कबीर परमेश्वर निर्वाण दिवस कार्यक्रम हुआ संपन्न, लाखों लोगों ने की शिरकत

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Kabir Parmeshwar Nirvana Diwas Update: 505वें कबीर परमेश्वर निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में भारत समेत नेपाल के 9 सतलोक आश्रमों में संत रामपाल जी महाराज के संचालन में तीन दिवसीय कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिसमें अखंड पाठ और अखंड भंडारा हुआ। साथ ही सामाजिक कुरीति जैसे दहेज प्रथा के खात्मा के लिए दहेज मुक्त विवाह और सामाजिक सेवा को ध्यान में रखते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। आइये जानते हैं कबीर परमेश्वर के निर्वाण दिवस पर हुए कार्यक्रमों को विस्तार से।

Table of Contents

Kabir Parmeshwar Nirvana Diwas Update: मुख्य बिंदु

  • 505वें कबीर परमेश्वर निर्वाण दिवस का तीन दिवसीय कार्यक्रम संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ।
  • निर्वाण दिवस कार्यक्रम के दूसरे दिन हुआ दहेज मुक्त विवाह कार्यक्रम का आयोजन।
  • रक्तदान महादान को ध्यान में रखते हुए रक्तदान शिविर लगाया गया जिसमें कई लोगों ने किया रक्तदान
  • अखंड भण्डारे में किया गया पूरे विश्व को आमंत्रित।

Kabir Parmeshwar Nirvana Diwas: सतलोक आश्रम रोहतक में सफल हुआ विशाल भंडारा

कबीर परमेश्वर का 505वां निर्वाण दिवस, हरियाणा के सतलोक आश्रम रोहतक (Satlok Ashram Rohtak) में 30, 31 जनवरी और 1 फरवरी को तीन दिवसीय कार्यक्रम के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर तीन दिवसीय संत गरीबदास जी महाराज के सद्ग्रंथ साहिब (अमरग्रंथ) का अखंड पाठ हुआ और तीन दिवसीय धर्म भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें विश्व के सभी लोगों को आमंत्रित किया गया था। 

साथ ही कबीर साहेब जी के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य पर संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में सामाजिक कुरीति जैसे दहेज प्रथा के खात्मा के लिए कई दहेज मुक्त विवाह-रमैनी (Dowry Free Marriages-Ramaini) भी संपन्न हुईं जिसमें एक रुपये का भी दहेज का लेनदेन नहीं किया गया। इसके अलावा समाज सेवा के मद्देनजर रक्तदान शिविर (Blood Donation Camp) भी लगाया गया, जिसमें कई युनिट रक्तदान किया गया।


कबीर साहेब का 505वां निर्वाण दिवस मनाया गया सतलोक आश्रम भिवानी में

कबीर साहेब जी का निर्वाण दिवस हरियाणा के सतलोक आश्रम भिवानी (Satlok Ashram Bhiwani) में मनाया गया। इस उपलक्ष्य में तीन दिवसीय अखंड पाठ, तीन दिवसीय धर्म भंडारे, सत्संग का आयोजन किया गया जिसमें सभी को आमंत्रित किया गया था। 

इसके अलावा कबीर परमेश्वर के निर्वाण दिवस (Kabir Parmeshwar Nirvana Diwas) के अवसर पर दहेज प्रथा को जड़ से खत्म करने के लिए सैकड़ों दहेज मुक्त विवाह (रमैनी) भी संपन्न हुए और रक्तदान शिविर भी लगाया गया जिसमें कई अनुयायियों ने रक्त दान किया गया। 


देश की राजधानी में स्थित सतलोक आश्रम मुंडका में भंडारे में पहुंचे लाखों आदमी

भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित सतलोक आश्रम मुंडका (Satlok Ashram Mundka) में भी तीन दिवसीय कबीर परमेश्वर निर्वाण दिवस कार्यक्रम मनाया गया, जोकि 1 फरवरी को सम्पन्न हुआ। जिसमें दहेज मुक्त विवाह (रमैनी) का भी आयोजन हुआ।


सतलोक आश्रम कुरुक्षेत्र में हुआ भंडारे का सफल आयोजन

30, 31 जनवरी और 1 फरवरी को कबीर परमेश्वर का 505वां निर्वाण दिवस सतलोक आश्रम कुरुक्षेत्र, हरियाणा (Satlok Ashram Kurukshetra, Haryana) में मनाया गया। इस अवसर पर तीन दिवसीय अखंड पाठ, तीन दिवसीय धर्म भंडारे, सत्संग, दहेज मुक्त विवाह (रमैनी), रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। 

संत रामपाल जी महाराज के संचालन में हुए कबीर परमेश्वर के निर्वाण दिवस (Kabir Parmeshwar Nirvana Diwas) के अवसर पर सैकड़ों जोड़ों के दहेज मुक्त विवाह संपन्न हुए और कई युनिट रक्त दान (Blood Donate) किया गया। 


