रोहतक (हरियाणा): 4 जनवरी 2026 को हरियाणा के रोहतक जिले के बालंद गांव में एक ऐतिहासिक और भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह अवसर था ‘किसान गौरव सम्मान समारोह’ का, जहां रोहतक ब्लॉक की सरपंच एसोसिएशन, सतगामा, तपा और आसपास के 105 गांवों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। इस महाविशाल आयोजन में हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़, किसानों के चेहरों पर सुकून और आंखों में श्रद्धा के भाव यह बताने के लिए काफी थे कि जब व्यवस्थाएं और प्रशासन साथ छोड़ देते हैं, तब एक संत का सहारा किस तरह संजीवनी बनकर आता है। संत रामपाल जी महाराज को सम्मान स्वरूप पारंपरिक ‘हल’ भेंट किया गया, जिसे किसानी और श्रम का सबसे पवित्र प्रतीक माना जाता है।
ग्रामीणों द्वारा संत रामपाल जी महाराज से सहायता की गुहार और उनका संरक्षण
इस सम्मान समारोह की पृष्ठभूमि में एक गहरा संकट और उससे उबरने की संघर्षपूर्ण गाथा छिपी है। कुछ समय पूर्व, रोहतक और उसके आसपास के दर्जनों गांव भयंकर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रहे थे। बालंद, मोखरा, मदीना और आसपास के क्षेत्रों में हजारों एकड़ फसलें पानी में डूबी हुई थीं। किसानों की मेहनत और उम्मीदें, दोनों ही डूबने की कगार पर थीं। स्थानीय प्रशासन और सरकारी तंत्र से गुहार लगाने के बावजूद, समाधान की कोई ठोस किरण नजर नहीं आ रही थी। मशीनरी का अभाव और संसाधनों की कमी ने किसानों को हताशा में धकेल दिया था।
ऐसे विषम समय में, जब चारों ओर से निराशा हाथ लग रही थी, तब ग्रामीणों ने जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की शरण ली। यह केवल एक सहायता की मांग नहीं थी, बल्कि एक रक्षक से अपने अस्तित्व को बचाने की प्रार्थना थी। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने संत जी के समक्ष अपनी व्यथा रखी और बताया कि यदि जल्द ही पानी की निकासी नहीं हुई, तो रबी की फसल की बुवाई असंभव हो जाएगी, जिससे हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
संत रामपाल जी महाराज: संकटमोचन बनकर किया समाधान
ग्रामीणों की पुकार सुनते ही संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल प्रभाव से सहायता प्रदान की। इसे किसी ‘मुहिम’ या शिष्यों के कार्य के रूप में नहीं, बल्कि स्वयं संत रामपाल जी महाराज के प्रत्यक्ष आशीर्वाद और निर्देश के रूप में देखा गया। जहां सरकारी फाइलें अटकी रह गईं, वहां संत जी की कृपा से संसाधन जमीन पर उतर आए।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा उपलब्ध कराई गई सहायता का विवरण अभूतपूर्व है। भारी क्षमता वाली मोटरें, हजारों फीट लंबी पाइपलाइनें और आवश्यक तकनीकी सहायता रातों-रात गांवों में पहुंचाई गईं। बताया जाता है कि संत रामपाल जी महाराज ने यह सुनिश्चित किया कि जब तक अंतिम खेत से पानी नहीं निकल जाता, तब तक यह सेवा जारी रहेगी। यह सहायता नि:स्वार्थ थी, जिसका उद्देश्य केवल मानव मात्र का कल्याण था।
अब तक किसानों द्वारा दिए गए सम्मानों की लिस्ट
| क्रम | तिथि | सम्मान का नाम | सम्मान देने वाली संस्था / समूह | स्थान |
| 1 | 12 अक्टूबर 2025 | मानवता रक्षक सम्मान | महम चौबीसी खाप | महम, जिला रोहतक (हरियाणा) |
| 2 | 08 नवम्बर 2025 | धनाना रत्न सम्मान | 36 बिरादरी, पताना | सोनीपत (हरियाणा) |
| 3 | 09 नवम्बर 2025 | किसान रक्षक सम्मान | किसान संगठन | — |
