आज हम आप को World Cancer Day 2020 पर hindi में बताएँगे की कैसे आप कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी से निजात पा सकते है। हम निम्नलिखित बिन्दुओ पर आप को जानकारी देंगे।

World Cancer Day 2020 information (Hindi)

कैंसर (Cancer) का नाम सुनकर लोगों के दिलों दिमाग में एक भयानक डर पैदा हो जाता है, निराशा और मायूसी छा जाती है और रूह कांप जाती है । जब भी किसी को कैंसर की बीमारी का पता चलता है तो उसे लगता है मानो उसका जीवन ही समाप्त हो गया हो। आखिर कैंसर के नाम पर लोगों को इतना डर क्यों लगता है ? World Cancer Day 2020 पर आप को बताना चाहेंगे की विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट (information) के मुताबित पूरे विश्व में आज लगभग 2 करोड़ लोग कैंसर के रोग से जूझ रहे हैं

प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख लोग कैंसर जैसी असाध्य बीमारी से मर जाते हैं । भगवान ने हमें इतना अच्छा शरीर प्रदान किया है, परंतु उसमें कैंसर जैसी भयावह बीमारी क्यों हो जाती है? तो आइए हम यह जानने का प्रयास करें कि कैंसर क्यों और कैसे होता है ? इस लाइलाज बीमारी से कैसे बचा जा सकता है ?

World Cancer Day 2020 में कब है?

World Cancer Day हर साल 4 फरवरी को लोगो को कैंसर के दुष्परिणामों को चेताने व लोगो को कैंसर के जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। इस वर्ष भी World Cancer Day 2020 दिनांक (date) 4 february को मनाया जाएगा।

World Cancer Day 2020 पर जानिए कैंसर क्या है?

आज World Cancer Day 2020 पर जाने आखिर क्या होता है कैंसर? जब शरीर में कोशिकाएं असामान्य रूप से विभाजित होकर अनियंत्रित मात्रा में बढ़ने लगती है तथा अन्य ऊतकों पर आक्रमण करती हैं, जिसके बाद ये रक्त और लासिका के माध्यम से शरीर में फैल जाती है । इसी अवस्था को कैंसर कहते हैं

World Cancer Day-शरीर में कैंसर कैसे फैलता है?

विशेषज्ञों के अनुसार cancer का मुख्य कारण ट्यूमर है। अब आप को World Cancer Day पर शरीर में कैंसर कैसे फैलता है? के बारे में बताते है. शरीर विभिन्न कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। शरीर में पुरानी कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होकर मर जाती हैं इनके स्थान पर नई कोशिकाएं आ जाती है। स्वस्थ शरीर में कोशिकाओं का नियंत्रित विभाजन होता रहता है।

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इस व्यवस्थित प्रक्रिया के बिगड़ जाने पर कोशिकाएं अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती है। पुरानी कोशिकाएं नहीं मरती और नई कोशिकाएं पैदा होती रहती है जिनकी शरीर को जरूरत नहीं होती । तब ये शरीर के दूसरे हिस्सों को काम करने में बाधा पहुचाती हैं। परिणामस्वरूप कोशिकाएं ऊतक का रूप धारण कर लेती है जो गांठ या ट्यूमर कहलाता है। यही ट्यूमर घातक होता है जो धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाता है, जो आगे चलकर कैंसर का कारण बनता है।

World Cancer Day 2020-कैंसर क्यों होता है?

आइये World Cancer Day 2020 पर अब जानते है की आखिर कैंसर का कारण क्या है? विशेषज्ञों के अनुसार, आनुवांशिक कारणों से कैंसर केवल 5%-10% ही होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार:

  • 70% से अधिक रोगियों के कैंसर होने का कारण उनकी खराब जीवन शैली है।
  • अधिकांश लोगों को मानसिक तनाव
  • शारीरिक व्यायाम की कमी
  • प्रदूषण
  • संक्रमण, विकिरण
  • पौष्टिक आहार की कमी
  • धूम्रपान, तंबाखू, गुटका एवं अन्य नशीले पदार्थों का सेवन और मोटापा इत्यादि के कारण कैंसर होता है
  • किसी अन्य बीमारी के लिए ली जाने वाली दवाई के दुष्परिणाम से भी कैंसर हो सकता है

World Cancer Day पर जानिए कैंसर के लक्षण क्या हैं?

