Phase II किसान मज़दूर बचाओ अभियान अभियान: हरियाणा के गांव वनवासा, सोनीपत को संत रामपाल जी महाराज से 60 साल पुरानी जलभराव समस्या से मिली निजात 

Published on

spot_img

हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव वनवासा में दशकों से चली आ रही जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। किसान मज़दूर बचाओ अभियान के तहत तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित Phase II बाढ़ राहत सेवा अभियान के अंतर्गत गांव में जल निकासी व्यवस्था विकसित करने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या लगभग छह दशकों से कृषि भूमि को प्रभावित कर रही थी, जिससे बार-बार फसल नुकसान और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ग्राम पंचायत की प्रार्थना के बाद सर्वेक्षण किया गया और 7,000 फीट पाइपलाइन सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे गांव में जल निकासी की व्यवस्था विकसित की जा सके।

पूर्व में बाढ़ राहत संबंधी सहायता अभियानों तथा अन्नपूर्णा मुहिम के तहत संत रामपाल जी महाराज द्वारा किए गए सेवा कार्यों के बाद Phase II अभियान के माध्यम से किसानों की जलभराव और निकासी संबंधी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गांव वनवासा के ग्रामीणों ने पीढ़ियों से चली आ रही इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना की थी।

मुख्य बिंदु: गांव वनवासा जलभराव राहत 

  • गांव वनवासा, सोनीपत लगभग 60 वर्षों से जलभराव की समस्या से प्रभावित था।
  • ग्रामीणों ने बार-बार फसल नुकसान की बात कही।
  • लगभग 80 से 100 एकड़ कृषि भूमि गंभीर रूप से प्रभावित थी।
  • ग्राम पंचायत ने 19 मई को संत रामपाल जी महाराज से सहायता की प्रार्थना की।
  • सर्वेक्षण टीम उसी रात लगभग 9 बजे गांव पहुंची।
  • लगभग 7,000 फीट पाइपलाइन और संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई गई।
  • पाइपलाइन बिछाने के बाद एक हैवी मोटर लगाने की योजना है।
  • यह पहल Phase II बाढ़ राहत सेवा अभियान के तहत किसान मज़दूर बचाओ अभियान में संचालित की जा रही है।
  • ग्रामीणों को उम्मीद है कि इससे प्रभावित भूमि पर फिर से खेती संभव हो सकेगी।

गांव वनवासा के किसानों को दशकों से परेशान कर रही थी जलभराव की समस्या

सोनीपत जिले के गांव वनवासा के निवासियों के लिए जलभराव केवल मौसमी समस्या नहीं बल्कि वर्षों से चली आ रही एक गंभीर कृषि चुनौती बन चुका था। ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या लगभग 60 वर्षों से बनी हुई थी और गांव की बड़ी कृषि भूमि को प्रभावित कर रही थी।

ग्रामीणों ने बताया कि बारिश होने पर गांव का एक निचला क्षेत्र बड़े जलभराव क्षेत्र में बदल जाता था। किसानों का कहना है कि कई बुजुर्गों ने अपने जीवनकाल में प्रभावित खेतों पर गेहूं या धान की पूरी फसल सफलतापूर्वक तैयार होते नहीं देखी।

यह समस्या विशेष रूप से लगभग 80 से 100 एकड़ भूमि को प्रभावित कर रही थी, जहां लंबे समय तक पानी जमा रहने के कारण खेती करना कठिन हो गया था।

फसल नुकसान और बढ़ता आर्थिक बोझ

किसानों ने बताया कि खेतों से पानी निकालने के लिए उन्हें समय और संसाधनों का भारी उपयोग करना पड़ता था। ग्रामीणों के अनुसार डीजल से चलने वाले पंपों का उपयोग करना पड़ता था, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी।

यह भी पढ़ें: 25 साल की जलभराव पीड़ा पर लगा विराम: मेहंदीपुर डाबोदा में पहुंची अन्नपूर्णा मुहिम फेज 2 के तहत बड़ी मदद

उनका कहना था कि जल निकासी में देरी के कारण गेहूं और धान की फसलें अक्सर खराब हो जाती थीं। कई बार खेतों में पानी भरा रहने के कारण बुवाई तक संभव नहीं हो पाती थी।

ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याएं

समस्याप्रभाव
वर्षा जल का जमा होनाखेतों में जलभराव
जल निकासी में देरीगेहूं और धान की फसल को नुकसान
निचला कृषि क्षेत्रलंबे समय तक पानी जमा रहना
बार-बार बाढ़ जैसी स्थितिकृषि उत्पादकता में कमी
पंपिंग पर खर्चकिसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ

कई ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या पीढ़ियों से चली आ रही थी और इससे कृषि उत्पादन के साथ-साथ परिवारों की आय भी प्रभावित हो रही थी।

सरकारी प्रयासों के बावजूद नहीं मिला स्थायी समाधान

ग्रामीणों के अनुसार वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों और सिंचाई अधिकारियों से सहायता की मांग की जाती रही। उन्होंने बताया कि जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन उन्हें अक्सर बजट संबंधी बाधाओं का हवाला दिया जाता था।

एक किसान ने बताया कि वह वर्ष 2020 से सिंचाई विभाग में लगातार आवेदन दे रहे थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों के प्रयासों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रही।

ग्राम पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज से की प्रार्थना

स्थायी समाधान नहीं मिलने पर गांव वनवासा की ग्राम पंचायत ने 19 मई को किसान मजदूर बचाओ अभियान के तहत तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से सहायता की प्रार्थना की। ग्रामीणों ने जल निकासी व्यवस्था विकसित करने का अनुरोध किया ताकि खेती सामान्य रूप से हो सके और किसानों को बार-बार होने वाले नुकसान से राहत मिल सके।

यह भी पढ़ें: तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की जल निकासी सहायता के बाद हिसार के सिवाड़ा गांव में फिर शुरू हुई गेहूं की बिजाई

ग्राम प्रतिनिधियों के अनुसार प्रार्थना के तुरंत बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई।

उसी रात किया गया सर्वेक्षण

ग्रामीणों के अनुसार एक विशेष टीम उसी रात लगभग 9 बजे गांव पहुंची। रात होने के बावजूद टीम ने खेतों में जाकर स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया। सर्वेक्षण के दौरान निम्न बिंदुओं का अध्ययन किया गया:

  • पानी जमा होने के पैटर्न
  • मौजूदा जल निकासी मार्ग
  • भूमि की ढलान
  • पानी निकालने की संभावनाएं
  • निकासी के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा

निरीक्षण के दौरान पास की ड्रेन से जुड़े एक उपयुक्त निकासी मार्ग की पहचान की गई। सर्वेक्षण टीम ने निष्कर्ष निकाला कि प्रभावित क्षेत्र से पानी निकालने के लिए पाइपलाइन और मोटर की आवश्यकता होगी।

कुछ ही घंटों में पहुंची 7,000 फीट पाइपलाइन

ग्रामीणों और आयोजकों के अनुसार सर्वेक्षण रिपोर्ट उसी रात संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत की गई। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 12 घंटे के भीतर आवश्यक सामग्री स्वीकृत कर गांव भेज दी गई। अगले दिन गांव वनवासा को प्राप्त हुआ:

  • 7,000 फीट पाइपलाइन
  • पाइप फिटिंग सामग्री
  • जोड़ने की सामग्री
  • नट-बोल्ट
  • स्थापना संबंधी अन्य आवश्यक सामान

परियोजना के लिए उपलब्ध कराई गई पाइपलाइन 8 इंच की बताई गई, जिसका उद्देश्य प्रभावित खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित करना है। ग्राम प्रतिनिधियों ने बताया कि पाइप जोड़ने और स्थापित करने के लिए आवश्यक सामग्री भी साथ उपलब्ध कराई गई।

ग्रामीणों ने किया स्वागत

सामग्री गांव पहुंचते ही ग्रामीणों का उत्साह देखने लायक था। लोग ट्रैक्टरों के साथ गांव के बाहर एकत्र हुए और सहायता सामग्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद पूरे गांव में जुलूस निकाला गया और कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

भीषण गर्मी और 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बावजूद ग्रामीण बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने सहायता के लिए अपना आभार व्यक्त किया और इसे गांव के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

