कंदूल गांव में बाढ़ से जूझते किसानों के लिए वरदान साबित हुए संत रामपाल जी महाराज, जल निकासी के साथ दी स्थायी राहत

Published on

spot_img

हरियाणा के हिसार जिले की उकलाना तहसील के अंतर्गत आने वाला कंदूल/कण्डूल गांव पिछले दो महीनों से भी अधिक समय तक भयंकर जलभराव की मार झेल रहा था। खेतों में फसलों की जगह सड़े हुए पानी की दुर्गंध फैली थी, दीवारों में दरारें आ चुकी थीं, मवेशी बीमार हो रहे थे और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे थे। प्रशासन से लेकर सरकारी विभागों तक, हर दरवाज़े पर दस्तक दी गई, लेकिन राहत सिर्फ आश्वासन के रूप में मिली।

ऐसे कठिन समय में, जब हर उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत अपनी अद्भुत जनसेवा का परिचय देते हुए गांव को जीवनदान राहत सामग्री प्रदान की।

कंदूल ग्राम पंचायत पहुंची थी प्रार्थना लेकर

बाढ़ से तबाह कंदूल गांव के सरपंच और ग्रामीण राहत मिलने से पहले संत रामपाल जी महाराज के मुनींद्र धर्मार्थ ट्रस्ट के बरवाला कार्यालय पहुंचे और सहायता की गुहार लगाई। 1 अक्टूबर 2025 को उन्होंने अपनी स्थिति का विस्तृत विवरण देते हुए एक आधिकारिक प्रार्थना पत्र लिखा, जिस पर गांव के सरपंच राजेश जी के हस्ताक्षर थे। ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने उन्हें बताया कि यह प्रार्थना पत्र विधिक (विधि या कानून संबंधी) माध्यमों से तत्‍वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के चरणों में भेजा जाएगा। 

जब गुरुजी की सहमति प्राप्त हुई, तो उनके दिव्य करुणाभाव ने उस विनती को तुरंत कार्य में बदल दिया, राहत सामग्री तुरंत कंदूल पहुंची। एक बार फिर यह सिद्ध हो गया कि जो संत किसानों के दर्द को समझते हैं, उनके रहते कोई भी व्यक्ति असहाय नहीं रह सकता।

कंदूल गांव को मिली अन्नपूर्णा मुहिम के तहत सहायता : मुख्य बिंदु 

  • अन्नपूर्णा मुहिम के तहत राहत:  तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत किसानों को राहत दी गई।
  • 3300 फीट पाइपलाइन व 15 एचपी मोटर: उच्च गुणवत्ता वाली पाइप लाइन और मोटर से खेतों से पानी निकासी का स्थायी समाधान।
  • सेवादारों को मिला आदेश: सभी आश्रमों में चल रहे अन्य कार्य रोककर सेवादारों को राहत सेवा करने का मिला आदेश।
  • गांव के हित में सख्त निर्देश: अगर समय पर पानी नहीं निकला या फसल बोई नहीं गई, तो भविष्य में मदद रोकने का आदेश भी दिया गया।
  • पूर्ण पारदर्शिता: हर चरण की ड्रोन वीडियो बनाई गई ताकि संगत को दिखाया जा सके कि उनका दान सही जगह उपयोग हो रहा है।
  • गांव वालों की भावनाएं: ग्रामीणों ने कहा, “संत रामपाल जी महाराज केवल संत नहीं, हमारे लिए भगवान हैं।”

सेवा के लिए रोक दिए गए सभी निर्माण कार्य

संत रामपाल जी महाराज की ओर से आदेश आया कि, “सभी सतलोक आश्रमों में चल रहे निर्माण कार्य या अन्य प्रमुख कार्यों को तुरंत रोक दिया जाए और सभी सेवादार इस राहत सेवा में लग जाएं।”

राहत सामग्री पहुंची और कंदूल गांव में फैली खुशी की लहर

कंदूल गांव को 15 एचपी की मोटर और 3300 फीट लंबी 8 इंच पाइपलाइन दी गई। साथ ही तार, स्टार्टर पैनल, फेविकोल सॉल्यूशन, एल्बो बेंड जैसे छोटे-छोटे उपकरण भी उपलब्ध कराए गए ताकि गांव को किसी प्रकार की परेशानी न हो। गांव के सरपंच ने संत रामपाल जी महाराज के आदेश को स्वीकार करते हुए हस्ताक्षर कर यह जिम्मेदारी ली कि उपकरणों का उपयोग पूर्ण ईमानदारी से किया जाएगा।

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट संदेश

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने ग्राम पंचायत को एक विशेष पत्र के माध्यम से आदेश दिया कि: “यदि दी गई राहत सामग्री से निर्धारित समय पर पानी नहीं निकाला गया या इस सीज़न में फसल की बुवाई नहीं हुई, तो आगे से ट्रस्ट किसी प्रकार की मदद नहीं करेगा।” 

