जब मानवीय संवेदनाओं और निःस्वार्थ सेवा की बात आती है, तो संत रामपाल जी महाराज जी के मार्गदर्शन में संचालित होने वाले कल्याणकारी कार्य समाज के लिए एक मज़बूत संबल बनते जा रहे हैं। जाति, वर्ग और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर केवल मानवता की भलाई के लिए किए जा रहे ये प्रयास आज मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
हाल ही में हरियाणा के सोनीपत, सिरसा और राजस्थान के हनुमानगढ़ सहित 24 गांवों की ‘रोघी खाप’ के प्रतिनिधि, सरपंच, शिक्षक और गौशाला समितियों के सदस्य संत रामपाल जी महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त करने सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम पहुंचे। इस दौरान ग्रामीण विकास, गौसेवा, खेल प्रोत्साहन और शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल संवाद: प्रमुख चर्चाएं एवं आभार
| क्र. | आगंतुक का नाम / पद | स्थान (राज्य) | प्रमुख चर्चाएं एवं आभार |
| 1. | ग्रामवासी प्रतिनिधिमंडल | गंगेसर, सोनीपत (हरियाणा) | गांव में जल व्यवस्था, गरीब बच्चों की शिक्षा, मकान निर्माण और गौसेवा कार्यों पर आभार। |
| 2. | सरपंच व नेशनल मेडलिस्ट छात्र | अलीका, सिरसा (हरियाणा) | खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों का सम्मान और खेल ग्राउंड विकास हेतु सहायता। |
| 3. | सरकारी स्कूल के PT टीचर व ग्रामीण | हरिपुरा, हनुमानगढ़ (राजस्थान) | जरूरतमंद व अनाथ बच्चों की शिक्षा तथा स्कूल के लिए खेल उपकरणों की मांग पर स्वीकृति। |
| 4. | 24 गांवों की ‘रोघी खाप’ व गौशाला समिति | डाटा, हरियाणा | ऐतिहासिक गौशाला (1857 स्थापित) के शेड निर्माण हेतु प्रस्ताव और संपूर्ण स्वीकृति। |
| 5. | हिंदू सेना जिलाध्यक्ष व गौशाला संचालक | मटोरिया वाली ढाणी, हनुमानगढ़ (राजस्थान) | 9 गांवों की सांझा गौशाला में जलभराव (सेम समस्या) से सुरक्षा हेतु शेड व मिट्टी भराई कार्य में सहयोग। |
सोनीपत के गंगेसर से पहुंचे ग्रामीणों ने की आश्रम के सेवा कार्यों की सराहना
हरियाणा के सोनीपत जिले के गंगेसर गांव से ग्रामीण संत रामपाल जी महाराज जी के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि आश्रम द्वारा हर गांव में पानी की व्यवस्था, गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाना-लिखाना, उनके लिए मकान बनाना और गौशालाओं की सेवा जैसे महान कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक ज़रूरतमंद व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो जाता, तब तक आश्रम द्वारा उसका पूरा साथ दिया जाता है, जो कि अद्वितीय है।
खेल और शिक्षा को बढ़ावा: सिरसा के अलीका से पहुंचे सरपंच व विजेता विद्यार्थियों ने की संत जी से भेंट
सिरसा जिले के अलीका गांव से सरपंच (मलकीत सिंह) और राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले छात्र संत रामपाल जी महाराज जी के दरबार में पहुंचे। सरपंच ने बताया कि बच्चों ने तीन महीने की कड़ी प्रैक्टिस के बाद खेल प्रतियोगिताओं में इतिहास रचा है। खेल मैदान और कमरों की आवश्यकता के लिए दी गई प्रार्थना पर महाराज जी ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
शिक्षा की अलख और मानवीय संवेदना: हनुमानगढ़ के हरिपुरा से पहुंचे PT टीचर, अनाथ बेटियों की पढ़ाई का उठाया बीड़ा
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के हरिपुरा से सरकारी स्कूल के PT टीचर अपने छात्रों के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्कूल की कई ऐसी बच्चियों के पिता नहीं हैं और आर्थिक स्थिति बेहद कमज़ोर है। संत रामपाल जी महाराज जी ने उन बच्चियों की पूरी पढ़ाई और मदद का ज़िम्मा उठाते हुए खेल किट की मांग को तुरंत स्वीकार कर लिया।
24 गांवों की ‘रोघी खाप’ और डाटा गौशाला के प्रतिनिधियों को मिली शेड की स्वीकृति
24 गांवों की प्रसिद्ध ‘रोघी खाप’ और डाटा गांव की ऐतिहासिक गौशाला (जो वर्ष 1857 से संचालित है) के प्रतिनिधिमंडल ने संत रामपाल जी महाराज जी से भेंट की। गौशाला के एक बड़े हिस्से में शेड निर्माण की मांग को रखते ही महाराज जी ने तुरंत इसे मंजूर कर लिया, जिससे क्षेत्र के हज़ारों गोवंश को बड़ी राहत मिलेगी।
हनुमानगढ़ के हिंदू सेना जिलाध्यक्ष ने गोवंश संरक्षण कार्यों को सराहा
राजस्थान के हनुमानगढ़ से हिंदू सेना के जिलाध्यक्ष और मटोरिया वाली ढाणी गौशाला के संचालक ने बताया कि उनकी गौशाला में 800 से अधिक गोवंश की सेवा 9 गांवों के सहयोग से की जा रही है। क्षेत्र में ‘सेम’ (जलभराव) की समस्या के कारण आ रही कठिनाइयों और शेड निर्माण के लिए आश्रम से मिले सहयोग पर उन्होंने आभार व्यक्त किया।
मानवता की सेवा का एक आदर्श प्रमाण
सोनीपत, सिरसा, हनुमानगढ़ और विभिन्न खापों के प्रतिनिधियों के ये अनुभव इस बात के गवाह हैं कि संत रामपाल जी महाराज जी के सान्निध्य में चल रहे सेवा कार्य केवल धार्मिक उपदेशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, खेल, गौसेवा और ग्रामीण विकास के ज़रिए समाज की तस्वीर बदल रहे हैं।



