​48 साल का वनवास खत्म: झज्जर, हरियाणा के धौड़ गांव में हुआ चमत्कार

Published on

spot_img

​हरियाणा के झज्जर जिले की बेरी तहसील में बसा धौड़ गांव एक ऐसा गांव था जो पिछले 48 सालों से एक मूक त्रासदी झेल रहा था। यह कहानी किसी हालिया बाढ़ की नहीं, बल्कि पीढ़ियों के दर्द की है। गांव के बुजुर्गों के अनुसार, सन 1977 से गांव की करीब 500 से 700 एकड़ जमीन लगातार पानी में डूबी रहती थी। दशकों तक पानी जमा रहने के कारण जमीन बंजर हो गई थी और उस पर नमक (सफेद चादर) आ गया था।

​धौड़ के किसान अपनी ही पुश्तैनी जमीन के मालिक होकर भी मजदूरी करने को मजबूर थे, क्योंकि उनके खेतों में केवल सड़ा हुआ गंदा पानी भरा रहता था। दशकों तक सरकारों और प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें कोई स्थायी समाधान नहीं मिला। किसानों ने उस जमीन से उम्मीद ही छोड़ दी थी।

​सतगुरु के दरबार में अर्जी और तत्काल राहत

​हाल ही में आई भयंकर बाढ़ ने स्थिति को और भी बदतर कर दिया। जब सरकारी तंत्र ने पूरी तरह से हाथ खड़े कर दिए, तब धौड़ गांव की पंचायत ने एक आखिरी उम्मीद के साथ मुनेंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट के बरवाला स्थित ऑफिस का रुख किया। उन्होंने जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के दरबार में अर्जी लगाई और पानी निकालने के लिए मदद मांगी।

​संत रामपाल जी महाराज की दयालुता का असर यह हुआ कि अर्जी देने के मात्र दो-तीन दिन के भीतर राहत सामग्री का एक विशाल काफिला धौड़ गांव पहुंच गया। जब यह मदद गांव पहुंची, तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने दर्जनों ट्रैक्टरों और ढोल-नगाड़ों के साथ इस काफिले का भव्य स्वागत किया।

​संत रामपाल जी महाराज ने गांव को हमेशा के लिए (परमानेंट) यह सामान सौंपा:

संत रामपाल जी महाराज की कृपा से धौड़ (झज्जर, हरियाणा) में 1977 के बाद पहली बार हुई बिजाई
  • 6500 फुट (लगभग 2 किलोमीटर) 8 इंची पाइप: ताकि पानी को गांव की सीमाओं से बहुत दूर निकाला जा सके।
  • दो विशाल 15 HP की मोटरें: जो दिन-रात चलकर उस जिद्दी पानी को बाहर फेंक सकें।

यह भी पढ़े: भैनी भैरों गांव के लिए मसीहा बने संत रामपाल जी महाराज: 1000 एकड़ जलमग्न जमीन को किया फिर से आबाद

​खेतों ने उगला सोना: दशकों बाद हुई बिजाई

​इन शक्तिशाली मोटरों ने दिन-रात काम किया और उस 48 साल पुराने सड़े हुए पानी को खदेड़ दिया। इसके बाद जो हुआ, वह धौड़ गांव के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। 1995 (और कुछ हिस्सों में 1977) के बाद पहली बार वह जमीन सूखी और उस पर हल चला।

​30 वर्षीय युवा किसान प्रमोद ने एक रोंगटे खड़े कर देने वाली बात बताई: “जब से मैं पैदा हुआ हूँ, मैंने कभी इस जमीन पर बिजाई होते नहीं देखी। आज अपनी जिंदगी में पहली बार मैं इन खेतों को हरा-भरा देख रहा हूँ।”

​आज उन 700 एकड़ खेतों में नमक की सफेद चादर की जगह गेहूं की लहलहाती हरी फसल नजर आ रही है।

​”गुरुजी ने गॉड गिफ्ट (God Gift) दिया है”

​इस चमत्कार ने गांव की आर्थिक स्थिति और मनोबल को पूरी तरह बदल दिया है।

  • सरपंच सत्यनारायण ने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, “हमने एक दरखास्त लगाई और गुरुजी ने उसी समय मोटर और पाइप दे दिए। आज हमारी डूबी हुई सारी जमीन में बिजाई हो चुकी है। गुरुजी पूरे हरियाणा में जो काम कर रहे हैं, वह अद्वितीय है।”
  • ​एक अन्य युवा किसान सचिन ने कहा, “यह हमारे लिए ‘गॉड गिफ्ट’ है। सरकार के पास गए तो उन्होंने मना कर दिया। संत रामपाल जी महाराज ने हमारी मदद की और आज पूरा गांव खुशहाल है। हमारे खेतों में सोना उत्पन्न हुआ है।”

​सच्ची निस्वार्थ सेवा

​जो काम सरकारें, नेता और प्रशासन 48 सालों में नहीं कर पाए, वह एक सच्चे संत की दया से चंद हफ्तों में पूरा हो गया। संत रामपाल जी महाराज ने धौड़ गांव को केवल पाइप और मोटरें नहीं दीं, बल्कि उन्होंने किसानों को उनका खोया हुआ सम्मान, उनकी रोज़ी-रोटी और उनका भविष्य लौटाया है। आज धौड़ के हरे-भरे खेत इस बात की गवाही दे रहे हैं कि जब इंसानियत का सच्चा रक्षक साथ खड़ा हो, तो बंजर जमीन भी सोना उगलने लगती है।

Latest articles

संकटमोचक बनकर आए संत रामपाल जी महाराज: उत्तर प्रदेश के मथुरा के बछगांव की 15 साल पुरानी बाढ़ का किया स्थाई समाधान

उत्तर प्रदेश के मथुरा अंतर्गत गोवर्धन क्षेत्र का ऐतिहासिक बछगांव बीते डेढ़ दशक से...

Phase II: संत रामपाल जी महाराज की दया से 70 साल पुराने जलभराव संकट से स्थायी राहत की ओर बढ़ा नगला दांदू गांव

राजस्थान के डीग जिले के नगला दांदू गांव को ‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान के...

Venezuela Earthquake Today: Twin Powerful Quakes Damage Buildings, Trigger Evacuations and Tsunami Alert

Twin powerful earthquakes struck Venezuela and parts of the Caribbean early Thursday, causing widespread...
spot_img

More like this

संकटमोचक बनकर आए संत रामपाल जी महाराज: उत्तर प्रदेश के मथुरा के बछगांव की 15 साल पुरानी बाढ़ का किया स्थाई समाधान

उत्तर प्रदेश के मथुरा अंतर्गत गोवर्धन क्षेत्र का ऐतिहासिक बछगांव बीते डेढ़ दशक से...

Phase II: संत रामपाल जी महाराज की दया से 70 साल पुराने जलभराव संकट से स्थायी राहत की ओर बढ़ा नगला दांदू गांव

राजस्थान के डीग जिले के नगला दांदू गांव को ‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान के...