“असली राम” की तलाश पूर्ण करने से लेकर जलभराव की राहत तक: संत रामपाल जी महाराज ने जीता देश का दिल

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हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब तक, समाज का हर वर्ग संत रामपाल जी महाराज के जन-कल्याणकारी कार्यों के आगे नतमस्तक है। अयोध्या से आए श्रद्धालु की “असली राम” की तलाश पूरी होने से लेकर, जलमग्न खेतों से पानी निकालने और गौशालाओं में हजारों क्विंटल चारे की व्यवस्था करने तक संत जी का निस्वार्थ मिशन समाज में एक नई क्रांति ला रहा है।

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कोसीकलां (मथुरा, UP) के श्रद्धालु ने की संत रामपाल जी की जनसेवा की सराहना: “मैं रात 4 बजे तक आपके प्रोग्राम देखता हूँ” 

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसीकलां से एक श्रद्धालु ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से विशेष मुलाकात की। श्रद्धालु ने बताया कि वे रात के तीन-चार बजे तक संत जी के सत्संग और उनके द्वारा किए जा रहे समाज सेवा के कार्यों के वीडियो देखते हैं, जिससे उन्हें आत्मिक शांति मिलती है। उन्होंने संत जी के अद्भुत कार्यों की जमकर प्रशंसा की, विशेषकर उन जगहों पर जहां सरकार ने भी पानी निकालने से मना कर दिया था, वहां संत जी ने पानी निकलवाया, करोड़ों रुपये के पाइप भिजवाए, गौशालाओं में भारी मात्रा में चारा भेजा और महज 15 दिनों में गरीबों को घर बनाकर सौंप दिए। श्रद्धालु की इन भावनाओं को सुनकर संत रामपाल जी ने विनम्रतापूर्वक कहा कि वे तो केवल एक ‘सेवक’ हैं और समाज की सेवा कर रहे हैं।

झाड़सर कांधलान (चूरू, राजस्थान) के गौशाला अध्यक्ष का आभार: संत रामपाल जी ने 500 क्विंटल चारा भेजकर की मदद 

राजस्थान के चूरू जिले के झाड़सर कांधलान गांव से एक गौशाला के प्रधान और उनके साथियों ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त किया। प्रधान ने बताया कि संत जी की ओर से उनकी गौशाला के लिए 500 क्विंटल चारा भेजा गया था, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। संत जी के ज्ञान और परोपकार से अत्यधिक प्रभावित होकर प्रधान ने नाम दीक्षा भी ले ली है। संत रामपाल जी ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे उनके अपने बच्चे (शिष्य) हो गए हैं और उन्हें गौशाला में सत्संग चलाने की सलाह दी ताकि गौमाता को भी आध्यात्मिक लाभ मिले। ग्रामीणों ने बरसात से फसल होने पर भी संत जी का आशीर्वाद माना और उनके चरणों में कृतज्ञता प्रकट की।

झुंझुनू (राजस्थान) के सरपंच ने संत रामपाल जी को बताया “दाता”: जनहित कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की 

राजस्थान के झुंझुनू जिले से एक ग्राम पंचायत के सरपंच ने सतलोक आश्रम आकर संत रामपाल जी महाराज के जनहित कार्यों की जमकर सराहना की। सरपंच ने संत जी से कहा कि उन्होंने आज तक ऐसा कोई व्यक्ति नहीं देखा जो इस निस्वार्थ भाव से समाज की इतनी बड़ी मदद कर रहा हो, जितना संत जी कर रहे हैं। सरपंच ने भावुक होकर संत जी को “भगवान” और “दाता” की संज्ञा दी, जिस पर संत रामपाल जी ने अत्यंत विनम्रता से स्वयं को केवल एक ‘सेवक’ बताया और कहा कि वे भविष्य में समाज की और भी अधिक सेवा करेंगे। सरपंच ने अपनी ग्राम पंचायत और गौशाला में चारे की समस्या भी संत जी के सामने रखी, जिसके समाधान का संत जी ने पूरा आश्वासन दिया।

अयोध्या (उत्तर प्रदेश) के श्रद्धालु को मिला सत्य ज्ञान: “जिले में नहीं, संत रामपाल जी में मिले असली राम” 

उत्तर प्रदेश की राम नगरी अयोध्या से आए एक श्रद्धालु ने सतलोक आश्रम में संत रामपाल जी महाराज से मिलकर नाम दीक्षा प्राप्त की। श्रद्धालु ने अपनी गहरी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि 32 साल की उम्र तक अयोध्या के मंदिरों में जाने के बावजूद उन्हें जिस पूर्ण ब्रह्म या “असली राम” की तलाश थी, वह उन्हें संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान में मिली है। श्रद्धालु ने संत जी की ज्ञान गंगा पुस्तक पढ़ने के बाद यह सत्य जाना और दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने संत जी को कोटि-कोटि प्रणाम करते हुए कहा कि आज उनका जीवन सफल हो गया है। संत रामपाल जी ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि महापुरुषों का जन्मस्थान आदरणीय होता है, लेकिन असली राम (पूर्ण परमात्मा) ज्ञान और सत्यभक्ति में बसते हैं।

मालवी (जींद, हरियाणा) के सरपंच और ग्रामीणों को मिला जलभराव से राहत का पक्का आश्वासन 

