छह दशकों से हरियाणा के झज्जर जिले के खापड़वास गांव की कृषि भूमि और निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा होने के कारण जनजीवन और कृषि व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित थी। दशकों तक प्रशासन से की गई अपीलों के बावजूद केवल झूठे आश्वासन मिलते रहे और किसान हर वर्ष फसल बर्बादी का सामना करते रहे। अपनी पूर्ण असहायता के समय खापड़वास की ग्राम पंचायत ने अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज़ 2 के अंतर्गत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की शरण ली। अद्वितीय दिव्य दूरदर्शिता, गति और करुणा का प्रदर्शन करते हुए संत रामपाल जी महाराज ने चरणबद्ध एवं व्यवस्थित तरीके से स्थायी समाधान उपलब्ध कराया और दशकों की पीड़ा को खुशी में बदल दिया।
गांव की वर्तमान स्थिति
हरियाणा के झज्जर जिले के मातनहेल ब्लॉक में स्थित खापड़वास गांव वर्ष 1964 से ही बारिश के पानी के जमा होने की गंभीर समस्या से जूझ रहा था।
- लगातार जमा रहने वाला बारिश का पानी निचले क्षेत्रों और उपजाऊ कृषि भूमि को डुबो देता था, जिससे स्थानीय किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता था।
- दशकों के दौरान लगातार सरकारें और प्रशासन बदलते रहे, लेकिन किसी भी प्राधिकरण ने गांव के लिए स्थायी जल निकासी व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई।
- किसानों को लगातार फसल बर्बाद होने का डर बना रहता था और अतिरिक्त बाढ़ के पानी को पास की जवाहर लाल नेहरू (JLN) फीडर नहर तक पहुंचाने के लिए कोई समर्पित मार्ग उपलब्ध नहीं था।
ग्रामीणों की भावपूर्ण प्रार्थना
अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज़ 2 के अंतर्गत किए जा रहे व्यापक राहत कार्यों के बारे में जानकारी मिलने के बाद गांव के बुजुर्गों और प्रतिनिधियों ने 13 जून को संत रामपाल जी महाराज के समक्ष विनम्र लिखित प्रार्थना प्रस्तुत की। प्रारंभिक ग्राउंड सर्वे के बाद गांव की आवश्यकताओं की पहचान की गई:
- 8 इंच की 7,000 फीट उच्च गुणवत्ता वाली ड्रेनेज पाइपलाइन
- एक 20 HP हैवी-ड्यूटी मोटर
- एक 10 HP हैवी-ड्यूटी मोटर
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सहायता
संत रामपाल जी महाराज के दिव्य आदेश पर 13 जून की शाम को ही तत्काल सर्वे टीम भेजी गई। 14 जून तक 8 इंच की उच्च गुणवत्ता वाली 7,000 फीट PVC पाइप गांव में पहुंच गई। ग्रामीणों को मोटर स्थापित करने और पाइपलाइन बिछाने के संबंध में संपूर्ण निर्देश दिए गए।
ग्रामीणों ने JCB की सहायता से 4 फीट गहरी खाइयां खोदीं और JLN नहर तक जाने वाली पूरी 7,000 फीट पाइपलाइन को भूमिगत बिछा दिया। कार्य पूरा होने के बाद पुनः सर्वे टीम ने भूमिगत पाइपलाइन का निरीक्षण किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह सभी तकनीकी मानकों के अनुरूप है। संत रामपाल जी महाराज द्वारा पुनः सर्वे रिपोर्ट को स्वीकृति दिए जाने के बाद मोटर और फिटिंग ग्राम पंचायत को भेजकर सौंप दी गईं:
- एक 20 HP हैवी-ड्यूटी मोटर (क्रॉम्पटन मेक)
- एक 10 HP हैवी-ड्यूटी मोटर (क्रॉम्पटन मेक)
- दोनों मोटरों के लिए L&T स्टार्टर पैनल
- 20 फीट की सक्शन होज (सुंडिया), PVC पाइप, कनेक्टिंग वायर, आयरन बेंड, रिड्यूसर सॉकेट क्लैंप, एयर वाल्व, रोड-क्रॉसिंग फिटिंग, रबर जॉइन्टर, सॉल्वेंट एडहेसिव तथा स्टील के नट और बोल्ट
