फुलिया कलां, नरवाना (जींद), हरियाणा: हरियाणा के जिला जींद के अंतर्गत नरवाना तहसील के गांव फुलिया कलां में पिछले 10 से 12 वर्षों से बनी गंदे पानी के तालाब की निकासी की गंभीर समस्या का स्थाई समाधान संत रामपाल जी महाराज द्वारा किया गया है। ग्राम पंचायत की प्रार्थना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संत रामपाल जी महाराज के आदेश से तकनीकी सर्वे कराया गया और महज 24 घंटे के भीतर 3600 फीट लंबी 8-इंच पाइपलाइन, 10 एचपी की मोटर तथा आवश्यक सामग्री गांव में उपलब्ध करा दी गई। इस सहायता से गांव के 200 से 250 घरों और मुख्य गलियों को दूषित जलभराव, दुर्गंध तथा संक्रामक बीमारियों के जोखिम से स्थाई मुक्ति मिल गई है।
ग्रामीणों ने लगाई संत रामपाल जी महाराज के चरणों में गुहार: 12 साल पुरानी समस्या का विवरण
गांव फुलिया कलां में पूरे गांव का गंदा पानी एक केंद्रीय तालाब में एकत्रित होता था। निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की वर्षा में भी तालाब ओवरफ्लो होकर रिहायशी क्षेत्रों, रास्तों और घरों में घुस जाता था।
गांव के सरपंच प्रतिनिधि मैदान सिंह (मौजूदा सरपंच कविता के ससुर) ने बताया कि पंचायत के पास गंदे पानी को बाहर निकालने के लिए कोई वैकल्पिक जमीन या साधन नहीं था। पिछले 10-12 वर्षों से ग्रामीण शासन और प्रशासन के विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक चुके थे, किंतु कहीं से कोई ठोस सहायता प्राप्त नहीं हुई।
वर्षा ऋतु में स्थिति इतनी विकट हो जाती थी कि लगभग 200 से 250 मकानों की नींव में पानी भरने से उनके गिरने का खतरा उत्पन्न हो जाता था। रास्तों पर दूषित और बदबूदार पानी भरा रहने के कारण बच्चों का स्कूल जाना, महिलाओं का आवागमन और मवेशियों की देखभाल करना अत्यंत कठिन हो गया था। मच्छरों के प्रकोप और जहरीली गैसों से क्षेत्र में बीमारियां फैल रही थीं।
जब चारों तरफ से कोई उम्मीद नहीं बची, तब ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के एक 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने संत रामपाल जी महाराज के जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी मिलने पर उनके समक्ष उपस्थित होकर गांव की इस विकट समस्या से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की।
8 से 24 घंटे के भीतर तकनीकी सर्वे और स्वीकृति की अभूतपूर्व प्रक्रिया
प्रार्थना प्रस्तुत होते ही संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी विलंब के आदेश जारी कर तकनीकी सर्वे दल को गांव फुलिया कलां भेजा। प्रतिनिधिमंडल जब आश्रम से वापस गांव लौट रहा था, उससे पहले ही सर्वे दल गांव में पहुंच चुका था।
सर्वे टीम ने आधुनिक ड्रोन कैमरों और गूगल मैप्स (Google Maps) तकनीक का उपयोग करके तालाब से लेकर गांव के बाहर पक्के खाल और खेतों तक की पूरी दूरी का विस्तृत भौगोलिक और तकनीकी नक्शा तैयार किया।
पाइपलाइन का स्वीकृत मार्ग एवं लेआउट
सर्वे के अनुसार गंदे पानी की निकासी के लिए तालाब से मुख्य सड़क, वहां से अनाज मंडी, अनुसूचित जाति श्मशान घाट रोड होते हुए पक्के खाल तक कुल 1.1 किलोमीटर (लगभग 3600 फीट) की दूरी तय की गई। इस तकनीकी रिपोर्ट को संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे उन्होंने तत्काल मंजूरी प्रदान की और ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान (फेज-2)’ के तहत सभी राहत सामग्री जारी करने का आदेश दिया।
स्वीकृत सामग्री और तकनीकी विवरण (डेटा तालिका)
