पशुधन बचाओ, शुद्ध पेयजल पिलाओ अभियान: संत रामपाल जी महाराज की अपार दया से हरियाणा के गांवों में लौट रही खुशहाली

Published on

spot_img

पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। जब सरकारें और प्रशासन अपनी आंखें मूंद लेते हैं, तब ईश्वर किसी न किसी रूप में धरती पर मदद भेजते हैं। आज हरियाणा के किसानों और बेजुबान पशुओं के लिए पूर्ण ब्रह्म संत रामपाल जी महाराज वही तारणहार बनकर स्वयं परमात्मा आए हैं। संत रामपाल जी महाराज ने ‘पशुधन बचाओ, शुद्ध पेयजल पिलाओ अभियान’ की शुरुआत की है। इस महा-अभियान के तहत संत रामपाल जी महाराज ने उन गांवों की दशकों पुरानी प्यास बुझाई है, जिन्हें राजनेताओं ने केवल वोट बैंक समझकर उनके हाल पर छोड़ दिया था। एक ऐसी महामारी ख़त्म की है जिससे किसानों, पशुपालकों और गांव की आम जानता का जीवन नर्क के समान था। यह अभियान, अन्नपूर्णा मुहिम – फेज 3 के तहत है।

भादी गांव की दशकों पुरानी प्यास और बेबसी

सोनीपत जिले का एक छोटा सा गांव है ‘भादी’। पिछले 30 से 35 सालों से यह गांव एक भयंकर जल संकट से जूझ रहा था। गांव के सभी तालाब सूख चुके थे और पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। इस सूखे का सबसे बड़ा और सीधा असर गांव के बेजुबान पशुधन पर पड़ा। जो किसान कभी अपने घर में 8 से 10 पशु बांधते थे, उन्हें पानी के अभाव में मजबूरीवश अपने सारे पशु बेचने पड़े। गांव वालों ने प्रशासन से लेकर मंत्रियों तक हर जगह गुहार लगाई, लेकिन किसी ने इस गंभीर समस्या का कोई हल नहीं निकाला। पानी के बिना गांव में पशुपालन और किसानी पूरी तरह चौपट हो गई थी।

संत रामपाल जी महाराज का चमत्कार: ग्रामीणों के पहुंचने से पहले पहुंची मदद

जब सरकार से हर उम्मीद टूट गई, तब भादी गांव की पंचायत ने सतलोक आश्रम जाकर संत रामपाल जी महाराज के दरबार में अपनी समस्या रखी। संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों की पुकार सुनते ही ऐसा चमत्कार किया कि हर कोई हैरान रह गया। संत रामपाल जी महाराज ने इतनी तत्परता से कार्य किया कि ग्रामीण अभी आश्रम से वापस अपने गांव भादी पहुंच भी नहीं पाए थे, उससे पहले ही रास्ते में उन्हें फोन आ गया कि संत रामपाल जी महाराज ने अपनी सर्वे टीम गांव में भेज दी है।

संत रामपाल जी महाराज ने अपने ‘पशुधन बचाओ, शुद्ध पेयजल पिलाओ अभियान’ के तहत तुरंत और बड़े स्तर पर कार्य किया। उन्होंने अत्यंत कम समय में गांव में 4000 फीट लंबी पाइप लाइन बिछाई। पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए उन्होंने 10 हॉर्स पावर की एक बड़ी मोटर, नट-बोल्ट, फेविकोल, बैंड, टी और एयर वाल्व जैसे सभी आवश्यक उपकरण गांव में पहुंचाए। जिस समस्या को सुलझाने में सरकारें 30 साल में नाकाम रहीं, उसे संत रामपाल जी महाराज ने कुछ ही मिनटों में सुलझा कर ग्राम पंचायत को सौंप दिया।

गांव में लौटा पशुधन और खुशहाली

संत रामपाल जी महाराज के इस महान कार्य से भादी गांव में एक नया सवेरा हुआ है। सूखे तालाबों में फिर से पानी पहुंचने की व्यवस्था हो गई है। जिन किसानों ने पानी के अभाव में अपने पशु बेच दिए थे, वे अब दोबारा पशुपालन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों की आंखों में खुशी के आंसू हैं और वे संत रामपाल जी महाराज का गुणगान करते हुए कह रहे हैं कि ऐसे महान संत ही पल भर में इतना बड़ा चमत्कार कर सकते हैं।

ग्रामीणों के धन्य वचन 

इतनी बड़ी सहायता प्राप्त करने के बाद, ग्रामीणों ने अपना आभार साझा किया. 

