January 24, 2026

देहरादून में Cloudburst से तबाही: सहस्रधारा और IT Park जलमग्न, पुल टूटा, कई लोगों की मौत और लापता

Published on

spot_img

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून (Dehradun) सोमवार रात को प्राकृतिक आपदा से हिल गई। सहस्रधारा क्षेत्र में Cloudburst होने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। देर रात हुई भारी बारिश ने Karligaad rivulet को उफान पर ला दिया, जिससे पानी रिहायशी इलाकों, कॉलेजों और सड़कों में घुस गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने ऐसा भयानक मंजर पहले कभी नहीं देखा।

IT Park और Tapovan में घर डूबे, लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

तेज़ बारिश और बादल फटने के बाद IT Park और Tapovan इलाके में पानी भर गया। कई मकान जलमग्न हो गए। प्रशासन ने तुरंत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। भारी जलभराव के चलते कई दुकानों और निजी प्रॉपर्टीज़ को नुकसान हुआ। जिला प्रशासन और राहत दल लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं।

Nimi नदी और निजी कॉलेज में तबाही

बारिश का कहर इतना ज़्यादा था कि निमी नदी का तेज़ बहाव एक निजी कॉलेज तक पहुँच गया। नदी में आए उफान से मलबा और पेड़ बहकर कॉलेज के अंदर घुस गए। SDRF और NDRF की टीमों ने मौके पर पहुँचकर हॉस्टल में फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। छात्रों ने कहा कि उन्होंने मौत को बेहद करीब से देखा और यह अनुभव भयावह था।

ट्रैक्टर-ट्रॉली बह गई, 8 शव बरामद

झाझरा के पास परवल गांव में आसन नदी का बहाव इतना तेज़ था कि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक स्कूटी उसमें बह गई। ट्रॉली में लगभग 14 लोग सवार थे। अब तक 8 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो लोगों को सकुशल बचा लिया गया। बताया जा रहा है कि अभी भी चार लोग लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।

पुल टूटा, संपर्क मार्ग कटे

नंदा की चौकी का पुल बह जाने से कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया। वहीं, Karligaad rivulet के तेज़ बहाव से एक और मुख्य पुल भी ढह गया। इससे आसपास के गांवों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है।

DIT कॉलेज के पास दीवार गिरी, छात्र की मौत

भारी बारिश के बीच देहरादून के DIT कॉलेज के पास ग्रीन वैली पीजी की दीवार गिर गई। मलबे में दबकर 20 वर्षीय छात्र कैफ की मौत हो गई। वह हापुड़ छावनी के सरावनी गांव, बाबूगढ़ का रहने वाला था। SDRF टीम ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया।

प्रशासन और सरकार की बड़ी चुनौती

देहरादून में आई इस आपदा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। गृहमंत्री अमित शाह ने भी स्थिति की जानकारी ली और कहा कि केंद्र सरकार राहत और बचाव कार्यों में राज्य सरकार के साथ खड़ी है।

Also Read: गुराना गाँव में संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ से चमत्कारिक मदद, बाढ़ प्रभावित परिवारों की उम्मीद बनी नई रोशनी

सीएम धामी ने कहा कि राहत-बचाव कार्य तेज़ी से जारी है। भूधंसाव और कटे मार्गों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रभावित इलाकों में तैनात अधिकारियों को मुस्तैदी से काम करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की कार्रवाई: स्कूल बंद, रेस्क्यू जारी

जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल और एसडीएम कुमकुम जोशी रात में ही मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। डीएम ने निर्देश दिया कि लापता दो लोगों को खोजने के लिए रेस्क्यू तेज़ किया जाए।

सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, NDRF, SDRF और PWD की टीमें बुलडोज़र की मदद से मलबा हटाने और रास्ते खोलने में लगी हैं।

पिछली घटनाओं की याद दिलाता हादसा

यह पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही हुई हो। अगस्त में चमोली जिले के मोपाटा गांव में भी Cloudburst हुआ था, जिसमें दो लोग लापता हो गए थे और 15 से 20 पशु मलबे में दबकर मर गए थे।

आपदा से जूझता उत्तराखंड: राहत की उम्मीद

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने देहरादून का दौरा किया था और राज्य के लिए 1200 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की थी। इस बार भी केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर प्रभावित इलाकों को राहत देने का भरोसा जताया है।

तबाही के बाद उठते सवाल: कब थमेगा यह कहर?

देहरादून में Cloudburst और Flash Floods ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पहाड़ों पर बढ़ते निर्माण कार्य और अनियंत्रित विकास कहीं आपदाओं को और भयावह तो नहीं बना रहे। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि जब तक सही प्लानिंग नहीं होगी, तब तक इस तरह की तबाहियां रुकना मुश्किल है।

Also Read: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटा: धराली गांव में मचा हाहाकार, बचाव कार्य जारी

प्रकृति का चेतावनी भरा संदेश

देहरादून की यह भीषण आपदा केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रकृति की चेतावनी है। लगातार बढ़ती बारिश, नदियों का उफान, टूटते पुल और उजड़ते परिवार हमें सोचने पर मजबूर करते हैं कि विकास और सुरक्षा में संतुलन कैसे बनाया जाए। इस आपदा ने न सिर्फ कई जिंदगियां छीन ली हैं, बल्कि हजारों लोगों को बेघर भी कर दिया है। अब यह समय है कि सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर आपदा प्रबंधन को और मज़बूत बनाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हालात से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

