हरियाणा के रोहतक जिले के गांव भैयापुर में ‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़-3’ के तहत छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार चलाए जा रहे इस सेवा अभियान के अंतर्गत पात्र किसानों को उनके घर पर ही मुफ्त खाद, बीज और आवश्यक कीटनाशक दवाईयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पावन मुहिम से किसानों को न केवल खाद के लिए दुकानों के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में लगने की परेशानी से मुक्ति मिली है, बल्कि उनकी खेती की लागत में भी भारी कमी आई है। धान के इस सीज़न में सीधे घर तक खाद पहुँचने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
किसान और मज़दूरों के प्रति संत रामपाल जी महाराज जी के विचार
संत रामपाल जी महाराज जी ने हमेशा से ही किसान और मज़दूर वर्ग के उत्थान को प्राथमिकता दी है। उनके विचार हैं कि किसान इस धरती का अन्नदाता है, जो दिन-रात हाड़-तोड़ मेहनत करके पूरे समाज का पेट भरता है, और मज़दूर अपनी निष्ठा से देश के निर्माण में योगदान देता है। जब यही वर्ग महंगाई, प्राकृतिक आपदाओं और महंगे कृषि साधनों के कारण आर्थिक संकट में आ जाता है, तो पूरे समाज का ताना-बाना प्रभावित होता है।
संत रामपाल जी महाराज जी का संदेश है कि किसान और मज़दूर को दुःखी नहीं रहने देंगे। यदि समाज का किसान खुशहाल और चिंतामुक्त रहेगा, तभी देश में सुख, शांति और समृद्धि आ सकती है। इसी दूरदर्शी और सेवाभावी सोच को साकार करने के लिए ‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान’ की शुरुआत की गई है, जो आज हज़ारों ज़रूरतमंद परिवारों के लिए एक नया सवेरा लेकर आया है।
गांव भैयापुर में घर-घर पहुंची राहत सामग्री
रोहतक जिले के गांव भैयापुर में ‘किसान-मज़दूर बचाओ अभियान’ के तहत संत रामपाल जी महाराज जी के आदेश से उनके अनुयायियों ने घर-घर जाकर सामग्री वितरित की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन किसानों की मदद करना है जिनके पास आय का कोई अन्य साधन नहीं है और जो केवल अपनी छोटी जोत पर निर्भर हैं।
गांव के किसान अमित कुमार, जो डेढ़ एकड़ भूमि पर खेती करते हैं, ने बताया कि उन्होंने केवल तीन दिन पहले ही अपना नाम इस अभियान के लिए दर्ज कराया था। तीसरे दिन सतलोक आश्रम की टीम उनके घर 5 कट्टे यूरिया, 1 कट्टा डीएपी और आवश्यक दवाईयां लेकर पहुँच गई। अमित कुमार ने कहा कि पहले इन सामग्रियों के लिए 15 से 20 हज़ार रुपये खर्च करने पड़ते थे और कतारों में लगना पड़ता था। अब संत रामपाल जी महाराज जी की इस परोपकारी पहल से उनका पूरा खर्च बच गया है और फसल लगभग शून्य लागत में तैयार हो रही है।
इसी तरह एक अन्य लाभार्थी किसान परिवार ने बताया कि उन्हें 3 बैग यूरिया, 1 बैग डीएपी और कीटनाशक दवाईयां मुफ्त मिली हैं। ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के इस सेवा कार्य को संकट के समय में एक मसीहा के रूप में मिली बड़ी सहायता माना है।
अभियान की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान’ का लाभ केवल वास्तविक और ज़रूरतमंद किसानों तक ही पहुंचे, इसके लिए कुछ स्पष्ट नियम तय किए गए हैं:
- पात्रता की शर्तें: किसान के पास 2.5 एकड़ (ढाई एकड़) या उससे कम कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। किसान स्वयं खेती करता हो और उसके पास आय का कोई अन्य बड़ा ज़रिया न हो।
- आवेदन प्रक्रिया: इच्छुक और पात्र किसानों को सतलोक आश्रम धनाना धाम (हरियाणा) में जाकर अपना आवेदन पत्र जमा करना होता है।
- सर्वे और वितरण: आवेदन मिलने के बाद आश्रम की टीम द्वारा खेत का भौतिक सत्यापन (सर्वे) किया जाता है। पात्रता सिद्ध होने पर पूरी सामग्री निःशुल्क किसान के घर पहुंचा दी जाती है।
कलयुग में सतयुग जैसा वातावरण
गांव भैयापुर के किसानों का कहना है कि जहां एक तरफ महंगाई के दौर में गरीब और छोटे किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है, वहीं संत रामपाल जी महाराज द्वारा निस्वार्थ भाव से की जा रही यह जनसेवा एक मिसाल बन चुकी है। किसानों ने इस सहायता को ईश्वर का वरदान बताते हुए कहा कि इस प्रकार के सामाजिक और कल्याणकारी कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। पूरा वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।