अब आप को World Cancer Day पर बताते है की कैंसर के लक्षण क्या है? शोधकर्ता बताते है की कैंसर होने के पहले बहुत से लक्षण प्रकट होते हैं, लेकिन हम उन्हे नजर अंदाज कर देते हैं। कुछ संभावित लक्षणों में:

  1. असामान्य रक्तस्राव
  2. आंतों में रुकावट
  3. भूख में कमी
  4. वजन में अत्यधिक कमी
  5. निमोनिया
  6. अत्यधिक थकान और आलस्य
  7. त्वचा में परिवर्तन
  8. किसी तरह की गांठ का अनियंत्रित बढ़ना
  9. लंबे समय गले में खराश का होना और लंबे समय तक खांसी इत्यादि हैं

इन लक्षणों के पता चलने पर भी रोगी सामान्य बीमारी समझकर इलाज कराता रहता है । इस कारण प्रारम्भिक अवस्था में कैंसर का न तो पता चलता है और न ही इलाज हो पाता है । देरी होने से यह बीमारी भयावह रूप धारण कर लेती है और उस अवस्था में इसका उपचार करना मुश्किल हो जाता है । रक्त जाँच, एक्स-रे, सी.टी. स्कैन, एण्डोस्कोपी तथा बायोप्सी प्रमुख चिकित्सीय परीक्षणों से कैंसर की जांच संभव हैं ।

World Cancer Day 2020 Theme-विश्व कैंसर दिवस थीम

कैंसर के प्रति जागरूकता लाने और चिकित्सा अनुसंधान में तेजी लाने के लिए “यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल” द्वारा स्विट्ज़रलैंड में 1993 में “विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day)” मनाने का निर्णय लिया गया। अब विश्व भर में प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को यह जागरूकता अभियान चलाया जाता है। इसके अतिरिक्त भारतवर्ष में 7 नवंबर को राष्ट्रीय स्तर पर “कैंसर जागरूकता दिवस” भी मनाया आता है। हर वर्ष विश्व कैंसर दिवस के लिए एक थीम चुनी जाती है। इस वर्ष के लिए World Cancer Day 2020 Theme “मैं हूँ और मैं करूँगा” है। 

विज्ञान की क्षमता सीमित है, आध्यात्मिकता की असीमित है

एक ओर जहां विज्ञान की सीमा समाप्त होती है और मानव असहाय महसूस करता है, वहीं आध्यात्मिकता में असीमित शक्ति है और हर समस्या का समाधान है । हमें सिर्फ इतना जानना जरूरी है कि हमने मनुष्य जीवन में जन्म लिया है तो हमारा क्या उद्देश्य है । इस जन्म में प्राप्त होने वाले सुख दुख पिछले जन्मों के प्रारब्ध के कारण से होते हैं।

Read in English: World Cancer Day 2020: What is the best way to cure cancer?

संचित पाप पुण्य कर्मों के अनुसार मनुष्य कैंसर जैसी बीमारी से पीड़ित होता है। पूर्ण गुरु से उपदेश लेकर उनके नियम मर्यादा में रहकर भक्ति करने वाले साधक के घोर से भी घोर पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं और उसे रोग मुक्त कर देते हैं।

तत्वदर्शी संत से सतभक्ति समझने और सतनाम दीक्षा लेने से पिछले कर्म काटे जा सकते हैं :-

कबीर, जबही सतनाम हृदय धरो, भयो पाप को नाश।
मानों चिनगी अग्नि की, पड़ी पुराने घास॥

वर्तमान में पाप नाश कराने वाले तत्वदर्शी संत कौन हैं?

तत्वदर्शी सन्त वह होता है जो वेदों के सांकेतिक शब्दों को पूर्ण विस्तार से वर्णन करता है जिससे पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति होती है वह वेद के जानने वाला कहा जाता है ।

सतगुरु के लक्षण कहु, मधुरे बैन विनोद।
चार वेद, छठ शास्त्र, कहे अठारह बोध।

इसके अलावा पूर्ण सतगुरु की और भी पहचान बताई गई है:-

सोए गुरु पूरा कहावै, जो दो अखर का भेद बतावै।
एक छुडावै, एक लिखावै, तो प्राणी निज घर को पावे।

वर्तमान में जगतगुरु रामपाल जी महाराज जी ही एकमात्र पूर्ण तत्वदर्शी संत हैं जो सभी शास्त्रों से प्रमाणित ज्ञान देकर सत भक्ति साधना बताते हैं । आज लाखों लोग तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के तत्वज्ञान को सुनकर, समझ कर उनके बताए अनुसार शास्त्र अनुकूल भक्ति साधना कर समस्त प्रकार के दुखों से छुटकारा पा रहे हैं तथा सुखमय जीवन जी रहे हैं।

