संत रामपाल जी महाराज ने 5 साल के बाढ़ त्रासदी को 2 दिन में मिटाया: शादीपुर गांव को मिला जीवनदान

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जींद, हरियाणा – जब विपत्ति का अंधेरा गहरा होता है और प्रशासनिक सहायता की सीमाएं समाप्त हो जाती हैं, तब संत रामपाल जी महाराज ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि वे ही दुखियारों के सच्चे सहारे हैं। जींद जिले की जुलाना तहसील के गाँव शादीपुर के लिए पिछले 5 वर्षों का संघर्ष और अंधकार संत रामपाल जी महाराज की कृपा से मात्र 48 घंटों में समाप्त हो गया। जहाँ सरकारी तंत्र विवश था, वहां संत रामपाल जी महाराज ने गाँव को डूबने से बचाया और हताश किसानों के जीवन में आशा की नई किरण जगा दी।

शादीपुर की व्यथा: 5 साल का संघर्ष

शादीपुर गाँव की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। पिछले 5 वर्षों से गाँव की करीब 500 एकड़ उपजाऊ जमीन बाढ़ के पानी में डूबी हुई थी। हर बार फसल तैयार होने से पहले ही पानी में गल जाती थी। किसान लाचार होकर अपनी मेहनत को बर्बाद होते देखने को मजबूर थे। पानी की निकासी न होने के कारण अगली फसल की बिजाई भी संभव नहीं हो पा रही थी, जिससे गाँव आर्थिक तंगी और निराशा के गर्त में डूबता जा रहा था।

सरकारी सहायता की अपनी सीमाएं थीं। गाँव के सरकारी शिक्षक, श्री जोगिंदर जी ने बताया कि सरकार का बजट सीमित होता है और प्रशासन एक या दो मोटर से अधिक सहायता देने में भी असमर्थ था। यह एक अत्यंत गहन विचार की बात है।

संत रामपाल जी महाराज की शरण में गाँव

जब सभी दरवाजे बंद नजर आए, तब शादीपुर पंचायत और ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज की शरण ली। ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा पूरे हरियाणा में चलाई जा रही विशाल “अन्नपूर्णा मुहिम” के बारे में सुना था। इसी विश्वास के साथ, सरपंच संदीप पांचाल और गाँव के बुजुर्गों ने संत रामपाल जी महाराज के दरबार में अपनी अर्जी लगाई। उनकी मांग स्पष्ट थी – गाँव को इस जलमग्न स्थिति से बाहर निकालना।

48 घंटे में चमत्कार: त्वरित कार्यवाही

संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों की पुकार को सुनते ही जो तत्परता दिखाई, उसने सभी को चकित कर दिया। अर्जी लगाने के मात्र दो दिन के भीतर, संत रामपाल जी महाराज ने शादीपुर में राहत सामग्री का विशाल काफिला भेज दिया। सरपंच संदीप पांचाल ने इस गति को “चमत्कार” की संज्ञा दी।

Also Read: विपदा से विकास तक: संत रामपाल जी महाराज ने रची इस्माइलपुर की जल-निकासी की गौरवगाथा

संत रामपाल जी महाराज ने गाँव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए निम्नलिखित सामग्री प्रदान की:

  • 11,000 फुट पाइपलाइन (8 इंच चौड़ी)
  • दो विशाल 15 एचपी (HP) की मोटरें

संत रामपाल जी महाराज की दयालुता इतनी सूक्ष्म और व्यापक है कि उन्होंने केवल मुख्य उपकरण ही नहीं भेजे, बल्कि स्टार्टर, बैंड, नट-बोल्ट और यहाँ तक कि फेविकोल जैसी छोटी से छोटी वस्तु भी साथ भेजी, ताकि ग्रामीणों को एक रुपये का भी खर्च न करना पड़े।

केवल मदद नहीं, स्थायी समाधान

संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य केवल तात्कालिक राहत देना नहीं, बल्कि समस्या को जड़ से खत्म करना है। उन्होंने यह लाखों का सामान गाँव को ‘उधार’ नहीं, बल्कि हमेशा के लिए ‘उपहार’ स्वरूप दिया है।

संत रामपाल जी महाराज ने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

  1. पाइपलाइन को जमीन में दबा दिया जाए ताकि भविष्य में भी बारिश के समय पानी आसानी से निकाला जा सके।
  2. गाँव का पानी हर हाल में निकलना चाहिए ताकि किसान अगली फसल (गेहूं) की बिजाई समय पर कर सकें।
  3. पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, संत रामपाल जी महाराज ने आदेश दिया कि कार्य की प्रगति को ड्रोन कैमरों द्वारा रिकॉर्ड किया जाए – पानी भरे होने से लेकर, पानी निकलने और अंत में लहलहाती फसल तक।

“वे इंसान के रूप में भगवान हैं”

राहत सामग्री का काफिला जब रात के समय शादीपुर पहुंचा, तो गाँव का माहौल किसी उत्सव जैसा हो गया। ग्रामीणों ने फूलों की मालाओं के साथ संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजे गए काफिले का स्वागत किया।

  • सरपंच संदीप पांचाल ने कहा, “हमने हर जगह गुहार लगाई थी, लेकिन जो काम सरकार 5 साल में नहीं कर पाई, वह संत रामपाल जी महाराज ने 2 दिन में कर दिखाया। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।”
  • गाँव के एक बुजुर्ग ने भावुक होकर कहा, “इतना बड़ा काम भगवान के बिना कोई नहीं कर सकता। वे इंसान के रूप में साक्षात भगवान हैं। उन्होंने हमें नया जीवनदान दिया है।”

प्रदान की गई सहायता ने इस गाँव को इतनी गहराई से छुआ कि संत रामपालजी महाराज को सम्मानित करने और धन्यवाद देने के लिए 21 दिसंबर 2025 को शादीपुर में एक भव्य “सम्मान समारोह” आयोजित किया गया।

SA NEWS LIVE- संत रामपाल जी महाराज का किसान रत्न सम्मान समारोह का डाया (हिसार) से LIVE Telecast – YouTube

अन्नपूर्णा मुहिम : उम्मीद की नई किरण

शादीपुर गाँव को दी गई सहायता कोई अकेली घटना नहीं है। यह “अन्नपूर्णा मुहिम” का हिस्सा है, जो संत रामपाल जी महाराज द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण और निरंतर बाढ़ राहत कार्य है। यह मुहिम, जो भोजन और आश्रय प्रदान करने के प्रयास के रूप में शुरू हुई थी, अब एक व्यापक मानवीय सहायता अभियान में विकसित हो गई है, जिसने 300 से अधिक गाँवों तक पहुँच बनाई है।

सभी प्रयासों का संपूर्ण कवरेज SA News Channel द्वारा सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दस्तावेजित और प्रकाशित किया जा रहा है और आप Flood Relief | SA News Channel पर पूरा कवरेज पढ़ सकते हैं।

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