आज हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और नेपाल से आए लोगों के हुजूम में केवल आध्यात्मिक चर्चाएं ही नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा की सच्ची और जमीनी कहानियाँ भी गूँज रही थीं। संत रामपाल जी महाराज जी के दरबार में पहुँचे इन लोगों ने न सिर्फ अपनी आपबीती सुनाई, बल्कि उन जरूरतमंदों का दर्द भी साझा किया, जिनके जीवन में संत रामपाल जी महाराज एक फरिश्ता बनकर आए।
इन भावुक मुलाकातों में किसी ने रुंधे गले से बताया कि कैसे महाराज जी ने बारिश में गिरे किसी गरीब के आशियाने को फिर से खड़ा कर दिया, तो किसी ने नम आँखों से बताया कि जलभराव से जूझ रहे किसानों के लिए उन्होंने पाइप और मोटरें भिजवाकर उनकी उम्मीदों को डूबने से बचाया। यहाँ उन लाचार परिवारों के सुकून की झलक भी साफ दिखी, जिनके भोजन, घरेलू सामान, बच्चों की शिक्षा और गंभीर बीमारियों के इलाज का पूरा जिम्मा महाराज जी ने स्वयं उठा लिया।
संत रामपाल जी महाराज से मिलने आए लोगों के अनुभव और जमीनी कहानियाँ
इन मुलाकातों में जब लोगों ने अपनी आपबीती सुनाई, तो सुनने वालों की आँखें भी भर आईं। जालंधर से आए एक परिवार ने रुंधे गले से बताया कि भारी बारिश में उनका कच्चा मकान गिर गया था। घर में चार बेटियां थीं और पति बीमार। ऐसे बेसहारा वक्त में महाराज जी ने न सिर्फ उनके लिए पक्का मकान बनवाया, बल्कि घर का राशन, बिस्तर और बच्चियों की पढ़ाई का भी पूरा जिम्मा उठा लिया।
वहीं, समाजसेविका ज्योत्सना जी महाराज जी के निस्वार्थ सेवा-भाव से इतनी ज्यादा प्रभावित हुईं कि उन्होंने अपनी बाकी की पूरी जिंदगी दूसरों के काम आने का संकल्प ले लिया। राजस्थान से आईं विधायक ने जब बताया कि पाइप बिछाने के लिए मजदूरी के पैसे नहीं हैं, तो महाराज जी ने तुरंत आश्रम की तरफ से सारा खर्च उठाने को कह दिया। ये सभी घटनाएँ बताती हैं कि महाराज जी का खजाना और उनका दिल, दोनों ही गरीबों के लिए हमेशा खुले रहते हैं।
| हस्ती / नाम | बयान | वीडियो लिंक |
| ज्योत्सना जी (समाजसेविका) (खुबड़ू गाँव, सोनीपत) | निस्वार्थ सेवा-भाव से प्रभावित होकर आगे का पूरा जीवन दूसरों के काम आने का संकल्प लिया। उनके अनुसार, सच्ची सेवा आर्थिक मदद नहीं बल्कि दुख में मजबूत सहारा बनना है। | वीडियो देखे |
| सरपंच व गौशाला प्रतिनिधि (गणपुरा व पिंजोखरा, हरियाणा) | सागुन गाँव में जल निकासी के लिए मोटर लगाए जाने का उल्लेख किया, जिससे जलभराव के कारण घरों, सड़कों और खेती को होने वाले नुकसान से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। | वीडियो देखे |
| मोनू शर्मा व परिवार (अमूपुर गाँव, करनाल) | आर्थिक तंगी और बीमारी से जूझ रहे एक गरीब परिवार (जिसका मकान बारिश में गिर गया था) के लिए नया मकान बनवाए जाने का अनुभव साझा किया और भंडारे की व्यवस्था की सराहना की। | वीडियो देखे |
| काउंसलर व लाभार्थी परिवार (जालंधर, पंजाब) | भारी बारिश में मकान खो चुके चार बेटियों वाले परिवार के लिए नए मकान, बिस्तर, बर्तन और बच्चियों की शिक्षा में किए गए सहयोग की भावुक कहानी बताई। | वीडियो देखे |
