भारत की ग्रामीण आत्मा किसान है। खेतों में पसीना बहाने वाला यही वर्ग देश की खाद्य सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संतुलन की नींव रखता है। इसी किसान समाज ने मिलकर किसान गौरव सम्मान समारोह का आयोजन किया है, जिसमें संत रामपाल जी महाराज को किसानों द्वारा सम्मानित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उन लाखों किसानों की सामूहिक भावना है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में संत रामपाल जी महाराज के विचारों और मार्गदर्शन से आत्मबल पाया।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के प्रति यह सम्मान किसी औपचारिकता का परिणाम नहीं है, बल्कि किसानों के अनुभव, विश्वास और जमीनी सच्चाइयों से उपजा है। ग्रामीण भारत में जब बाढ़, जलभराव और निराशा ने किसानों को घेरा, तब संत रामपाल जी महाराज के विचार, उनका सामाजिक दृष्टिकोण और मानवता आधारित सोच किसानों के लिए नैतिक संबल बनी। इसी कारण यह आयोजन किसानों की ओर से सामूहिक कृतज्ञता का स्वरूप ले चुका है।
बाढ़ से प्रभावित गांव और दी गई मदद
| क्रम | गांव का नाम | जिला | बाढ़ की हालत | क्या-क्या मदद दी गई |
| 1 | जौंधी | झज्जर | खेतों में महीनों पानी भरा रहा | बड़े पंप (मोटर), लंबी पाइप, डीज़ल, खेतों से पानी निकलवाया |
| 2 | बधावड़ | हिसार | खेत और घर डूब गए | ताकतवर मोटरें, लगातार पानी निकालने की व्यवस्था |
| 3 | केमरी | हिसार | हजारों एकड़ खेत खराब | मोटर, पाइप, खेत सुखाने में पूरी मदद |
| 4 | सीसर खास | रोहतक | 70–75% खेत पानी में | पंप, पाइप, कई दिन तक पानी निकाला |
| 5 | पटवापुर | हरियाणा | लंबे समय तक जलभराव | पानी निकालने के साधन, खेती की तैयारी में सहयोग |
| 6 | काला गांवड़ा | हरियाणा | गेहूं की बिजाई रुक गई | खेतों से पानी निकाला, समय पर बिजाई संभव हुई |
| 7 | बखता | रोहतक | गरीब परिवार और खेत प्रभावित | राशन, रोज़मर्रा का सामान, मौके पर मदद |
| 8 | ढाया | हिसार | खेतों में काला पानी | मोटर, पाइप, निगरानी के साथ जल निकासी |
| 9 | बालंद | रोहतक | निचले खेत डूबे | पंप और पाइप से खेत सुखाए |
| 10 | बेरी क्षेत्र के गांव | रोहतक | बड़े इलाके में पानी | एक साथ कई जगह मोटरें लगाईं |
| 11 | सांपला क्षेत्र के गांव | रोहतक | फसल पूरी तरह खराब | पानी निकालने के साधन, खेत तैयार किए |
| 12 | कलानौर क्षेत्र के गांव | रोहतक | खेतों में पानी रुका | मोटर, पाइप और लगातार सहायता |
| 13 | झज्जर के ग्रामीण गांव | झज्जर | रास्ते और खेत डूबे | पंप, पाइप और डीज़ल की व्यवस्था |
| 14 | हिसार के ग्रामीण गांव | हिसार | फसल नष्ट हो गई | बड़े पंप, खेत सुखाने में सहयोग |
| 15 | रोहतक के ग्रामीण गांव | रोहतक | बिजाई नहीं हो पा रही थी | पानी निकालकर खेती लायक बनाया |
105 गाँवों का साझा मंच: संत रामपाल जी महाराज के लिए किसानों की एकजुटता
यह किसान गौरव सम्मान समारोह 105 गाँवों एवं सतगामा तपा बालंद का संयुक्त कार्यक्रम है, जिसमें किसानों ने एक स्वर में संत रामपाल जी महाराज को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। अलग-अलग पंचायतों, गांवों और क्षेत्रों का एक मंच पर आना यह दर्शाता है कि संत रामपाल जी महाराज के प्रति सम्मान किसी एक गांव या वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण समाज की साझा भावना है।
ग्रामीण समाज में ऐसे आयोजन तभी संभव होते हैं, जब विश्वास गहरा हो। किसानों का मानना है कि संत रामपाल जी महाराज ने समाज को जोड़ने, धैर्य रखने और संकट में संयम बनाए रखने का मार्ग दिखाया। यही कारण है कि यह समारोह केवल आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक स्मृति और सामूहिक अनुभवों का सम्मान है।
आयोजक संस्थाएँ और किसानों की भावना
इस किसान गौरव सम्मान समारोह का आयोजन सतनामा तपा बालंद, सरपंच एसोसिएशन ब्लॉक रोहतक, सरपंच एसोसिएशन ब्लॉक कलानौर, सरपंच एसोसिएशन ब्लॉक सांपला एवं जिला पार्षद रोहतक द्वारा किया जा रहा है। इन संस्थाओं की सहभागिता यह दर्शाती है कि किसानों द्वारा दिया जा रहा यह सम्मान सामाजिक, नैतिक और सार्वजनिक रूप से स्वीकार्य है।
कार्यक्रम की तिथि, समय और स्थान
यह किसान गौरव सम्मान समारोह रविवार, 4 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे आयोजित किया जाएगा। स्थान निर्धारित किया गया है—SVM कॉलेज के सामने, सतगामा तपा चबूतरा पार्क, बालंद बेरी रोड, रोहतक।