गांव फुलिया कलां को गंदे पानी की निकासी परियोजना के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सामग्री का पूर्ण विवरण निम्नलिखित है:
| क्र. सं. | सामग्री / उपकरण का नाम | माप / क्षमता / विवरण | परियोजना में उपयोग |
|---|---|---|---|
| 1 | भारी पाइपलाइन (PVC Pipes) | 3600 फीट (8 इंच व्यास) | तालाब से खेतों तक 1.1 किमी भूमिगत लाइन बिछाने हेतु |
| 2 | इलेक्ट्रिक वाटर मोटर | 10 HP (हॉर्सपावर) | तालाब से पानी को पाइपलाइन के माध्यम से खींचने हेतु |
| 3 | एयर वाल्व (Air Valves) | मानक साइज | पाइपलाइन के अंदर वायु दबाव और ब्लॉकेज रोकने हेतु |
| 4 | बेंड और प्लेट्स (Bends & Plates) | आवश्यक संख्या | मोड़ों पर पाइपलाइन को सुरक्षित दिशा देने हेतु |
| 5 | पीवीसी सॉल्वेंट / फेविकोल | उच्च क्षमता गोंद | पाइप के जोड़ों को पूरी तरह एयरटाइट और लीक-प्रूफ करने हेतु |
| 6 | नट, बोल्ट एवं फिटिंग्स | पूर्ण एक्सेसरीज सेट | मोटर व फ्लैंज कनेक्शन को मजबूती से जोड़ने हेतु |
पाइपलाइन स्थापना प्रक्रिया और दिशा-निर्देश
सामग्री सौंपने के दौरान संत रामपाल जी महाराज के सेवादारों ने ग्राम पंचायत को तकनीकी दिशा-निर्देश दिए:
- भूमिगत स्थापना: ग्राम पंचायत एक सप्ताह के भीतर 3600 फीट लंबी 8-इंच पाइपलाइन को जमीन में दबाएगी।
- लीकेज परीक्षण: पाइपलाइन में एयर वाल्व स्थापित किए जाएंगे और मिट्टी डालने से पहले पानी छोड़कर जोड़ों की जांच की जाएगी ताकि कोई लीकेज न रहे।
- सत्यापन एवं मोटर सुपुर्दगी: पाइपलाइन सफलतापूर्वक बिछाए जाने के बाद संत रामपाल जी महाराज के आदेश से पुनः सर्वे कर 10 एचपी की मोटर ग्राम पंचायत को चालू स्थिति में सौंप दी जाएगी।
ग्रामीणों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के प्रत्यक्ष बयान
- सरपंच प्रतिनिधि मैदान सिंह: “हमारे गांव का गंदा पानी 10 सालों से 100-150 घरों में घुस रहा था। सरकार के सामने बहुत गुहार लगाई पर कोई समाधान नहीं हुआ। हम दोपहर में संत रामपाल जी महाराज के पास गए और शाम को गांव पहुंचने से पहले ही उनकी टीम सर्वे के लिए गांव पहुंच चुकी थी। 24 घंटे में 3600 फीट पाइप और सारा सामान गांव में आ गया। संत रामपाल जी महाराज हमारे लिए भगवान का रूप हैं।”
- ग्रामीण प्रत्यक्षदर्शी: “गांव में नरक जैसी स्थिति बनी हुई थी, बच्चे बीमार हो रहे थे और बदबू के कारण सांस लेना मुश्किल था। संत रामपाल जी महाराज ने मात्र 8 घंटे में कार्रवाई शुरू करवा कर 200 से अधिक मकानों को डूबने से बचा लिया है। इतनी तेजी से कोई सरकार या संस्था काम नहीं कर सकती।”
संत रामपाल जी महाराज की दया और परोपकार से गांव फुलिया कलां में नवजीवन का संचार
गांव फुलिया कलां में राहत सामग्री की गाड़ियां पहुंचते ही पूरे गांव में उत्सव का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सामने संत रामपाल जी महाराज का मंगलाचरण कर, फूल मालाएं भेंट कर और जयघोष के साथ अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। ग्रामीणों का कहना है कि जहां वर्षों तक शासन-प्रशासन से निराशा हाथ लगी, वहीं संत रामपाल जी महाराज की करुणा, दया और सर्वकल्याणकारी दृष्टि ने नरक जैसी स्थिति से जूझ रहे पूरे गांव को नवजीवन प्रदान किया है। बाढ़ के समय किसानों की हजारों एकड़ फसलें बचाने से लेकर जल संकटग्रस्त 100 से अधिक गांवों तक पाइपलाइन और शुद्ध पेयजल पहुंचाकर संत रामपाल जी महाराज ने स्वयं को दीन-दुखियों, किसानों और मजदूरों का सच्चा मसीहा सिद्ध किया है।