कई ग्रामीणों ने कहा कि गांव का माहौल किसी त्योहार से कम नहीं लग रहा था। उनके चेहरों पर खुशी और उम्मीद साफ दिखाई दे रही थी। लोगों का मानना है कि इस पहल से उनकी वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में नई उम्मीद जगी है।

चार से पांच दिनों में पाइपलाइन बिछाने की योजना पूरी करेंगे 

ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि उपलब्ध कराई गई पाइपलाइन को भूमिगत बिछाने का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। पंचायत के अनुसार यह कार्य चार से पांच दिनों के भीतर पूरा किए जाने की उम्मीद है। परियोजना के लिए एक हैवी मोटर लगाने की भी योजना बनाई गई है।

प्रतिनिधियों ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने और सत्यापन के बाद मोटर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे जल निकासी प्रणाली को और मज़बूत किया जा सके। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जमा पानी को निकटवर्ती ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा, जिससे प्रभावित कृषि भूमि में जलभराव कम होने की उम्मीद है।

कृषि भूमि के पुनर्जीवन की उम्मीद

कई ग्रामीणों का कहना है कि यह परियोजना वर्षों से प्रभावित कृषि भूमि को पुनर्जीवित करने में मदद कर सकती है। किसानों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में गेहूं और धान की फसलें जलभराव से सुरक्षित रह सकेंगी। उनका कहना है कि इससे आने वाली पीढ़ियों को भी बेहतर कृषि परिस्थितियों का लाभ मिलेगा।

ग्रामीणों का मानना है कि यह पहल फसल नुकसान कम करने और लंबे समय से प्रभावित भूमि पर खेती के अवसर बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

जल निकासी परियोजना से जगी नई उम्मीद

7,000 फीट पाइपलाइन और मोटर आधारित जल निकासी प्रणाली की योजना के साथ गांव वनवासा एक महत्वपूर्ण बदलाव की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस परियोजना ने पीढ़ियों से चली आ रही समस्या के व्यावहारिक समाधान की उम्मीद जगाई है। पाइपलाइन स्थापना कार्य आगे बढ़ने के साथ किसान बेहतर जल निकासी, फसल सुरक्षा और लगभग छह दशकों से जलभराव से प्रभावित भूमि पर फिर से उत्पादक खेती शुरू होने की संभावना को लेकर आशान्वित हैं।

Website: www.jagatgururampalji.org

YouTube: Sant Rampal Ji Maharaj

Facebook: Spiritual Leader Sant Rampal Ji

X handle: @SaintRampalJiM

Latest articles

फेस 2: हरियाणा, हिसार, गांव मोहला में 30 वर्षों से व्याप्त जलभराव समस्या का संत रामपाल जी महाराज ने किया स्थाई समाधान

​हरियाणा राज्य के हिसार जिले (हांसी क्षेत्र) के अंतर्गत आने वाले गांव मोहला के...

“पैसे की कमी से कोई नहीं मरेगा”: किडनी मरीज की मदद से लेकर जल संकट निवारण तक, संत रामपाल जी बने उम्मीद की किरण

उजड़ते परिवारों को जीवनदान देने से लेकर प्यासे गांवों की पुकार सुनने तक, संत...

World Senior Citizens’ Day 2026: Why is it important to Serve Elderly People?

Last Updated on 15 August 2026 IST: World Senior Citizens' Day 2026 is a...

World Mosquito Day 2026: How the Mystery of Malaria was Solved by Sir Ronald Ross?

Last Updated on 15 August 2026 IST: World Mosquito Day 2026: Globally, people observe...
spot_img

More like this

फेस 2: हरियाणा, हिसार, गांव मोहला में 30 वर्षों से व्याप्त जलभराव समस्या का संत रामपाल जी महाराज ने किया स्थाई समाधान

​हरियाणा राज्य के हिसार जिले (हांसी क्षेत्र) के अंतर्गत आने वाले गांव मोहला के...

“पैसे की कमी से कोई नहीं मरेगा”: किडनी मरीज की मदद से लेकर जल संकट निवारण तक, संत रामपाल जी बने उम्मीद की किरण

उजड़ते परिवारों को जीवनदान देने से लेकर प्यासे गांवों की पुकार सुनने तक, संत...

World Senior Citizens’ Day 2026: Why is it important to Serve Elderly People?

Last Updated on 15 August 2026 IST: World Senior Citizens' Day 2026 is a...