किसानों ने स्वयं इस स्थान का चयन किया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस सम्मान समारोह में शामिल होकर संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर सकें।
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किसानों के अनुभव और संत रामपाल जी महाराज पर विश्वास
इस किसान गौरव सम्मान समारोह की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह सम्मान किसानों की अपनी आवाज़ है। किसान अपने अनुभव साझा करेंगे कि कैसे संकट के समय संत रामपाल जी महाराज के विचारों ने उन्हें टूटने नहीं दिया। ये अनुभव किसी प्रचार का हिस्सा नहीं, बल्कि किसानों की जमीनी सच्चाइयों से निकली भावनाएँ हैं।
सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्य
यह किसान गौरव सम्मान समारोह जाति, वर्ग और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर संत रामपाल जी महाराज के प्रति किसानों की साझा भावना को प्रकट करता है। यह आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों का सशक्त उदाहरण है।
मीडिया, संवाद और डिजिटल प्रभाव
आज के डिजिटल युग में किसानों द्वारा संत रामपाल जी महाराज को दिया जा रहा यह सम्मान दूर-दराज़ तक पहुंचेगा। यह आयोजन बताएगा कि जब किसान सम्मान देता है, तो वह अनुभव, विश्वास और कृतज्ञता के आधार पर देता है।
पारिवारिक सहभागिता का महत्व
इस किसान गौरव सम्मान समारोह में सपरिवार आमंत्रण दिया गया है, जिससे यह सम्मान समारोह किसानों और उनके परिवारों की सामूहिक भावना का उत्सव बन जाता है।
किसानों के मसीहा का ऐतिहासिक अभिनंदन, कृतज्ञ किसान समाज द्वारा दिए गए सम्मान
जब किसान समाज किसी व्यक्तित्व को सम्मान देता है, तो वह सम्मान किसी औपचारिकता से नहीं, बल्कि वर्षों के अनुभव, भरोसे और जमीनी सच्चाइयों से जन्म लेता है। किसान गौरव सम्मान समारोह की मूल भावना भी इसी कृतज्ञता से जुड़ी है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों और सामाजिक संगठनों ने जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को उनके मानवतावादी दृष्टिकोण, समाज को जोड़ने वाले विचारों और किसानों के प्रति संवेदनशील मार्गदर्शन के लिए अनेक अवसरों पर सम्मानित किया है।
ये सम्मान किसी पद, प्रचार या औपचारिक प्रक्रिया का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि उन अन्नदाताओं की सामूहिक भावना की अभिव्यक्ति हैं, जिन्होंने संकट, बाढ़, जलभराव और निराशा के समय संत रामपाल जी महाराज के विचारों से नैतिक संबल और आत्मबल पाया। जिस प्रकार 105 गाँवों के किसान एक मंच पर आकर उन्हें सम्मानित कर रहे हैं, उसी कड़ी में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से प्राप्त ये सम्मान यह स्पष्ट करते हैं कि यह सम्मान व्यापक, अनुभवजन्य और किसानों के दिल से निकला हुआ है।
किसानों द्वारा दिए गए सम्मान
| क्रम | तिथि | सम्मान का नाम | सम्मान देने वाली संस्था / समूह | स्थान |
| 1 | 12 अक्टूबर 2025 | मानवता रक्षक सम्मान | महम चौबीसी खाप | महम, जिला रोहतक (हरियाणा) |
| 2 | 08 नवम्बर 2025 | धनाना रत्न सम्मान | 36 बिरादरी, पताना | सोनीपत (हरियाणा) |
| 3 | 09 नवम्बर 2025 | किसान रक्षक सम्मान | किसान संगठन | — |
| 4 | 16 नवम्बर 2025 | किसान रक्षक सम्मान | कुंडालियां ग्राम पंचायत | बनाना (गुजरात) |
| 5 | 24 नवम्बर 2025 | शॉल एवं स्मृति-चिह्न से सम्मान | पोटूराम जयंती आयोजन समिति | हिसार (हरियाणा) |
| 6 | 07 दिसम्बर 2025 | किसान मसीहा सम्मान | किसान प्रतिनिधि | — |
| 7 | 09 दिसम्बर 2025 | भारत गौरव अवॉर्ड | कालीरमन फाउंडेशन / IICC | नई दिल्ली |
| 8 | 21 दिसम्बर 2025 | किसान रत्न सम्मान | भारतीय किसान यूनियन (अंचावता) एवं किसान संगठन | गाँव डाया, जिला हिसार (हरियाणा) |
| 9 | 28 दिसम्बर 2025 | किसान जीवन रक्षक सम्मान | जुलाना बारहा खाप एवं सरपंच एसोसिएशन | शादीपुर, जिला जींद (हरियाणा) |
| 10 | 01 जनवरी 2026 | जन सेवक रत्न सम्मान | सरपंच एसोसिएशन हाँसी ब्लॉक-1 एवं टीम नरेश | हाँसी, हरियाणा |
निष्कर्ष: किसानों द्वारा संत रामपाल जी महाराज को दिया गया सम्मान
समग्र रूप से यह किसान गौरव सम्मान समारोह किसानों द्वारा संत रामपाल जी महाराज को दिया जा रहा सम्मान है, जो अनुभव, विश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व से जन्मा है। यह आयोजन यह स्पष्ट करता है कि जब किसी संत का मार्गदर्शन किसानों के जीवन में संबल बनता है, तो किसान स्वयं आगे बढ़कर उसे सम्मानित करता है। यही इस समारोह की सबसे बड़ी विशेषता और सामाजिक शक्ति है।