संत रामपाल जी महाराज का अद्वितीय ज्ञान और मानवता का संदेश

देहरादून में आई इस भीषण प्राकृतिक आपदा हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिरकार ऐसे हालात क्यों बार-बार बनते हैं। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग प्रवचन से ये समझ आता है कि जब मानव अपने जीवन का वास्तविक उद्देश्य भूलकर केवल भौतिक प्रगति की दौड़ में लग जाता है और परमात्मा की भक्ति को पीछे छोड़ देता है, तब प्रकृति भी असंतुलित होकर हमें चेतावनी देती है।

संत रामपाल जी महाराज एकमात्र ऐसे महान संत हैं, जो आज शास्त्रों के अनुसार सच्ची भक्ति बता रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि हर मानव अपने जीवन को सफल बनाए । जब आत्मा संतुष्ट और प्रसन्न होती है, तभी परमात्मा भी प्रसन्न होते हैं, और ऐसी भयंकर आपदाओं से बचाव संभव हो पाता है।

सिर्फ आध्यात्मिक मार्ग ही नहीं, बल्कि मानव सेवा के क्षेत्र में भी संत रामपाल जी महाराज का योगदान अद्वितीय है। पंजाब में आई बाढ़ जैसी आपदाओं के समय उनके अनुयायियों ने बड़ी संख्या में लोगों की मदद की। वर्तमान में उनके द्वारा चलाई जा रही ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ लाखों गरीब परिवारों को भोजन, आश्रय, शिक्षा और चिकित्सा उपलब्ध करा रही है।

अधिक जानकारी और संत रामपाल जी महाराज जी के अद्वितीय ज्ञान को जानने के लिए विजिट करें: www.jagatgururampalji.org

FAQs on Dehradun Cloudburst News

Q1. देहरादून में बादल फटने की घटना कहां हुई?

यह घटना सहस्रधारा इलाके में हुई, जहां भारी बारिश और Cloudburst से आसपास के इलाके जलमग्न हो गए।

Q2. इस Cloudburst से सबसे ज्यादा नुकसान किन जगहों पर हुआ?

सबसे ज्यादा तबाही IT Park, Tapovan, सहस्रधारा और आसन नदी के किनारे देखी गई। कई पुल और मकान बह गए।

Q3. इस घटना में कितने लोगों की मौत हुई और कितने लापता हैं?

अब तक 8 शव बरामद किए गए हैं, जबकि कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। SDRF और NDRF राहत-बचाव कार्य कर रही हैं।

Q4. सरकार और प्रशासन की क्या कार्रवाई हुई?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। जिला प्रशासन ने सभी स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं।

Q5. क्या उत्तराखंड में पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं?

जी हाँ, अगस्त 2025 में भी Chamoli जिले के Mopata गांव में बादल फटा था, जिसमें दो लोग लापता हो गए और कई पशु मलबे में दब गए थे।

Latest articles

Saraswati Puja 2026 [Hindi]: क्या है ज्ञान और बुद्धि प्राप्त करने की सही भक्ति विधि?

Last Updated on 23 January 2026 IST | हिंदू पंचाग के अनुसार माघ माह...

हरियाणा/झज्जर – गाँव शेखूपुर जट्ट: संत रामपाल जी महाराज की असीम दया से बाढ़ ग्रस्त खेतों को मिला जीवनदान

​​हरियाणा के झज्जर जिले की तहसील झज्जर स्थित गाँव शेखूपुर जट्ट पिछले कई महीनों...

हरियाणा के हिसार जिले के अलीपुर गांव में संत रामपाल जी महाराज ने बाढ़ की त्रासदी से बचाई डूबती खेती

​हरियाणा के हिसार जिले का अलीपुर गांव एक गंभीर प्राकृतिक आपदा का सामना कर...

Lala Lajpat Rai Birth Anniversary 2026: Know about the Lion of Punjab, Punjab Kesari, on His Jayanti – A Detailed Biography

Last Updated on 23 January 2026 IST | Lala Lajpat Rai Jayanti (Birth Anniversary...
spot_img

More like this

Saraswati Puja 2026 [Hindi]: क्या है ज्ञान और बुद्धि प्राप्त करने की सही भक्ति विधि?

Last Updated on 23 January 2026 IST | हिंदू पंचाग के अनुसार माघ माह...

हरियाणा/झज्जर – गाँव शेखूपुर जट्ट: संत रामपाल जी महाराज की असीम दया से बाढ़ ग्रस्त खेतों को मिला जीवनदान

​​हरियाणा के झज्जर जिले की तहसील झज्जर स्थित गाँव शेखूपुर जट्ट पिछले कई महीनों...

हरियाणा के हिसार जिले के अलीपुर गांव में संत रामपाल जी महाराज ने बाढ़ की त्रासदी से बचाई डूबती खेती

​हरियाणा के हिसार जिले का अलीपुर गांव एक गंभीर प्राकृतिक आपदा का सामना कर...