संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक सुधार अभियानों और आध्यात्मिक संदेशों का दायरा अब देश भर में तेजी से फैल रहा है। उत्तर भारत के बाद अब दक्षिण भारत (South India) में भी उनके विचारों को भारी समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में, चेन्नई से एक प्रमुख दक्षिण भारतीय टीवी नेटवर्क के जनरल मैनेजर संत रामपाल जी महाराज के आश्रम पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर न केवल दर्शन किए, बल्कि आश्रम द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी अभियानों और आध्यात्मिक गतिविधियों का गहराई से जायजा लिया।
आश्रम में हुआ भव्य स्वागत
आश्रम आगमन पर चैनल प्रतिनिधियों का वहां के सेवादारों द्वारा बहुत ही आदर और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर टीवी चैनल के जनरल मैनेजर ने आश्रम की साफ-सुथरी व्यवस्था, अनुशासन और सेवादारों के नम्र व्यवहार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का माहौल और आध्यात्मिक शांति यहां देखने को मिलती है, वह अद्भुत है और दक्षिण भारत के लोग भी अब इस ज्ञान व शांति की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
दक्षिण भारत की क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित होंगे सत्संग
संत रामपाल जी महाराज जी से बातचीत के दौरान टीवी चैनल के मैनेजर ने दक्षिण भारत में संत रामपाल जी महाराज के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय भाषाओं में सत्संग प्रसारित होने से आम जनता को कबीर साहेब का आध्यात्मिक ज्ञान समझने में बहुत आसानी हो रही है।
- कन्नड़ भाषा में सफल प्रसारण: उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों से कन्नड़ भाषा में संत रामपाल जी महाराज के सत्संग कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक प्रसारण किया जा रहा है, जिसे दर्शकों का जबरदस्त उत्साह मिला है।
- तमिल और तेलुगु में विस्तार: आने वाले समय में कन्नड़ के साथ-साथ तमिल और तेलुगु भाषाओं में भी इन आध्यात्मिक कार्यक्रमों का प्रसारण शुरू करने की पूरी योजना है। इससे दक्षिण भारत का एक बहुत बड़ा वर्ग अपनी मातृभाषा में संत जी के मंगल प्रवचनों से जुड़ सकेगा।
”जो कार्य सरकार का, वह आश्रम कर रहा” — राहत अभियानों की सराहना
आश्रम में लगाई गई प्रदर्शनी देखने के दौरान जब चैनल प्रतिनिधियों को हाल ही में चलाए गए बाढ़ राहत अभियानों, मुफ़्त राशन वितरण और प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं के बारे में बताया गया, तो वे हैरान रह गए। आश्रम द्वारा की जा रही जनसेवा को देखकर साउथ टीवी चैनल के प्रतिनिधि ने कहा:
”आश्रम द्वारा चलाए जा रहे राहत और समाज सेवा के कार्य इतने विशाल और व्यवस्थित स्तर पर हैं। यह तो सरकार का काम है लेकिन संत रामपाल जी महाराज जी इसे कर रहे हैं, यह बहुत ही सराहनीय है। आपदा के समय में निष्काम भाव से दीन-दुखियों और लाचारों की मदद करना ही सबसे बड़ा धर्म है।”
नशा-मुक्ति और दहेज-मुक्त समाज का निर्माण
आश्रम में संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से दहेज-मुक्त विवाह (रमैणी) कराए जाते हैं, जहां बिना किसी लेन-देन के मात्र 17 मिनट में सादगीपूर्ण विवाह संपन्न होते हैं। इसके साथ ही, उनके ज्ञान से जुड़कर लाखों लोग बीड़ी, सिगरेट, शराब और अन्य तरह के व्यसनों को हमेशा के लिए त्याग चुके हैं।
चैनल के अधिकारियों ने माना कि आज के समय में जब समाज नशे और सामाजिक बुराइयों से जूझ रहा है, ऐसे समय में संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे ये अभियान समाज को एक नई दिशा दे रहे हैं।
दक्षिण भारत में कबीर साहेब के विचारों की नई लहर
आश्रम दौरे के अंत में टीवी चैनल के प्रतिनिधियों ने इस आध्यात्मिक और सामाजिक अभियान का हिस्सा बनने पर खुशी जताई। उनका मानना है कि जब दक्षिण भारत की सभी प्रमुख भाषाओं में संत रामपाल जी महाराज के सत्संग का प्रसारण होगा, तो इससे न केवल अध्यात्म का प्रचार होगा, बल्कि कलयुग के इस दौर में समाज में नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की एक नई क्रांति देखने को मिलेगी।