ग्रामीण कृष्ण जी ने बताया की, “बड़े बड़े नेता आके चले गए, गुरु जी तो आए भी नहीं, वही बैठे बैठे रात भर में समाधान कर दिया”।

एक बुजुर्ग ग्रामीण ने बताया की, “हम 73 साल के हो गए, इतना जल्दी काम आज तक होते नहीं देखा”।

एक अन्य ग्रामीण ने बताया की, “हमारे गाम का सपना पूरा हुआ है, आज संत जी ने हमारे गांव में प्राण दाल दिए हैं”।

एक ग्रामीण ने कहा, “संत जी ने बहुत बड़ा उपकार किया है हम पर, ये उपकार कभी नहीं भूल सकते; अब गाम के लोग दूध का व्यापार जो ठप पड़ा था, पुनः शुरू कर पाएंगे”।

हसनपुर और अकालगढ़ पर भी बरसी संत रामपाल जी महाराज की दया

यह महा-अभियान केवल भादी गांव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि संत रामपाल जी महाराज ने अन्य गांवों की भी तकदीर बदली है। झज्जर जिले के हसनपुर गांव में पिछले 10 सालों से गंदे पानी के भयंकर जलभराव की समस्या थी, जिससे फसलें डूब रही थीं। संत रामपाल जी महाराज ने वहां तुरंत 4300 फीट पाइप लाइन भेजकर इस समस्या को रातों-रात जड़ से खत्म कर दिया। इसी तरह, जींद जिले के अकालगढ़ गांव में पशुओं के सूखे पड़े तीन तालाबों को भरने के लिए संत रामपाल जी महाराज ने 3800 फीट पाइप लाइन और मोटर की व्यवस्था की।

पशुधन बचाओ, शुद्ध पेयजल पिलाओ

‘पशुधन बचाओ, शुद्ध पेयजल पिलाओ अभियान’ संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसानों और बेजुबान पशुओं को दिया गया एक सच्चा जीवनदान है। पशुपालन भारत का एक बड़ा हिस्सा है, करोड़ों लोग अपने जीवन की आमदनी पशुपालन से करते हैं, इस अभियान से देश के वित्तीय और ग्रामीणों के जीवन में अपार उन्नति आएगी। 

संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी सरकारी बजट या कागजी कार्यवाही के, रातों-रात गांवों की तस्वीर बदल दी है। भादी, हसनपुर और अकालगढ़ जैसे गांव आज इस बात के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि संत रामपाल जी महाराज ही सच्चे संत हैं, जिन्होंने अपनी अपार दया से उजड़ते गांवों में फिर से खुशहाली की लहर दौड़ा दी है।

Latest articles

संत रामपाल जी महाराज ने मिर्जापुर खेड़ी गांव को फेज़ 2 के तहत दी 4400 फीट पाइपलाइन और मोटर

हरियाणा राज्य के सोनीपत जिले की गोहाना तहसील में स्थित मिर्जापुर खेड़ी गांव में...

World Pharmacist Day 2026: Who is the Best Pharmacist at Present?

World Pharmacist Day 2026: On 25 September every year, World Pharmacist Day is celebrated...
spot_img

More like this

संत रामपाल जी महाराज ने मिर्जापुर खेड़ी गांव को फेज़ 2 के तहत दी 4400 फीट पाइपलाइन और मोटर

हरियाणा राज्य के सोनीपत जिले की गोहाना तहसील में स्थित मिर्जापुर खेड़ी गांव में...

हरियाणा राज्य के रोहतक जिले के खरक बेंसी गांव में संत रामपाल जी महाराज की अनुकंपा से अखिल भारतीय महर्षि दयानंद गौशाला को मिला...

​हरियाणा राज्य के रोहतक जिले के ऐतिहासिक महम चौबीसी क्षेत्र स्थित गांव खरक बेंसी...