​जब उम्मीदें बाढ़ में डूब गईं, तब सतगुरु रामपाल जी महाराज बने टांडाहेड़ी गाँव (झज्जर, हरियाणा) के लिए जीवनदाता

Published on

spot_img

हरियाणा के झज्जर जिले का टांडाहेड़ी गाँव (तहसील बहादुरगढ़) पिछले एक महीने से बाढ़ के पानी से बुरी तरह तबाह था। गाँव के तालाब ओवरफ्लो हो चुके थे और पानी बस्तियों में घुस आया था जिससे बीमारियों का खतरा था। लगभग 400-500 एकड़ फसलें 2-3 फीट गहरे पानी में डूबकर नष्ट हो चुकी थीं। प्रशासन के चक्कर काटकर लोग थक चुके थे, लेकिन सिवाय झूठे आश्वासनों के कुछ नहीं मिला। ऐसे कठिन समय में सतगुरु रामपाल जी महाराज की करुणा ने पूरे गांव को जीवनदान दिया।

​गांव वालों की प्रार्थना, संत रामपाल जी महाराज जी के चरणों में

​जब हर तरफ से निराशा हाथ लगी, तब टांडाहेड़ी के सरपंच भगत सिंह और पूरी पंचायत ने बरवाला जाकर सतगुरु रामपाल जी महाराज से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने अपने लेटरहेड पर एक प्रार्थना पत्र सौंपा, जिसमें स्पष्ट रूप से मांगा गया था:

  • ​तीन मोटरें 10 HP की
  • ​7,500 फीट लंबी 8 इंच पाइप

​उन्होंने बताया कि पानी ने पूरे गांव को डुबो दिया है और किसान बर्बाद होने की कगार पर हैं।

​टांडाहेड़ी गाँव में बाढ़ सहायता से संबंधित मुख्य बिंदु:

  • ​ग्रामीणों ने सतगुरु रामपाल जी महाराज से तीन मोटरें और 7,500 फीट पाइप की सहायता मांगी।
  • ​संत रामपाल जी के आदेश से 24 घंटे के भीतर (कल अर्जी, आज समाधान) राहत पहुंची।
  • ​भक्तों ने अनुशासनपूर्वक सेवा की और सतभक्ति भाव का परिचय दिया।
  • ​अन्नपूर्णा मुहिम संत रामपाल जी महाराज जी के आदेशों पर चल रही है, सब कुछ उनके निर्देशानुसार हो रहा है।

​संत रामपाल जी की तरफ से त्वरित सहायता

​सतगुरु देव जी के आदेश पर भक्तों ने तुरंत तैयारी शुरू कर दी। केवल 24 घंटों में तीन 15 एचपी की हैवी ड्यूटी मोटरें, 7,500 फीट उच्च गुणवत्ता वाली पाइप और नट-बोल्ट समेत सारी फिटिंग सामग्री लेकर सेवादारों का काफिला टांडाहेड़ी पहुँच गया। हर कदम पर केवल संत रामपाल जी का आदेश और कृपा ही कार्यरत थी।

Also Read: हिसार के खोखा गांव में बाढ़ राहत का बड़ा अभियान: संत रामपाल जी महाराज की सहायता से किसानों और ग्रामीणों के जीवन में लौटी नई उम्मीद

​सतगुरु जी ने स्पष्ट कहा:

​“क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा। यह मदद नहीं, यह मानवता की सेवा है।”

ग्रामीणों की भावनाएँ और धन्यवाद

​सरपंच भगत सिंह जी ने भावुक होकर कहा:

​“मौज कर दी महाराज जी ने। हम सरकार के पास जाकर थक चुके थे, वहां मोटर आने में कई दिन लगते। लेकिन यहाँ कल अर्जी दी और आज सुबह समाधान हमारे सामने खड़ा था। यह हमारे लिए चमत्कार है।”

​एक ग्रामीण ने कहा:

​“हमारी तो दिवाली मन गई। सतगुरु जी ने हमें बचा लिया। हमें एक कील भी नहीं खरीदनी पड़ी।”

​अनुशासन और सतगुरु देव जी का आदेश

​सहायता सामग्री के साथ संत रामपाल जी महाराज का सन्देश भी भेजा गया:

​“सामग्री का सही उपयोग करें। पाइपों को जमीन में दबाएं ताकि यह स्थायी समाधान बने। अगर निर्धारित समय में पानी नहीं निकाला गया और बिजाई नहीं हुई तो आगे सहायता नहीं दी जाएगी।”

​पारदर्शिता बनाए रखने के लिए गांव का ड्रोन सर्वे (पहले, दौरान और बाद में) कराया गया। संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से भक्तों ने हर कार्य अनुशासन और निष्ठा के साथ किया, जो सच्ची भक्ति का प्रतीक दिखाई दे रहा था।

​संत रामपाल जी की कृपा से लौटी उम्मीद

​अब खेत सूखेंगे, किसान फिर से फसल बोने लगेंगे और गाँव में जीवन लौट आएगा। गाँव ने सम्मान स्वरूप संत रामपाल जी महाराज को ‘भगवान’ संबोधित करते हुए स्मृति चिह्न (Memento) भी भेंट किया। ​हर ग्रामीण एक ही वाक्य दोहरा रहा था:

​“यह सब सतगुरु रामपाल जी महाराज की दया और करुणा से हुआ है।”

Latest articles

संत रामपाल जी महाराज की ने भगाणा, ढाणी पुरिया, सीपर और बहज को किया बाढ़ मुक्त

प्राकृतिक आपदाओं के समय जब प्रशासनिक तंत्र और सरकारी सहायता मूकदर्शक बन जाते हैं,...

कान्हा व खाटू की धरा पर किसान मसीहा बनकर आए संत रामपाल जी महाराज: चार गांवों को उबारा भीषण जलभराव के महासंकट से

प्राकृतिक आपदाओं के समय जब प्रशासनिक तंत्र केवल टेंडर, सर्वे की फाइलों और 'बजट...

NEET UG 2026 Result Declared: Aryan Gupta and Panshul Bansal Top Re-NEET with 715 Marks; Over 11.21 Lakh Candidates Qualify

NEET UG 2026 Result has been declared by the National Testing Agency (NTA) on...
spot_img

More like this

संत रामपाल जी महाराज की ने भगाणा, ढाणी पुरिया, सीपर और बहज को किया बाढ़ मुक्त

प्राकृतिक आपदाओं के समय जब प्रशासनिक तंत्र और सरकारी सहायता मूकदर्शक बन जाते हैं,...

कान्हा व खाटू की धरा पर किसान मसीहा बनकर आए संत रामपाल जी महाराज: चार गांवों को उबारा भीषण जलभराव के महासंकट से

प्राकृतिक आपदाओं के समय जब प्रशासनिक तंत्र केवल टेंडर, सर्वे की फाइलों और 'बजट...