गतौली गाँव का 40 साल पुराना दर्द 2 दिन में खत्म: संत रामपाल जी महाराज ने 4000 फुट पाइप भेजकर दिया किसानों को नया जीवन

Published on

spot_img

हरियाणा का किसान अपनी मेहनत और लहलहाती फसलों के लिए पूरे देश में जाना जाता है। लेकिन जींद जिले की जुलाना तहसील के अंतर्गत आने वाले गतौली गाँव के किसानों के लिए उनकी ज़मीन पिछले 40 सालों से गहरे दुख का कारण बनी हुई थी। गाँव में जल निकासी का कोई साधन न होने के कारण, हर साल बारिश और बाढ़ का पानी खेतों में जमा हो जाता था।

​हालात इतने बदतर थे कि गाँव की लगभग 1000 एकड़ अत्यंत उपजाऊ कृषि भूमि 35-40 सालों से जलभराव का शिकार थी। किसानों ने बताया कि साल 2002 के बाद तो इन खेतों में नियमित खेती करना लगभग असंभव हो गया था। जो खेत कभी फसलों से भरे रहते थे, वे अब एक भयंकर दलदल में तब्दील हो चुके थे। 15-15 एकड़ के ज़मींदार किसानों को अपने परिवार का पेट पालने के लिए बाज़ार से अनाज खरीदना पड़ रहा था और वे दिहाड़ी मज़दूरी करने को मजबूर हो गए थे।

​प्रशासन की 40 साल की बेरुखी

गतौली के किसानों ने इस तबाही को चुपचाप नहीं सहा। पिछले 40 सालों में गाँव की पंचायत ने हर सरकार, हर मंत्री और हर प्रशासनिक अधिकारी के दरवाज़े पर दस्तक दी। उन्होंने लगातार प्रार्थना पत्र दिए कि पानी की निकासी का प्रबंध किया जाए ताकि वे अपनी पुश्तैनी ज़मीन पर खेती कर सकें।

​लेकिन लालफीताशाही ने उन्हें केवल निराशा ही दी। किसानों के अनुसार, 40 सालों में प्रशासन ने उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया। 1000 एकड़ ज़मीन और उस पर निर्भर सैकड़ों परिवारों को सिस्टम ने पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया था।

​आधुनिक सर्वे और ‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान’ का चमत्कार

जब सरकारी तंत्र पूरी तरह फेल हो गया, तब गतौली की पंचायत ने एक आखिरी उम्मीद के साथ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सतलोक आश्रम का रुख किया। उन्होंने गुरु जी द्वारा चलाए जा रहे ‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान’ (फेज़ 2) के तहत अपनी जलभराव की समस्या सामने रखी।

​इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे जींद जिले को अचरज में डाल दिया। जो काम सरकारें 40 साल में नहीं कर पाईं, संत रामपाल जी महाराज की विशेष सर्वे टीम ने पंचायत की अर्जी लगने के महज 1.5 घंटे के भीतर गाँव पहुँचकर उस जलभराव का मुआयना कर लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने पानी निकासी का मार्ग तय किया और तुरंत अपनी रिपोर्ट आश्रम भेज दी।

​गाँव पहुँची 4000 फुट लंबी उम्मीद

रिपोर्ट मिलते ही संत रामपाल जी महाराज ने ऐतिहासिक मदद का आदेश पारित किया। अर्जी लगने के मात्र 2 दिन के भीतर, ट्रकों का एक विशाल काफिला गतौली गाँव की सीमा पर पहुँच गया। इन ट्रकों में 4,000 फुट लंबी 8-इंची भारी-भरकम पाइपलाइन लदी हुई थी।

​मदद का यह सिलसिला सिर्फ पाइपों तक सीमित नहीं था। पाइपों के साथ-साथ फेविकोल, एयर वाल्व, एसआर, बैंड, नट-बोल्ट और फिटिंग का सारा सामान बिल्कुल मुफ्त सौंपा गया। इसके अलावा पानी को तेज़ी से बाहर फेंकने के लिए 20 HP की एक भारी-भरकम मोटर भी पास कर दी गई, जो पाइपों के ज़मीन में दबते ही गाँव में स्थापित कर दी जाएंगी।

​गाँव में उत्सव और भव्य स्वागत

राहत सामग्री के गाँव पहुँचते ही गतौली में दीवाली जैसा जश्न शुरू हो गया। सैकड़ों ग्रामीण और किसान फूल-मालाएं लेकर गाँव के बाहर खड़े थे। ट्रैक्टरों की लाइनें लग गईं और जयकारों के साथ संत रामपाल जी महाराज की इस मदद का भव्य स्वागत किया गया।

​गाँव के एक बुजुर्ग जसबीर जी ने भावुक होते हुए एक बहुत बड़ी सच्चाई बताई। उन्होंने कहा कि एक समय था जब गाँव के कुछ लोग अज्ञानतावश संत जी का विरोध करते थे, लेकिन आज जब सरकारें फेल हो गईं और गुरु जी ने 40 साल का दर्द 2 दिन में खत्म कर दिया, तो पूरा गाँव उनके स्वागत में फूल बिछा रहा है। ग्राम पंचायत ने 5-7 दिन के भीतर इन पाइपों को ज़मीन के नीचे दबाने का संकल्प लिया है। गतौली आज गवाही दे रहा है कि सच्चा संत ही निस्वार्थ भाव से समाज का असली उद्धार कर सकता है।

Latest articles

Ganesh Chaturthi 2026: Discover the True Adi Ganesha Beyond Idols!

Last Updated on 9 September 2026 IST | Ganesh Chaturthi 2026: Ganesh Chaturthi is...

आदि सनातन धर्म, शास्त्र प्रमाण और समाज सुधार: जगदीप शर्मा का संत रामपाल जी महाराज से विशेष साक्षात्कार

वर्तमान समय में धर्म, अध्यात्म और सामाजिक परंपराओं को लेकर समाज में अनेक धारणाएं,...
spot_img

More like this

Ganesh Chaturthi 2026: Discover the True Adi Ganesha Beyond Idols!

Last Updated on 9 September 2026 IST | Ganesh Chaturthi 2026: Ganesh Chaturthi is...