| अधिकारी (कर्मचारी संगठन) (काठमांडू, नेपाल) | दहेज-मुक्त समाज, नशामुक्ति और भेदभाव मिटाने के अभियानों की सराहना की। कहा कि गरीब परिवारों को शिक्षा, चिकित्सा व रोजगार मिलने से वे लंबे समय में आत्मनिर्भर बन सकते हैं। | वीडियो देखे |
| जनप्रतिनिधि (करौली, राजस्थान) | जलभराव की समस्या के लिए पाइप उपलब्ध होने के बाद, उन्हें बिछाने के लिए आश्रम द्वारा लेबर (मजदूरों) और आर्थिक संसाधनों की व्यवस्था करने का जिक्र किया। | वीडियो देखे |
| श्रद्धालु (गाँव बोहल, जिला भिवानी, हरियाणा) | “मैं कोई नाम-दान नहीं ले रखा था, मेरी उंगली में दिक्कत थी। इसमें कई दिन से तार लगा हुआ था। मैंने दिल ही दिल में आपकी अरदास की। आपकी ऐसी करामात हुई कि बिना किसी दवाई के मेरी उंगली ठीक हो गई। आपकी इसी दया को देखकर मैं आज नाम (दीक्षा) लेने आया हूँ।” | वीडियो देखे |
संत रामपाल जी महाराज: इंसानियत के सच्चे मसीहा
आज के इस घोर कलयुग और स्वार्थी युग में, जब सगे रिश्तेदार भी मुसीबत के समय मुँह फेर लेते हैं, तब संत रामपाल जी महाराज एक सच्चे पिता और रहनुमा की तरह समाज के हर बेसहारा इंसान का हाथ थाम रहे हैं। उनकी जितनी भी महिमा गाई जाए, वह कम है। महाराज जी केवल आज की भूख नहीं मिटा रहे, बल्कि समाज के आने वाले कल को भी संवार रहे हैं।
उन्होंने अपने ज्ञान से एक ऐसी आंधी ला दी है जहाँ बिना एक रुपया दहेज दिए बेटियों की शादियां (रमैणी) हो रही हैं और नशे में डूबे हुए नौजवान हमेशा के लिए शराब-तंबाकू छोड़कर अपने घरों को स्वर्ग बना रहे हैं। खेतों में डूबती फसलों को बचाना हो, बेजुबान गायों का पेट भरना हो या गरीबों की बीमारी का खर्च उठाना हो—संत रामपाल जी महाराज जी ने हर उस जगह अपना हाथ बढ़ाया है जहाँ सरकारें और समाज हार मान चुके थे। उनका यह अगाध प्रेम, उनकी ईश्वरीय करुणा और समाज सेवा का यह बेमिसाल जज्बा यह साबित करता है कि वे कोई साधारण संत नहीं, बल्कि इस धरती पर साक्षात् परमात्मा का रूप हैं।
कलयुग के अंधकार से सतयुग की एक नई और सुनहरी सुबह की ओर
जब हर तरफ से उम्मीदें टूट जाती हैं और इंसान मुसीबतों से घिर जाता है, तब संत रामपाल जी महाराज का दरबार ही वह इकलौता आसरा बनता है, जहाँ से कभी कोई खाली हाथ नहीं लौटता।
टूटे हुए मकानों को पक्की छत देने से लेकर, सूखती फसलों तक पानी पहुँचाने और नशे से उजड़े परिवारों को फिर से आबाद करने तक—संत रामपाल जी महाराज जी के ये निस्वार्थ उपकार अनेकों लोगों की जिंदगियाँ बदल रहे है। मुसीबत के वक्त अगर कोई सिर्फ कंधे पर हाथ रख दे, तो इंसान की आधी पीड़ा वैसे ही खत्म हो जाती है; लेकिन संत रामपाल जी महाराज जी तो बेसहारा लोगों को गले लगाकर उनका पूरा दर्द ही हर लेते हैं।
आज इन हजारों-लाखों लोगों के चेहरों पर सुकून की जो सच्ची मुस्कान है, वह इस बात की गवाही दे रही है कि संत रामपाल जी महाराज के रूप में इस समाज को एक ऐसा सच्चा मसीहा मिल गया है, जिसने न सिर्फ इंसानियत को फिर से जिंदा किया है, बल्कि एक नई और सुनहरी सुबह की शुरुआत भी कर दी है।