कबीर परमेश्वर निर्वाण दिवस पर सतलोक आश्रम सोजत में लगा जमावड़ा

संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में राजस्थान के पाली जिले में स्थित सतलोक आश्रम सोजत (Satlok Ashram Sojat) में कबीर परमेश्वर के निर्वाण दिवस का तीन दिवसीय कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस उपलक्ष्य पर तीन दिन अमरग्रंथ का अखंड पाठ हुआ जिसकी अमर वाणी तीन दिन तक गूँजी। तीन दिन का विशाल धर्म भंडारा हुआ जिसमें विश्व के सभी लोगों को आमंत्रित किया गया था। यहाँ बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ देखने को मिली। 

वहीं सैकड़ो दहेज मुक्त विवाह, कई युनिट रक्तदान भी हुआ। कबीर साहेब जी के 505वें निर्वाण दिवस कार्यक्रम (Kabir Parmeshwar Nirvana Diwas) के अंतिम दिन यानी 01 फरवरी को सत्संग का भी आयोजन हुआ, जिसमें संत रामपाल जी महाराज ने कबीर परमेश्वर की मगहर लीला (Maghar Leela) को विस्तार पूर्वक बताया।


तीन दिवसीय निर्वाण दिवस का हुआ सफल आयोजन सतलोक आश्रम शामली में

सतलोक आश्रम शामली, उत्तरप्रदेश (Satlok Ashram Shamli) में 30, 31 जनवरी व 1 फरवरी को कबीर परमेश्वर का 505वां निर्वाण दिवस (Kabir Parmeshwar Nirvana Diwas) विशाल स्तर पर मनाया गया। इस अवसर पर अखंड पाठ, विशाल भंडारे, सद्ग्रथों से प्रमाणित सत्संग, दहेज मुक्त विवाह, रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। संत रामपाल जी महाराज के संचालन में हुए कबीर साहेब जी के निर्वाण दिवस के अवसर पर सैकड़ों जोड़ों की दहेज मुक्त शादियाँ (रमैनी) संपन्न हुईं और कई अनुयायियों ने रक्त दान भी किया।


सतलोक आश्रम धुरी में हुआ तीन दिवसीय भंडारे का सफल आयोजन

पंजाब के संगरूर जिले के सतलोक आश्रम धुरी (Satlok Ashram Dhuri) में संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में कबीर परमेश्वर का 505वां निर्वाण दिवस कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान अखंड पाठ, अखंड भंडारा, दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए दहेज मुक्त विवाह, समाज सेवा के मद्देनजर रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ा।


सतलोक आश्रम खमाणों में भंडारे में पहुंचे लाखों लोग

कबीर परमेश्वर निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य पर तीन दिवसीय कार्यक्रम सतलोक आश्रम खमाणों, पंजाब (Satlok Ashram Khamano, Punjab) में मनाया गया जिसमें तीन दिवसीय अखंड भण्डारे का आयोजन हुआ। इस धर्म भण्डारे में सभी लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से आमंत्रित किया गया था। इस दौरान संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों समेत कई अन्य लोग भी पहुँचे। इस दौरान दहेज मुक्त विवाह (रमैनी) भी सम्पन्न हुए जोकि समाज में एक मिसाल कायम कर रहे है। साथ ही सैकड़ों युनिट रक्तदान भी हुआ।


नेपाल में भी हुआ अद्भूत विशाल तीन दिवसीय भंडारा

भारत से बाहर पड़ोसी देश सतलोक आश्रम धनुषा, नेपाल (Satlok Ashram Dhanusha, Nepal) में भी कबीर साहेब का निर्वाण दिवस मनाया गया। इस दौरान यहाँ भी अखंड पाठ, अखंड भण्डारे, दहेज मुक्त विवाह, रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। 


संत रामपाल जी महाराज की शिक्षा का प्रभाव

505वां कबीर परमेश्वर निर्वाण दिवस संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में 9 सतलोक आश्रमों में उनके अनुयायियों द्वारा मनाया गया जो समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि लाखों लोगों के एक स्थान पर रहने, खाने, सोने, रजाइयों आदि की व्यवस्था करना आम बात नहीं है। सन्त रामपाल जी महाराज के सत्संग का प्रभाव ऐसा होता कि समागमों में बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम देखने को मिलता है। 

अनेकों सेवादार निष्काम भाव से आश्रमों में सेवा में दिन रात लगे होते हैं जोकि संत रामपाल जी महाराज की दी गई शिक्षा के आधार पर सेवा देते हैं। सन्त रामपाल जी महाराज ने सत्संगों में मनुष्य जीवन के मूल उद्देश्य एवं समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया हैं। उनके सत्संगों से प्रेरित होकर ही उनके अनुयायियों द्वारा रक्तदान, देहदान एवं दहेज मुक्त विवाह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए Satlok Ashram यूट्यूब चैनल देखें।

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