जींद में 28 दिसंबर को होगा संत रामपाल जी महाराज को होगा किसान जीवन रक्षक सम्मान समारोह

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हरियाणा के जिला जींद में आगामी 28 दिसंबर 2025 को एक भव्य किसान जीवन रक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में संत रामपाल जी महाराज को किसानों के हित में किए गए अतुलनीय सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान जुलाना बारहा एवं सरपंच एसोसिएशन, ब्लॉक जुलाना द्वारा प्रदान किया जाएगा।

किसानों के हित में निरंतर सेवा का सम्मान

संत रामपाल जी महाराज को इससे पूर्व भी देशभर में कई सामाजिक और मानवीय कार्यों के लिए सम्मान मिल चुके हैं। अब एक और बड़ा सम्मान जींद की धरती पर उन्हें प्रदान किया जा रहा है। यह सम्मान विशेष रूप से उनके द्वारा किसानों के जीवन स्तर को सुधारने, आपदा में सहायता देने और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों को ध्यान में रखते हुए दिया जा रहा है।

अन्नपूर्णा मुहिम: किसानों के लिए आशा की किरण

संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों में किसानों की बड़े पैमाने पर सहायता की गई है। इस मुहिम के तहत अब तक करोड़ों रुपये मूल्य की कृषि सामग्री किसानों को निःशुल्क प्रदान की जा चुकी है। इसमें खाद्यान्न, बीज, कृषि उपकरण और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।

कई हॉर्स पावर मोटर दान से किसानों को मिला बड़ा सहारा

अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत किसानों को हॉर्स पावर की मोटरें भी दान की गई हैं, जिससे सिंचाई की समस्या से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। इन मोटरों के माध्यम से किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ी है और खेती की लागत में भी कमी आई है। यह सहायता विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए जीवन रक्षक साबित हुई है।संत रामपाल जी महाराज किसानों को केवल किसान नहीं, बल्कि “अन्नदाता” कहते हैं और उनके संघर्ष को गहराई से समझते हैं। वे किसानों के दर्द को वास्तविक रूप में अनुभव करते हैं।

आपदा के समय किसानों के साथ खड़े रहे संत रामपाल जी महाराज

बाढ़, सूखा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा प्रभावित किसानों तक राहत सामग्री पहुंचाई गई। खाद्यान्न, कपड़े, राशन और दैनिक जरूरत का सामान समय पर उपलब्ध कराकर हजारों परिवारों को संकट से उबरने में मदद मिली। यही कारण है कि किसान समाज उन्हें केवल आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि अपना सच्चा हितैषी मानता है।

संत रामपाल जी महाराज के नेतृत्व में संचालित अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से अब तक 400 से अधिक गांवों तक सहायता पहुँचाई जा चुकी है। जहां कहीं भी आवश्यकता सामने आई, वहां बिना किसी देरी के तुरंत जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस सेवा कार्य में किसी प्रकार के प्रचार या दिखावे को महत्व नहीं दिया गया, बल्कि केवल वास्तविक जरूरत और ठोस परिणाम को प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल केवल राहत कार्य नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का ऐसा उदाहरण है, जो समाज और दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है।

Also Read: किसान रत्न सम्मान: डाया गांव में भारतीय किसान यूनियन (अ) द्वारा संत रामपाल जी महाराज का ऐतिहासिक अभिनंदन

अन्नपूर्णा मुहिम का मूल उद्देश्य है “कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए और किसान को उसकी मेहनत का सम्मान मिले।”

इस अभियान के तहत जाति, धर्म, क्षेत्र या वर्ग का कोई भेद नहीं रखा जाता। जरूरतमंद परिवारों, किसानों, मजदूरों और आपदा प्रभावित लोगों तक सीधे सहायता पहुँचाई जाती है।

संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में यह मुहिम केवल दान तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा भी देती है।

किसानों के लिए करोड़ों रुपये की सहायता सामग्री का वितरण

अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसानों के लिए करोड़ों रुपये मूल्य की सहायता सामग्री का वितरण किया गया है।

इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • अनाज (गेहूं, चावल, दालें)
  • खाद्य सामग्री के बड़े पैकेट
  • दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएँ
  • आपदा के समय त्वरित राहत किट

बाढ़, भारी वर्षा या फसल खराब होने की स्थिति में यह सहायता किसानों के लिए जीवन रेखा साबित हुई है। कई क्षेत्रों में किसानों ने स्वयं स्वीकार किया है कि इस मदद ने उनके परिवारों को भुखमरी से बचाया।

यह भी देखें : धर्म और समाज से परे: निस्वार्थ व निष्पक्ष मानवीय सेवा

हॉर्स पावर की मोटरें: खेती को मिला तकनीकी सहारा

अन्नपूर्णा मुहिम की एक विशेष और सराहनीय पहल किसानों को हॉर्स पावर की मोटरें (पानी की मोटर/इंजन) दान करना है। खेती में सिंचाई सबसे बड़ी आवश्यकता होती है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण कई किसान आधुनिक साधन नहीं खरीद पाते।

  • मोटरों के दान से सिंचाई आसान हुई
  • डीजल और समय की बचत हुई
  • फसल उत्पादन में सुधार आया

यह सहायता केवल तात्कालिक राहत नहीं, बल्कि किसानों को दीर्घकालिक लाभ देने वाली साबित हुई है।

आयोजन स्थल और समय की पूरी जानकारी

यह सम्मान समारोह 28 दिसंबर 2025, सुबह 10:00 बजे से आयोजित किया जाएगा।

स्थान: शादीपुर स्टेडियम, ग्राम शादीपुर (जुलाना), जिला जींद, हरियाणा।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुबह 10:00 बजे से SA News पर किया जाएगा, ताकि देशभर के लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बन सकें।

आयोजकों की भूमिका और उद्देश्य

इस कार्यक्रम के आयोजक जुलाना बारहा एवं सरपंच एसोसिएशन, ब्लॉक जुलाना हैं। आयोजकों का कहना है कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसानों के लिए किए गए कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और ऐसे व्यक्तित्व को सम्मानित करना किसान समाज का कर्तव्य है। संत रामपाल जी महाराज की यह निस्वार्थ सेवा ने किसानों के मन में विश्वास, सम्मान और नई उम्मीद का संचार किया है, और उन्हें नया जीवन दिया है जिससे अन्नदाता फिर से आत्मबल के साथ अपने खेतों में मेहनत कर सके।

किसान समाज में खुशी और उत्साह का माहौल

इस सम्मान की घोषणा के बाद क्षेत्र के किसानों में उत्साह का माहौल है। किसानों का मानना है कि संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी भेदभाव के किसानों की सेवा की है और उनका यह सम्मान पूरे किसान समाज का सम्मान है। इस मानवीय प्रयास में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और जम्मू जैसे राज्यों के किसान शामिल हैं। अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियों के बावजूद, हर क्षेत्र के अन्नदाताओं तक समान भाव से मदद पहुँचाई गई है। यह व्यापक सहयोग केवल आँकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों किसान परिवारों के जीवन में स्थायी राहत, आत्मविश्वास और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद बनकर उभरा है।

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