अन्नपूर्णा मुहिम किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2: संत रामपाल जी महाराज ने झज्जर के रोहद गांव को करवाया बाढ़ मुक्त

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हरियाणा के जिला झज्जर में स्थित गांव रोहद की यह कहानी केवल एक गांव की नहीं, बल्कि उस भयानक त्रासदी की है जिसे झेलते हुए किसान अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत और उपजाऊ जमीन को दलदल बनते देख रहे थे। खेतों में लहराने वाली फसलें पानी में समा चुकी थीं और आजीविका का संकट खड़ा हो गया था। जब प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं मिला और हर दरवाजा खटखटाने के बाद भी निराशा ही हाथ लगी, तब गांव वालों ने संत रामपाल जी महाराज के चरणों में एक छोटी-सी प्रार्थना भेजी। संत रामपाल जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में ‘अन्नपूर्णा मुहिम किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2‘ ने ऐसी त्वरित राहत दी जो गांव वालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। आइए जानते हैं इस लेख में संत रामपाल जी महाराज की इस विशेष दया और परोपकार की पूरी कहानी।

गांव की वर्तमान स्थिति

गांव रोहद एक नेशनल हाईवे, रेलवे लाइन और एनसीआर (NCR) की एक बड़ी नहर के बीच इस कदर फंसा हुआ था कि पानी की प्राकृतिक निकासी पूरी तरह से बंद हो गई थी। लगभग 800 एकड़ की बेहद उपजाऊ कृषि भूमि दूषित दलदल में बदल चुकी थी। बारिश के दिनों में हालात इतने बदतर हो जाते थे कि गांव का एकमात्र स्कूल, सभी गलियां और पीने के पानी का इकलौता टैंक भी पूरी तरह डूब जाया करते थे। महीनों तक साफ पानी न मिलने के कारण ग्रामीण परिवारों को पीने का पानी बाहर से मोल खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा था। वर्षों तक सरकारी दफ्तरों में याचिकाएं देने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला और किसान मानसिक व आर्थिक रूप से टूट चुके थे।

ग्रामीणों की मार्मिक मांग

सभी तरफ से हार मिलने और प्रशासन से पूर्णतः निराश होने के बाद, रोहद गांव की ग्राम पंचायत द्वारा संत रामपाल जी महाराज को ‘अन्नपूर्णा मुहिम किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2’ के अंतर्गत बाढ़ राहत सामग्री के लिए प्रार्थना भेजी गई। उनकी मांगें इस प्रकार थीं:

  • 8 इंच की 8,000 फीट लंबी ड्रेनेज पाइप
  • सभी आवश्यक जॉइंट्स और एयर वाल्व
  • पानी निकासी के लिए पर्याप्त क्षमता वाली भारी मोटरें

संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता

यह प्रार्थना जब संत रामपाल जी महाराज तक पहुंची, तो मात्र तीन दिनों के भीतर राहत का काफिला गांव रोहद पहुंच गया। संत रामपाल जी महाराज की कृपा से ‘अन्नपूर्णा मुहिम किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2’ के अंतर्गत गांव रोहद को निम्नलिखित राहत सामग्री प्रदान की गई:

  • 8 इंच की उच्च गुणवत्ता वाली 8,000 फीट भारी ड्रेनेज पाइप
  • सीवेज और खेतों का पानी निकालने के लिए शक्तिशाली मोटरें
  • एयर वाल्व और पाइपलाइन की सभी फिटिंग्स
  • स्टार्टर सहित अन्य सभी आवश्यक सहायक उपकरण

स्पष्ट कर दें कि यह सभी राहत सामग्री संत रामपाल जी महाराज द्वारा पूर्णतः नि:शुल्क और स्थायी रूप से प्रदान की गई है, जिससे गांव वालों को बाजार से एक भी छोटी चीज लाने की आवश्यकता न पड़े।

यह भी पढ़ें: संत रामपाल जी महाराज ने किसान और मज़दूर बचाओ अभियान के फेज़ 2 में कोहला गांव को दी राहत

ट्रैक्टरों के भव्य काफिले द्वारा स्वागत

जब संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार राहत सामग्री गांव पहुंची, तो गांववासियों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। भारी पाइपों और उपकरणों को लेकर आ रहे वाहनों का स्वागत करने के लिए गांव वालों ने 50 से अधिक ट्रैक्टरों का एक भव्य काफिला निकाला। पाइपों और मोटरों को मालाओं से सजाकर अत्यंत श्रद्धापूर्वक उनका अभिनंदन किया गया। इस असाधारण स्वागत ने यह प्रमाणित कर दिया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई यह सहायता ग्रामीणों के लिए ईश्वर के साक्षात आशीर्वाद से कम नहीं थी।

ग्रामीणों की आवाज़

संत रामपाल जी महाराज से मिली इस त्वरित और निस्वार्थ सहायता के बाद ग्रामीणों ने अपने हृदय के उद्गार व्यक्त किए:

  • “ऐसे संत महाराज हमारे यहां बड़े भाग्य से आए हैं। हम महाराज जी का तहे दिल से धन्यवाद करते हैं और वो ऐसे ही लोगों की सेवा करते रहे। लड़की की शादी में दहेज नहीं लेना है, नहीं देना है। किसान मजदूर के हित में सबसे बढ़िया महाराज हैं, और महाराजों की तरह नहीं भाई आओ पैसे दे जाओ आओ पैसे दे जाओ।”
  • “ये तो बहुत अच्छी मदद मिली है पूरे गांव को ही सुख का सांस आ गया, बहुत संतुष्ट है भगवान का दर्जा है। इतने कोई सरकार कोई राजनीति वाला कोई यह काम नहीं कर सकता।”

विश्व उद्धारक और किसान मसीहा: संत रामपाल जी महाराज

रोहद गांव में संपन्न हुए इस अद्भुत राहत कार्य ने यह सिद्ध कर दिया है कि जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ही वर्तमान युग के सच्चे किसान मसीहा और विश्व उद्धारक हैं। ‘अन्नपूर्णा मुहिम किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2’ के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे ही कबीर परमेश्वर के एकमात्र प्रतिनिधि और एकमात्र पूर्ण संत हैं। आपदाओं के दौर में जहाँ सरकारें विफल हो जाती हैं, वहाँ तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज सत्य भक्ति मार्ग के प्रदाता के रूप में हर पीड़ित की पुकार सुन रहे हैं। रोहद गांव का यह उद्धार प्रमाण है कि उनके ईश्वरीय और अलौकिक संरक्षण में असंभव भी संभव हो जाता है।

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