| 4 | 16 नवम्बर 2025 | किसान रक्षक सम्मान | कुंडालियां ग्राम पंचायत | बनाना (गुजरात) |
| 5 | 24 नवम्बर 2025 | शॉल एवं स्मृति-चिह्न से सम्मान | पोटूराम जयंती आयोजन समिति | हिसार (हरियाणा) |
| 6 | 07 दिसम्बर 2025 | किसान मसीहा सम्मान | किसान प्रतिनिधि | — |
| 7 | 09 दिसम्बर 2025 | भारत गौरव अवॉर्ड | कालीरमन फाउंडेशन / IICC | नई दिल्ली |
| 8 | 21 दिसम्बर 2025 | किसान रत्न सम्मान | भारतीय किसान यूनियन (अंचावता) एवं किसान संगठन | गाँव डाया, जिला हिसार (हरियाणा) |
| 9 | 28 दिसम्बर 2025 | किसान जीवन रक्षक सम्मान | जुलाना बारहा खाप एवं सरपंच एसोसिएशन | शादीपुर, जिला जींद (हरियाणा) |
| 10 | 01 जनवरी 2026 | जन सेवक रत्न सम्मान | सरपंच एसोसिएशन हाँसी ब्लॉक-1 एवं टीम नरेश | हाँसी, हरियाणा |
| 11 | 4 जनवरी 2026 | किसान गौरव सम्मान | रोहतक ब्लॉक की सरपंच एसोसिएशन, सतगामा, तपा 105 गांव | रोहतक, हरियाणा |
समारोह का आंखों देखा हाल: आस्था और कृतज्ञता का संगम
बालंद गांव में आयोजित इस सम्मान समारोह का दृश्य अलौकिक था। कार्यक्रम स्थल पर विशाल पंडाल लगाया गया था, जहां हजारों की संख्या में किसान, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा उपस्थित थे। मंच पर जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की एक भव्य तस्वीर सुसज्जित थी, जिसे फूलों से सजाया गया था।
समारोह का मुख्य आकर्षण वह क्षण था जब रोहतक ब्लॉक की सरपंच एसोसिएशन और खाप पंचायतों के प्रधानों ने सामूहिक रूप से संत रामपाल जी महाराज को ‘किसान गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। सम्मान के प्रतीक के रूप में उन्हें सुसज्जित हल, फूलों की माला, मोमेंटो, चादर भेंट किया गया। हरियाणवी संस्कृति में हल को किसान की आत्मा और समृद्धि का आधार माना जाता है। यह भेंट यह दर्शाती है कि किसानों ने संत रामपाल जी को अपना सच्चा संरक्षक और खेवनहार मान लिया है।
सरपंचों और किसान नेताओं के उद्गार
मंच से बोलते हुए विभिन्न गांवों के सरपंचों ने अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए। बालंद के सरपंच प्रतिनिधि ने कहा, “जब हमारी फसलें डूब रही थीं और हम अधिकारियों के चक्कर काट-काटकर थक चुके थे, तब संत रामपाल जी महाराज हमारे लिए भगवान बनकर आए। उन्होंने हमें अनाज ही नहीं दिया, बल्कि हमारा स्वाभिमान भी बचाया है।”

एक अन्य वक्ता ने कहा, “आज हम जो यह सम्मान दे रहे हैं, यह संत जी के उपकारों के सामने बहुत छोटा है। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के 105 गांवों को एक सूत्र में पिरो दिया है। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं थी, यह मानवता की सेवा का वह स्वरूप है जो केवल एक पूर्ण संत ही कर सकता है।”
सहायता और सम्मान का विवरण (तालिका)
| विवरण | जानकारी |
| सम्मान का नाम | किसान गौरव सम्मान |
| आयोजन स्थल | गांव बालंद, जिला रोहतक, हरियाणा |
| आयोजक | सरपंच एसोसिएशन ब्लॉक रोहतक, सतगामा, तपा, बालंद |
| सम्मिलित गांव | 105 गांव |
| मुख्य अतिथि (आध्यात्मिक उपस्थिति) | जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज |
| प्रदान किया गया प्रतीक | सुसज्जित हल (किसानी का प्रतीक),फूलों की माला, मोमेंटो, चादर |
| सहायता का कारण | जलभराव और बाढ़ संकट से मुक्ति |
| सहायता का स्वरूप | भारी मोटरें, पाइपलाइन, ईंधन और तकनीकी संसाधन |
105 गांवों का एकीकरण और सामाजिक बदलाव