Also Read: बाढ़ग्रस्त बोहल गांव में संत रामपाल जी महाराज की करुणा से लौटी किसानों की उम्मीद

इसके साथ ही कहा गया कि यदि गांव को आगे और सहायता चाहिए, तो वे पुनः प्रार्थना करके आवश्यक सामान प्राप्त कर सकते हैं। गुरुदेव जी ने स्पष्ट कहा, “सामान चाहे जितना भी लगे, लेकिन गांव से पानी निकलना चाहिए।”

पारदर्शिता और जवाबदेही का अनोखा उदाहरण

राहत कार्य की पूरी प्रक्रिया को ड्रोन कैमरों से रिकॉर्ड किया गया। पहले वीडियो में गांव की स्थिति दिखाई गई, दूसरे में जल निकासी की प्रक्रिया, और तीसरे वीडियो में जब खेतों में फसल लहरा रही होगी, तब ये फुटेज संगत को समागमों में दिखाई जाएगी। इससे यह प्रमाणित होगा कि संगत के दान का प्रत्येक रुपया सही स्थान पर उपयोग हो रहा है।

किसानों और ग्रामीणों की भावनाएं

गांव के बुजुर्गों और किसानों ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा : 

“हम प्रशासन के सारे दफ्तरों के चक्कर काट चुके थे, लेकिन राहत सिर्फ संत रामपाल जी महाराज से मिली। उन्होंने हमारी जान और ज़मीन दोनों बचाई हैं।”

किसानों ने आगे कहा : 

“हमारे गांव में 50 एकड़ में पानी भरा हुआ था। अब जो मोटर और पाइप मिले हैं, उनसे हमारी ज़मीन दोबारा फसल बोने लायक हो जाएगी।” कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यह केवल बाढ़ से राहत नहीं, बल्कि जीवनदान है। उन्होंने बार-बार संत रामपाल जी महाराज का धन्यवाद किया।

मानवता की मिसाल और सेवा का अनूठा संगम

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम न केवल भूखों को भोजन दे रही है, बल्कि अब प्राकृतिक आपदाओं में भी मानवता की मिसाल बन गई है। जिन कथावाचकों ने कथा से लाखों रुपए कमाए, वे मौन बैठे हैं, जबकि संत रामपाल जी महाराज हर ज़रूरतमंद के साथ खड़े हैं।

जनसेवा से जुड़ा आध्यात्मिक संदेश

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने बताया कि वह स्वयं किसान परिवार से हैं, इसलिए वे किसानों का दर्द समझते हैं। उनका कहना है कि “किसान के घर चूल्हा जलेगा तो मज़दूर के घर भी चूल्हा जलेगा।”

उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की कि उन्हें दी गई मोटर और पाइपलाइन को स्थायी समाधान के रूप में इस्तेमाल करें ताकि भविष्य में कभी जलभराव की समस्या न रहे। यह सहायता उनके लिए कबीर परमात्मा की कृपा से दिया गया एक अनमोल उपहार है।

भविष्य के लिए प्रेरणा बना हिसार का कंदूल गांव 

कंदूल गांव का यह उदाहरण पूरे हरियाणा के लिए प्रेरणादायक है। यह सिर्फ राहत कार्य नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश भी है कि जब सेवा निस्वार्थ भाव से की जाए, तो असंभव भी संभव हो जाता है। संत रामपाल जी महाराज की इस पहल से न केवल किसानों की फसलें बचीं बल्कि लोगों के दिलों में मानवता पर विश्वास और मज़बूत हुआ है।

Latest articles

World Heart Day 2026: Know How to Keep Heart Healthy

Last Updated on 27 September 2026 IST | World Heart Day 2026: World Heart...

Shradh 2026 (Pitru Paksha): Shradh Karma Is Against Our Holy Scriptures!

From dates, ceremonies, and rituals to meaning and significance, know all about Shradh (Pitru Paksha).

संत रामपाल जी महाराज द्वारा चूरू के भीमसाना गाँव की गौशाला हेतु 750 क्विंटल चारा प्रेषित

राजस्थान राज्य के चूरू जिले के अंतर्गत आने वाले भीमसाना गाँव में नौ गाँवों...
spot_img

More like this

World Heart Day 2026: Know How to Keep Heart Healthy

Last Updated on 27 September 2026 IST | World Heart Day 2026: World Heart...

Shradh 2026 (Pitru Paksha): Shradh Karma Is Against Our Holy Scriptures!

From dates, ceremonies, and rituals to meaning and significance, know all about Shradh (Pitru Paksha).