लुदास की जीत: बाढ़ के कहर से खेतों की हरियाली तक का सफर

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हिसार जिले का लुदास गांव आज एक ऐसी विजय गाथा लिख रहा है जिसे पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। यह कहानी उस समय शुरू हुई जब कुदरत के कहर ने किसानों की पूरी मेहनत को 5 फीट पानी के नीचे दफन कर दिया था, लेकिन संत रामपाल जी महाराज के निस्वार्थ परोपकार ने इसे फिर से उपजाऊ बना दिया।

तबाही का मंजर और बेबस किसान

दो महीने पहले लुदास गांव किसी झील जैसा नजर आता था। लगभग 300 एकड़ उपजाऊ जमीन पानी में डूबी हुई थी।

 100% फसल बर्बाद: खरीफ की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी और रबी (गेहूं) की बिजाई की कोई उम्मीद नहीं थी।

 अर्थव्यवस्था ठप: खेती रुकने से गांव के दुकानदारों और मजदूरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था।

 ढानियों का बुरा हाल: घरों के चारों तरफ पानी होने से पशुओं के लिए चारा खत्म हो गया था और बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया था।

मसीहा का आगमन और त्वरित सहायता

सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार और गांव के मौजिज लोगों ने जब संत रामपाल जी महाराज के राहत कार्यों के बारे में सुना, तो वे बरवाला पहुंचे। वहां से जो मदद मिली, उसने पूरे गांव का दिल जीत लिया।

संत जी ने प्रदान किया:

  •  6500 फुट मजबूत पाइपलाइन।
  •  10-10 HP की दो शक्तिशाली मोटरें, स्टार्टर, केबल और पूरा सामान।
  •  निशुल्क सेवा: बिना किसी कागजी कार्रवाई या पैसे के, 48 घंटे में सामान गांव पहुंच गया।

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बदलाव: जब ‘नर्क’ बना ‘स्वर्ग’

एक महीने तक दिन-रात मोटरों ने काम किया और हजारों टन पानी गांव की सीमाओं से बाहर खदेड़ दिया गया।

90% बिजाई पूरी: आज लुदास के खेतों में गेहूं और सरसों की फसल बहुत अच्छी हो गई है।

चेहरों पर मुस्कान: हनुमान जांगड़ा जैसे किसान, जिनकी 25 एकड़ जमीन डूबी हुई थी, आज फिर से अपनी जमीन के मालिक बन गए हैं।

 स्कूल और रास्ते खुले: जल निकासी के बाद गांव के स्कूल फिर से खुल गए हैं और रास्ते सुरक्षित हो गए हैं।

ग्रामीणों का आभार

संत रामपाल जी महाराज हमारे लिए भगवान बनकर आए हैं। उन्होंने हमें मालिक से मजदूर बनने से बचा लिया,” एक ग्रामीण ने भावुक होकर कहा। पूर्व सरपंच बारू राम ने बताया कि संत जी ने बिना किसी जाति-पाति के भेदभाव के ’36 बिरादरी’ की मदद की है।

भविष्य की सुरक्षा

ग्राम पंचायत ने संत जी द्वारा दी गई इस सामग्री को गांव की ‘धरोहर’ मान लिया है। इन पाइपों को जमीन के नीचे दबाया जाएगा ताकि भविष्य में कभी भी ऐसी आपदा आने पर गांव खुद सक्षम रहे। लुदास गांव आज संत रामपाल जी महाराज की दया और शक्ति का जीता-जागता प्रमाण है।

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