हरियाणा के जींद जिले के जुलाना क्षेत्र स्थित मालवी गांव के सरपंच और ग्रामीण सतलोक आश्रम पहुंचे। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से गुहार लगाई कि उनके गांव के लगभग 25 एकड़ खेतों में भारी जलभराव हो गया है, जिसके लिए पानी निकालने वाली मोटरों की सख्त आवश्यकता है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी संत जी ने उनके गांव में मोटरें भेजकर मदद की थी, लेकिन वह पर्याप्त नहीं थी। संत रामपाल जी ने बिना किसी देरी के उनकी अर्जी स्वीकार की और कहा, “कमी नहीं रहने देंगे, खूब मोटरें मिलेंगी, बस लिखकर दे दो।” ग्रामीणों ने संत जी की इस निस्वार्थ सेवा और एक गरीब परिवार को मिली विशेष मदद के लिए उनका कोटि-कोटि धन्यवाद किया, जिस पर संत जी ने स्वयं को केवल समाज का सेवक बताया।

लुधियाना (पंजाब) के डायरेक्टर का अद्भुत अनुभव: “सपने में दर्शन देकर संत रामपाल जी ने खींचा अपनी ओर”

पंजाब के खन्ना (लुधियाना) से ‘श्याम रतन सेवा इंटरनेशनल फाउंडेशन’ के डायरेक्टर ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। डायरेक्टर, जो स्वयं गरीबों के राशन, मकान और इलाज की मदद करते हैं, ने एक चमत्कारिक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि 15 दिन पहले उन्हें सपने में संत जी की तस्वीर दिखाई दी, जबकि वे उनके बारे में कुछ नहीं जानते थे। बाद में एक दोस्त के माध्यम से उन्हें संत जी की पहचान हुई और इंटरनेट पर उनके जनसेवा कार्यों को देखकर वे बेहद प्रभावित हुए। बीमारी और व्याकुलता के बावजूद वे दर्शन करने आए और दर्शन मात्र से उनका मन प्रसन्न हो गया। संत रामपाल जी ने कहा कि भगवान आपके घर इसलिए गए ताकि आप सत्यभक्ति करें। साथ ही उनके एक साथी ने बताया कि नाम दीक्षा लेने के बाद उनके एक साल से रुके हुए 5 लाख रुपये भी वापस मिल गए।

तारानगर (चूरू, राजस्थान) के गौशाला कोषाध्यक्ष ने की जनसेवा की सराहना: संत रामपाल जी के तेज की सूरज से की तुलना 

राजस्थान के चूरू जिले (तारानगर क्षेत्र) से एक गौशाला के कोषाध्यक्ष (Treasurer) ने सतलोक आश्रम में संत रामपाल जी महाराज के दर्शन किए। उन्होंने संत जी के परोपकारी कार्यों और गौशालाओं के लिए चलाए जा रहे व्यापक मदद अभियान की जमकर सराहना की। कोषाध्यक्ष ने कहा कि संत जी की यह पहल समाज के लिए अत्यंत सराहनीय है और उनका नाम बहुत बड़ा है। उन्होंने संत रामपाल जी के आभामंडल की तुलना सूरज के तेज से करते हुए कहा कि आपका प्रताप चारों ओर फैल रहा है। संत रामपाल जी ने उनकी इस प्रशंसा का धन्यवाद करते हुए कहा कि इससे उनका हौसला बढ़ता है और वे भविष्य में गौशाला और समाज के लिए और भी अधिक सेवा करेंगे।

हिसार (हरियाणा) की गौशाला कमेटी का आभार: 50 डॉक्टरों की टीम और 3500 गायों वाले चिकित्सालय की दी जानकारी 

हरियाणा के हिसार जिले से एक गौशाला और गौ-चिकित्सालय की कमेटी ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से विशेष मुलाकात की। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि उनका गौ-चिकित्सालय 100 किलोमीटर के दायरे में घायल और एक्सीडेंट वाली गायों का इलाज करता है। उनके पास 3500 से अधिक गायें, 50 डॉक्टरों की टीम और 24 घंटे चलने वाली एंबुलेंस सेवाएं हैं। कमेटी ने संत रामपाल जी द्वारा गौ-सेवा के क्षेत्र में की जा रही मदद और चारे के वितरण के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने संत जी से समय निकालकर उनके गौ-चिकित्सालय का दौरा करने की प्रार्थना की। संत रामपाल जी ने उनकी सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका स्वयं जाना मुश्किल है, लेकिन भगवान की कृपा हमेशा उनके नेक कार्यों के साथ रहेगी।

परोपकार व निस्वार्थ समाज सेवा 

संत रामपाल जी महाराज का मिशन केवल सैद्धांतिक उपदेशों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘सुकृत’ (परोपकार व निस्वार्थ समाज सेवा) और ‘बंदगी’ (शास्त्र-प्रमाणित सत्यभक्ति) का एक जीवंत महासंगम है। एक ओर जहाँ उनका अद्भुत आध्यात्मिक ज्ञान युवाओं को नशामुक्ति और कुप्रथाओं से दूर कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उनकी जमीनी मदद चाहे वह बेसहारा अनाथों व विधवाओं को छत देना हो, बाढ़ में डूबे किसानों को मोटर-पाइप देना हो, या गौशालाओं में हजारों क्विंटल चारे की व्यवस्था करना हो मानवता का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख रही है। 

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