संत रामपाल जी महाराज ने झज्जर के डीघल गांव में बनवाया 80 लाख का विशाल शेड

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हरियाणा के झज्जर जिले के अंतर्गत आने वाले गांव डीघल में स्थित गोपाल श्री कृष्ण गौशाला में गौवंश के संरक्षण हेतु एक विशाल आधुनिक शेड का निर्माण पूर्ण हो चुका है। संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से इस भव्य शेड का निर्माण करवाया है। 

इस शेड की लंबाई 200 फुट और चौड़ाई 80 फुट निर्धारित की गई है। ग्राम पंचायत डीघल और गौशाला कमेटी की ओर से की गई एक प्रार्थना पर संत रामपाल जी महाराज ने इस निर्माण का आदेश दिया था। निर्माण प्रक्रिया को 4 महीने की समयावधि के भीतर पूर्ण कर इसे गौशाला प्रबंधन को आधिकारिक रूप से सौंप दिया गया है। 

इस शेड के निर्माण से गौशाला में रहने वाली हजारों गायों को प्रतिकूल मौसम जैसे अत्यधिक ठंड, गर्मी और भारी वर्षा से सुरक्षा प्राप्त होगी।

लोकार्पण समारोह और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

शेड के लोकार्पण के अवसर पर संत रामपाल जी महाराज के सेवादार, गांव के जनप्रतिनिधि और गौशाला कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। गांव बराना के सरपंच संदीप शास्त्री ने इस अवसर पर कहा कि दिव्य पुरुष जन कल्याण के लिए कार्य करते हैं। 

उन्होंने उल्लेख किया कि सरकार के पास कई प्रस्ताव भेजे जाते हैं जिनमें से कुछ ही स्वीकृत होते हैं, किंतु संत रामपाल जी महाराज ने जन कल्याण को प्राथमिकता देते हुए तुरंत इस शेड का निर्माण करवाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शेड गौवंश को ओस, धूप और बरसात जैसी समस्याओं से राहत प्रदान करेगा।

गांगटन गांव के सरपंच दलवीर सिंह ने इस कार्य को अन्य संतों के कार्यों से पृथक बताया। उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज ने समस्त हिंदू समाज की इस गौशाला के लिए जो सहयोग दिया है, वह उपकारी है। डीघल गांव की महिला निवासियों ने जानकारी दी कि संत रामपाल जी महाराज ने पूर्व में गांव में स्वच्छ जल हेतु आरओ (RO) प्लांट भी लगवाया था। उन्होंने समाज सुधार के अन्य कार्यों जैसे दहेज मुक्त विवाह, नशा मुक्ति और अन्नपूर्णा मुहिम के तहत गरीबों को रोटी, कपड़ा और मकान उपलब्ध कराने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।

यह भी पढ़े: उजड़ते खेतों को मिला नया जीवन: संत रामपाल जी महाराज ने कैसे बचाई किशनगढ़ और इमलीगढ़ की लाज

पूर्व प्रधान और वर्तमान समिति का वक्तव्य

गोपाल श्री कृष्ण गौशाला के पूर्व प्रधान आनंद सिंह, जो 28 वर्षों तक इस पद पर रहे, उन्होंने बताया कि संत रामपाल जी महाराज ने लगभग 10-12 वर्ष पूर्व भी तिलियार क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक गौशाला को 11-11 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की थी। वर्तमान प्रधान के पुत्र ने भी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस आशीर्वाद से नई पीढ़ी को गौ सेवा की प्रेरणा मिली है। उन्होंने समय-समय पर मार्गदर्शन और सहयोग की अपेक्षा भी व्यक्त की।

सेवा और विकास कार्यों का विस्तार

राजेश कुमार, जो जेबीटी अध्यापक हैं, उन्होंने इस शेड को लोकहित और गौहित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति अपने स्तर पर इतना बड़ा शेड बनाने में समर्थ नहीं हो सकता, किंतु संत रामपाल जी महाराज ने हजारों पशुओं के विश्राम हेतु यह व्यवस्था की है।

संत रामपाल जी महाराज ने डीघल गौशाला में बनवाया 80/200 फुट का शेड

अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज ने पूर्व में भी विभिन्न आपदाओं में सहयोग किया है:

  • बाढ़ के दौरान सहायता: बाढ़ के समय जब गौवंश के लिए चारे का संकट उत्पन्न हुआ था, तब संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत चारे की व्यवस्था उपलब्ध करवाई थी।
  • किसानों का सहयोग: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खेतों से पानी निकलवाकर गेहूं की बिजाई सुनिश्चित की गई थी।
  • बुनियादी ढांचा विकास: डीघल गांव में आरओ प्लांट के साथ-साथ नहर पर कमरों का निर्माण और जरूरतमंदों के लिए आवास की व्यवस्था भी संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से करवाई है।

सम्मान समारोह और पारंपरिक सत्कार

इस अवसर पर डीघल गौशाला कमेटी और पंचायत द्वारा संत रामपाल जी महाराज के सम्मान में विशेष आयोजन किया गया। 105 गांवों और सतगामा तपा बालंद की ओर से संत रामपाल जी महाराज को मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। गौशाला कमेटी के पूर्व प्रधान ने पगड़ी पहनाकर और विशाल फूल माला भेंट कर महाराज के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। सेवादारों को भी प्रतीक चिन्ह सौंपे गए। ग्रामीणों ने इस सेवा कार्य को जीव दया की अनूठी मिसाल बताया।

शेड निर्माण एवं सेवा विवरण तालिका

विवरणविवरण का तथ्य
स्थानगोपाल श्री कृष्ण गौशाला, गांव डीघल, झज्जर (हरियाणा)
शेड का आकार80 फुट चौड़ाई x 200 फुट लंबाई
निर्माण अवधि4 महीने
कुल लागतलगभग 80 लाख रुपये
मुख्य लाभार्थीहजारों गौवंश एवं ग्रामीण समुदाय
अन्य कार्यआरओ प्लांट, नहर पर कमरे, बाढ़ राहत, नशा मुक्ति, दहेज मुक्त विवाह
सहयोग प्रदातासंत रामपाल जी महाराज (अन्नपूर्णा मुहिम)

गौवंश संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण पर प्रभाव

इस शेड के निर्माण से गौशाला की क्षमता और पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन में सुधार होगा। यह संरचना गौवंश को मौसमी बीमारियों और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करेगी। ग्रामीणों के अनुसार, संत रामपाल जी महाराज के इन प्रयासों से समाज में परोपकार और जीव दया के प्रति चेतना जागृत हुई है। अन्नपूर्णा मुहिम के तहत किए जा रहे ये कार्य न केवल पशु धन के संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को भी सुदृढ़ बना रहे हैं।

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