हाल ही में भारत के प्रतिष्ठित अंग्रेजी समाचार पत्र ‘द हिंदू’ (The Hindu) के सीनियर एडिटर – अशोक कुमार जी ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से विशेष मुलाकात की।
इस मुलाकात के दौरान एडिटर ने मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे:
1. व्यापक स्तर पर हो रहे समाज सेवा कार्यों का क्या कारण है?
इस प्रश्न के उत्तर में संत रामपाल जी ने एक हृदय विदारक घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने अखबार में पढ़ा था कि एक टीबी के मरीज ने इलाज के पैसे न होने और गरीबी के कारण अपने बच्चों को जहर देकर खुद भी आत्महत्या कर ली थी। इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। इसी के बाद उन्होंने संकल्प लिया कि समाज में किसी को भी भूख या इलाज के अभाव में मरने नहीं देंगे। इसी उद्देश्य के साथ ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ शुरू की गई, जिसके तहत अब तक लाखों जरूरतमंदों को राशन, बेघरों के लिए मकान, विधवाओं की मदद और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को भारी सहायता प्रदान की जा रही है
2. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के आश्रम आने का क्या कारण है?
जब एडिटर ने पूछा कि क्या उनका किसी विशेष राजनीतिक विचारधारा को समर्थन है, तो संत रामपाल जी ने स्पष्ट किया कि उनका राजनीति से कोई भी लेना-देना नहीं है। विभिन्न दलों के नेता केवल उनके द्वारा किए जा रहे निस्वार्थ समाज सेवा के कार्यों की सराहना करने और उनका हौसला बढ़ाने के लिए आते हैं।
संत जी का विशेष अनुरोध
चर्चा के दौरान वहां उपस्थित एक पूर्व अधिकारी ने एडिटर का परिचय देते हुए बताया कि ‘द हिंदू’ दक्षिण भारत सहित पूरे देश में एक बेहद प्रतिष्ठित अखबार है, जिसे विशेषकर यूपीएससी (UPSC) की तैयारी करने वाले छात्र गहराई से पढ़ते हैं।
यह जानकर संत रामपाल जी ने एडिटर से एक बेहद प्रेरणादायक अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि वे अपने अखबार में आश्रम के प्रचार के लिए नहीं, बल्कि समाज के हित के लिए एक विज्ञापन निकालें। इस विज्ञापन के माध्यम से जनता से यह अपील की जाए कि यदि उनके आस-पास कोई भी व्यक्ति दुखी, लाचार या जरूरतमंद है, तो वे सतलोक आश्रम को सूचित करें, ताकि आश्रम उन तक पहुंचकर उनकी हर संभव मदद कर सके।