आइए जानते हैं कुछ भक्तों के अनुभव :-

नाम – श्रीमती रूपाली पाटिल , निवासी पूना , महाराष्ट्र

रोग :- सरवाईकल कैंसर

इलाज :- पूना में

डाक्टरों की राय :- सरवाईकल कैंसर और टीबी और 2 अन्य बीमारियों का परीक्षण

संत रामपाल जी महाराज से सत भक्ति :- हम देवी देवताओं की भक्ति कर रहे थे । मेरे पति ने संत रामपाल जी महाराज से नाम दान लिया । उनके नियम मर्यादाएं पढ़कर मुझे अच्छा लगा । खासतौर पर मधपान निषेध वाले नियम ने मुझे बहुत प्रभावित किया । मेरे पति ने शराब पीना छोड़ दिया । मैंने भी सन 2004 में संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा ले ली । मुझे एक बार मेडिकल परीक्षण से पता चला कि मुझे सरवाईकल कैंसर और टीबी है । मैंने अंतरात्मा से गुरु जी से प्रार्थना लगाई कि मुझे जीवन दान दे दो । गुरुजी का संदेश आया कि आपको कुछ नहीं होगा । शाम को रिपोर्ट आई उसमे सिर्फ वाइरल बुखार निकला । चूंकि मेरे परिवार में कई लोगों को कैंसर हुआ था, मुझे आनुवांशिक कैंसर होने की प्रबल संभावना थी । दूसरा मेरी जन्म कुंडली में भी था कि 40 वर्ष की आयु में मुझे खतरनाक बीमारी होगी और मेरी आयु छोटी होगी । लेकिन संत रामपाल जी महाराज की शरण में आने के कारण सब कुछ छोटे में निपट गया ।

सत भक्ति का परिणाम :- जो डॉक्टर पहले कैंसर होने की पक्की बात कर रहे थे, वही डॉक्टर सिर्फ वाइरल बुखार ही बता रहे हैं, यह संत रामपाल जी की भक्ति का कमाल।

 cure cancer

नाम- श्रीमती रंजना कश्यप

जिला- मंडी,हिमाचल प्रदेश।

रोग :- कैंसर की गांठ

इलाज :- मंडी अस्पताल

डाक्टरों की राय:- 6 माह का जीवन शेष है, आजीवन दवा खाने की सलाह

संत रामपाल जी महाराज से सत भक्ति :- नाम उपदेश 3/6/2012 नाम उपदेश लेने से पहले सभी देवी देवताओं की भक्ति करते थे जैसे कि मंदिरों में जाते थे, और व्रत भी करते थे। और बहुत दुखी भी थे उनकी भक्ति करते करते हुए भी और इन पूजाओं से हमें कोई लाभ नहीं मिला। मैं बहुत दुखी थी मेरे घर में सारे बच्चे बीमार रहते थे और पति बीमार रहता था। मैं खुद ही बीमार रहती थी बहुत ज्यादा मेरे को कैंसर की गांठ थे। और मेरे को हॉस्पिटल में बताया था कि 6 महीने से ज्यादा नहीं जी पाएगी । और मेरे को लगातार दवाई खाने को दे दिए थे । दर्द की दवाई खाने के लिए दी । मेरे खून भी कम होता था उसकी भी दवाई खाने को दिए थे । साथ ही हिदायत दी दवाई लगातार खानी पड़ेगी आपको, जब तक जिंदा है।

जब मंडी हॉस्पिटल में मेरेको कैंसर बताया और मैं घर में आई, सब जोर जोर से रोने लगे और मैं रात को रोते रोते सो गई। रात को मेरे सपने में संत रामपाल जी महाराज जी आए और उन्होंने मेरे को कहा कि बेटा आप नाम उपदेश ले लो आप ठीक हो जाएंगे और मैं सुबह ही नाम उपदेश लेने के लिए तैयार हो गई। संत रामपाल जी महाराज जी के जुड़ने के तुरंत बाद ही जब मैंने बरवाला आश्रम में नाम उपदेश लिया और गुरु जी से कहा कि कैंसर की गांठ बताई हुई है डॉक्टर ने, तो संत रामपाल जी महाराज जी ने मेरे को बोले कि बेटा आप भक्ति करो और मर्यादा में रहकर भक्ति करो आप ठीक हो जाएंगी। और मैं जब घर आई तो गुरु जी मेरे सपने में आए 4:00 बजे सुबह मैं सोई हुई थी तो गुरु जी ने एक ढक्कन चरणामृत पिलाया, और उसके बाद मेरे को उन गांठों में कभी दर्द नहीं हुआ। संत रामपाल जी महाराज कोई आम इंसान नहीं है वह परमात्मा हैं।

सतभक्ति का परिणाम :- सत भक्ति से, संत रामपाल जी महाराज जी के चरणामृत पीने मात्र से ही कैंसर जैसी बीमारी ठीक हो गई।

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कैंसर जैसी लाइलाज नाना बीमारियों से पीड़ित हजारों लोग हैं जो संत रामपाल जी महाराज जी से शास्त्र अनुकूल भक्ति साधना लेकर भक्ति करने से ठीक हो गए हैं। आप भी सतभक्ति और नामदान दीक्षा उपदेश लेकर पाप मुक्त होकर स्वस्थ सुखी जीवन जियें और अंतिम सांस तक सत भक्ति करके मोक्ष प्राप्त करें।

आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए। साधना चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे
संत रामपाल जी महाराज जी इस विश्व में एकमात्र पूर्ण संत हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है अविलंब संत रामपाल जी महाराज जी से नि:शुल्क नाम दीक्षा लें और अपना जीवन सफल बनाएं। अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट पर जाएं Jagatguru Rampal Ji पर जाए तथा आध्यात्मिक ज्ञान की पुस्तकों जीने की राह या ज्ञान गंगा को नि:शुल्क आर्डर करें।