सभी सामग्री पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई गई और खापड़वास गांव को स्थायी रूप से प्रदान की गई, जिससे किसानों पर किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।
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व्यवस्थित सर्वे, पुनः सर्वे और कार्यान्वयन प्रक्रिया
अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज़ 2 के अंतर्गत प्रदान की गई बाढ़ राहत अपनी व्यवस्थित और सावधानीपूर्वक कार्यान्वयन प्रक्रिया के लिए विशेष रही। संत रामपाल जी महाराज के निर्देशों के अनुसार सहायता चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से प्रदान की गई:
- प्रारंभिक ग्राउंड सर्वे: प्रार्थना-पत्र प्राप्त होने के बाद सर्वे टीम ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का सत्यापन किया और 8 इंच की 7,000 फीट पाइप की स्वीकृति दी।
- भूमिगत पाइपलाइन बिछाना: स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ग्रामीणों द्वारा 7,000 फीट पाइप को 4 फीट की गहराई पर JLN नहर तक भूमिगत बिछाने के बाद मोटर उपलब्ध कराई जाएंगी।
- पुनः सर्वे सत्यापन: ग्रामीणों द्वारा भूमिगत पाइपलाइन बिछाने और दो समर्पित कनेक्शन पॉइंट बनाने के बाद सर्वे टीम ने स्थल की व्यवस्था का दोबारा निरीक्षण किया।
- मोटर एवं सहायक सामग्री सौंपना: पुनः सर्वे रिपोर्ट के सत्यापन के बाद दोनों क्रॉम्पटन मोटर और ऊपर से नीचे तक आवश्यक प्रत्येक सहायक सामग्री ग्राम पंचायत को सौंप दी गई।
ग्रामीणों की जुबानी
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और अपने प्रत्यक्ष अनुभव साझा किए:
- पंचायत प्रतिनिधि: “संत रामपाल जी ने हमें 7,000 फीट पाइप दिया… हमने JCB की मदद से लगभग 350 पाइपों को करीब 4 फीट गहराई पर JLN नहर तक भूमिगत बिछाया। उन्होंने एयर वाल्व और रोड-क्रॉसिंग फिटिंग भी उपलब्ध कराई। दोनों मोटर चलने के बाद हमारी 80% जल निकासी की समस्या हल हो जाएगी।”
- ग्राम पंचायत सदस्य: “हमारे बुजुर्ग 13 जून को अरदास लेकर गए थे। 13 जून की शाम तक ही सर्वे टीम पहुंच गई—जो कोई सरकार नहीं कर सकी। 14 जून को पाइप पहुंच गए… हमसे एक भी रुपया नहीं लिया गया। हम 1964 से इस संकट से जूझ रहे थे। संत रामपाल जी महाराज हमारे लिए भगवान की तरह आए।”
- स्थानीय निवासी: “वे स्वयं भगवान की तरह कार्य कर रहे हैं। किसानों की सहायता करना बहुत अच्छा कार्य है।”
संत रामपाल जी महाराज की दिव्य महिमा
खापड़वास गांव की 60 वर्ष पुरानी जलभराव की समस्या का इतनी शीघ्रता से समाधान होना इस बात का प्रमाण है कि जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज सच्चे किसान मसीहा और विश्व उद्धारक हैं। जहां दुनिया की सरकारें और प्रशासनिक व्यवस्थाएं देरी और अंतहीन कागजी कार्यवाही के कारण विफल हो जाती हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज तत्काल दिव्य करुणा के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण आजीविका की रक्षा और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहे हैं।
वे तत्वदर्शी संत, वर्तमान समय में पृथ्वी पर एकमात्र पूर्ण संत और पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब के सच्चे प्रतिनिधि हैं, जो निःस्वार्थ सेवा के साथ मानवता को सच्ची आध्यात्मिक भक्ति के मार्ग की ओर ले जा रहे हैं।



