रीय DNS सिस्टम से हटा दिए गए हैं।
  • यूजर्स को “डोमेन मौजूद नहीं है” जैसे एरर मैसेज दिखाई दे रहे हैं।
  • इससे पहले Telegram पर प्रतिबंध लगाया गया था।
  • BBC, Deutsche Welle, Radio Free Europe/Radio Liberty और Tor Browser भी प्रभावित हैं।
  • Roskomnadzor ‘सॉवरेन इंटरनेट’ कानून के तहत निगरानी कर रहा है।
  • द कैस्पियन पोस्ट के अनुसार, करीब 10 करोड़ यूजर्स को देसी प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने की तैयारी है।
  • 2021 से Google DNS जैसी वैकल्पिक DNS सेवाओं पर भी पाबंदियां लगाई जा रही हैं।

Telegram पर रोक के बाद बढ़ी कार्रवाई

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार को रूस ने लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप Telegram पर रोक लगा दी थी। रूस की नियामक संस्था Roskomnadzor ने सुरक्षा का हवाला देते हुए यह फैसला लिया था। इसके बाद अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सरकार चाहती है कि रूसी नागरिक सरकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल शुरू करें। इसी क्रम में कई प्रमुख विदेशी प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच सीमित या समाप्त कर दी गई है।

राष्ट्रीय DNS सिस्टम से हटाए गए डोमेन

रूस में WhatsApp, YouTube, Instagram और Facebook के डोमेन नाम राष्ट्रीय डोमेन नेम सिस्टम (DNS) से हटा दिए गए हैं। इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के लिए इस राष्ट्रीय DNS सिस्टम का इस्तेमाल करना अनिवार्य है। यह सिस्टम Roskomnadzor नामक सरकारी एजेंसी की निगरानी में काम करता है।

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पहले कुछ प्लेटफॉर्म्स की स्पीड धीमी कर दी जाती थी, लेकिन इस बार स्थिति अलग बताई जा रही है। मौजूदा कदम के तहत ये वेबसाइटें पूरी तरह “अदृश्य” हो गई हैं। जब कोई यूजर इन साइट्स को खोलने की कोशिश करता है तो सिस्टम संबंधित IP एड्रेस खोज नहीं पाता, जिसके परिणामस्वरूप स्क्रीन पर एरर मैसेज दिखाई देता है कि ऐसा डोमेन मौजूद नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया वेबसाइट्स भी प्रभावित

रूसी मीडिया और अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक सीमित नहीं है। कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की वेबसाइट्स भी प्रभावित हुई हैं। इनमें शामिल हैं:

  • BBC
  • Deutsche Welle
  • Radio Free Europe/Radio Liberty

इसके अलावा, गुमनाम ब्राउजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला Tor Browser भी ब्लॉक कर दिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे रूस में रहने वाले लोग कई वैश्विक सेवाओं और खबरों के स्रोतों से दूर हो गए हैं।

‘सॉवरेन इंटरनेट’ कानून के तहत नियंत्रण

रूस में इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को देश के राष्ट्रीय DNS सिस्टम का इस्तेमाल करना अनिवार्य है। यह व्यवस्था ‘सॉवरेन इंटरनेट’ कानून के तहत लागू की गई है, जिसकी निगरानी Roskomnadzor करता है। इस कानून का उद्देश्य इंटरनेट कंट्रोल को लागू करना बताया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 से ही रूस ने Google DNS जैसी वैकल्पिक DNS सेवाओं के उपयोग को धीरे-धीरे सीमित करना शुरू कर दिया था। ताजा कदम को इंटरनेट नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा और कड़ा फैसला माना जा रहा है।

WhatsApp पर पहले से लगी थीं पाबंदियां

रूस में पहले से ही WhatsApp की कई सेवाओं पर प्रतिबंध लगा हुआ है। पिछले साल WhatsApp और Telegram की कॉलिंग फीचर पर रोक लगा दी गई थी। इसके अलावा, दिसंबर में Apple के FaceTime और Snapchat को भी देश में बैन कर दिया गया था।

अब मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि रूस WhatsApp को पूरी तरह बैन करने की तैयारी कर चुका है। यूक्रेन से युद्ध के कारण अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह कदम उठाया जा रहा है।

10 करोड़ यूजर्स के लिए देसी ऐप की तैयारी

द कैस्पियन पोस्ट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस अपने देश में करीब 10 करोड़ WhatsApp यूजर्स को देसी और अधिक सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने की मंशा रखता है। रिपोर्ट के अनुसार, WhatsApp को ब्लॉक करने की कोशिश भी की जा चुकी है।

रूस का मानना है कि अपने देश के नागरिकों को प्राइवेट और अधिक सुरक्षित तकनीकी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना आज के समय की जरूरत है। सरकार की यह कार्रवाई विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और मीडिया आउटलेट्स की पहुंच को लगभग खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

रूस में डिजिटल पहुंच पर बदलता परिदृश्य

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच अचानक बंद हो गई है। पहले जहां ट्रैफिक धीमा करने जैसी पाबंदियां लगाई जाती थीं, वहीं अबकी बार प्लेटफॉर्म्स पूरी तरह अनुपलब्ध हो गए हैं।

डोमेन को राष्ट्रीय DNS सिस्टम से हटाने के बाद यूजर्स के सिस्टम संबंधित IP एड्रेस नहीं ढूंढ पा रहे हैं। इसके कारण स्क्रीन पर “डोमेन मौजूद नहीं है” जैसे संदेश दिखाई दे रहे हैं। इस स्थिति को रूस में इंटरनेट नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

FAQs on Social Media Ban in Russia

1. रूस में किन प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया है?


WhatsApp, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram, BBC, Deutsche Welle, Radio Free Europe/Radio Liberty और Tor Browser प्रभावित हैं।

2. प्लेटफॉर्म्स काम क्यों नहीं कर रहे हैं?


इनके डोमेन राष्ट्रीय DNS सिस्टम से हटा दिए गए हैं, जिससे सिस्टम IP एड्रेस नहीं ढूंढ पा रहा है।

3. इस प्रक्रिया की निगरानी कौन कर रहा है?


Roskomnadzor ‘सॉवरेन इंटरनेट’ कानून के तहत निगरानी कर रहा है।

4. क्या WhatsApp पहले भी प्रतिबंधित था?


पिछले साल WhatsApp और Telegram की कॉलिंग फीचर पर रोक लगाई गई थी।

5. 10 करोड़ यूजर्स को लेकर क्या तैयारी है?


द कैस्पियन पोस्ट के अनुसार, रूस उन्हें देसी और अधिक सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने की तैयारी कर चुका है। 

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