रोहतक के सैन समाज से लेकर आंध्र प्रदेश तक: संत रामपाल जी महाराज का निस्वार्थ जनसेवा अभियान

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हरियाणा से लेकर राजस्थान और दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश तक, समाज का हर वर्ग संत रामपाल जी महाराज के जन-कल्याणकारी कार्यों से सीधा लाभान्वित हो रहा है। चाहे 10 साल पुरानी किसी सामाजिक समस्या का तुरंत समाधान करना हो, बेसहारा गौमाता के लिए चारे और शेड की व्यवस्था करनी हो, या देश के कोने-कोने में जरूरतमंदों को भोजन कराने वाली ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ को चलाना हो संत जी का निस्वार्थ मिशन बिना किसी भेदभाव और वीआईपी कल्चर के लगातार जिंदगियां बदल रहा है। 

सैन समाज (रोहतक, हरियाणा) की 10 साल पुरानी समस्या का समाधान: संत रामपाल जी ने पूरा करवाया अधूरा हॉल

हरियाणा के रोहतक से सैन समाज का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से मिला। समाज के प्रधान और प्रतिनिधियों ने संत जी का कोटि-कोटि वंदन करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनके समाज का एक हॉल पिछले 10 सालों से अधूरा पड़ा था, जिसका निर्माण संत रामपाल जी महाराज की कृपा और निस्वार्थ सेवा से मात्र एक ही बार में पूरा हो गया। प्रतिनिधियों ने आश्रम की समानता पर आधारित व्यवस्था (जहाँ कोई VIP कल्चर नहीं है और गरीब-अमीर सब बराबर हैं) की भूरि-भूरि प्रशंसा की। संत रामपाल जी ने विनम्रतापूर्वक स्वयं को ‘सेवक’ बताते हुए सैन समाज को यह आश्वासन दिया कि वे भविष्य में भी आधी रात को उनके साथ खड़े रहेंगे और समाज की पूरी सेवा करेंगे। इस दौरान सैन समाज ने संत जी को सम्मान स्वरूप पगड़ी और स्मृति चिह्न भी भेंट किया।

मुनसरी (हनुमानगढ़, राजस्थान) की गौशाला को चारे और शेड की सौगात: संत रामपाल जी ने तुरंत मंजूर की अर्जी

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले (गोगामेड़ी के पास, गांव मुनसरी) से एक गौशाला कमेटी के सदस्यों ने सतलोक आश्रम आकर संत रामपाल जी महाराज के दर्शन किए। कमेटी ने गौशाला में चारे की भारी कमी और चारदीवारी (शेड) न होने की गंभीर समस्या संत जी के सामने रखी। उन्होंने संत जी के जनसेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि गौमाता के लिए जितनी मदद वे कर रहे हैं, शायद ही कोई और संस्था कर रही हो। गौशाला की दयनीय स्थिति सुनते ही संत रामपाल जी ने बिना किसी विलंब के उनकी दोनों अर्जियों को तुरंत मंजूर कर लिया। उन्होंने कमेटी को आश्वस्त किया कि उनकी गौशाला के लिए चारे की व्यवस्था भी की जाएगी और शेड (चारदीवारी) का निर्माण भी करवाया जाएगा, जिससे सभी सदस्यों ने गदगद होकर उनका कोटि-कोटि धन्यवाद किया। 

विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) के श्रद्धालुओं ने की संत रामपाल जी की जनसेवा की सराहना

दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश राज्य (विशाखापट्टनम) से श्रद्धालु इतनी लंबी यात्रा करके सतलोक आश्रम में संत रामपाल जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे यूट्यूब के माध्यम से संत जी द्वारा समाज के लिए किए जा रहे विशाल और निस्वार्थ कार्यों (जैसे गरीब सहायता और बाढ़ राहत) को देखकर बेहद प्रभावित हुए हैं। उन्होंने संत जी को अवगत कराया कि उनके आशीर्वाद और प्रेरणा से आंध्र प्रदेश में भी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ (जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन/राशन) शुरू कर दी गई है। संत रामपाल जी ने उनका स्वागत किया और अपनी इस দেশव्यापी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के माध्यम से मानवता की सेवा करते रहने का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने उनके अद्भुत समाज सेवा कार्यों को समाज के लिए एक बड़ा वरदान बताया।

सुकृत और बंदगी 

सतलोक आश्रम से उठ रही जनसेवा की यह विशाल लहर इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि संत रामपाल जी महाराज का मिशन केवल आध्यात्मिक उपदेशों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘सुकृत’ (परोपकार व निस्वार्थ समाज सेवा) और ‘बंदगी’ (शास्त्र-प्रमाणित सत्यभक्ति) का एक जीवंत महासंगम है। एक ओर उनका ज्ञान समाज को वीआईपी कल्चर और भेदभाव से मुक्त कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उनकी जमीनी मदद चाहे वह सैन समाज का दशकों से अधूरा हॉल बनवाना हो, राजस्थान में गौमाता के लिए चारे-शेड की व्यवस्था हो, या आंध्र प्रदेश तक पहुंचती अन्नपूर्णा मुहिम हो मानवता का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख रही है। आज उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक, हर कोई इस बात का साक्षी है कि सच्ची भक्ति की जो मिसाल यहाँ पेश की जा रही है, वह पूरे विश्व के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।

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