संत रामपाल जी महाराज का प्रभाव केवल बाढ़ राहत तक सीमित नहीं है। इस समारोह में यह बात भी उभरकर सामने आई कि कैसे उनके सत्संग और विचारों ने इन 105 गांवों में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक लहर पैदा कर दी है। जिन गांवों में पहले नशा और दहेज जैसी समस्याएं आम थीं, वहां अब संत जी की शिक्षाओं के कारण सादगी और नशामुक्ति का वातावरण बन रहा है।
समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने स्वीकार किया कि संत रामपाल जी महाराज ने समाज को जोड़ने का काम किया है। सतगामा और तपा जैसे बड़े सामाजिक समूहों का एक मंच पर आकर किसी संत का सम्मान करना यह सिद्ध करता है कि उनकी शिक्षाएं जाति, पाति और वर्ग से ऊपर हैं।
तकनीकी और आर्थिक सहयोग की विशालता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जल निकासी के लिए जो संसाधन जैसे कि मोटर, पाइप, आदि संत रामपाल जी महाराज द्वारा उपलब्ध कराए गए, उनका आर्थिक मूल्य करोड़ों में है।
किसानों ने बताया कि यदि यह सहायता समय पर नहीं मिलती, तो आने वाली गेहूं की फसल की बुवाई नहीं हो पाती, जिसका सीधा असर उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ता। संत जी ने उन्हें कर्ज के जाल में फंसने से बचा लिया।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज – मानवता के सच्चे रक्षक और अन्नदाता के भी दाता
बालंद में आयोजित यह ‘किसान गौरव सम्मान समारोह’ केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह उस अटूट विश्वास का प्रमाण था जो आज जनमानस में संत रामपाल जी महाराज के प्रति स्थापित हो चुका है। जब विपदा की घड़ी में दुनिया ने मुंह फेर लिया, तब संत रामपाल जी महाराज ने अपनी बाहें फैलाईं। उन्होंने सिद्ध कर दिया है कि धर्म का वास्तविक अर्थ केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि परोपकार और दीन-दुखियों की सेवा है।
105 गांवों की यह एकजुटता और कृतज्ञता यह घोषणा करती है कि संत रामपाल जी महाराज केवल आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि इस धरा पर मानवता के सच्चे संरक्षक हैं। उनका यह कार्य युगों-युगों तक याद रखा जाएगा। सरकारें आती-जाती रहेंगी, योजनाएं बनेंगी और बिगड़ेंगी, लेकिन संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसानों के आंसू पोंछने का यह कार्य इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। निस्संदेह, वे ही सच्चे ‘किसान गौरव’ और जगत के पालनहार हैं।
‘किसान गौरव सम्मान’ से संबंधित FAQs
प्रश्न 1: संत रामपाल जी महाराज को किस विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया और क्यों?
संत रामपाल जी महाराज को ‘किसान गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें हरियाणा के खेतों में जमा बाढ़ के पानी को निकालने और हजारों एकड़ फसल को बर्बाद होने से बचाने के लिए, त्वरित और व्यापक सहायता प्रदान करने हेतु दिया गया।
प्रश्न 2: यह सम्मान समारोह कहाँ और किस तारीख को आयोजित किया गया?
यह ऐतिहासिक समारोह 4 जनवरी 2026 को हरियाणा के रोहतक जिले के बालंद गाँव में आयोजित किया गया।
प्रश्न 3: संत रामपाल जी महाराज को सम्मान स्वरूप क्या भेंट किया गया?
उत्तर: 105 गाँवों के प्रतिनिधियों और सरपंच एसोसिएशन ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए उन्हें किसानी और समृद्धि का प्रतीक पारंपरिक ‘हल’ भेंट किया।
प्रश्न 4: इस समारोह में किन-किन समूहों ने भाग लिया?
उत्तर: इस समारोह में सरपंच एसोसिएशन ब्लॉक रोहतक, सतगामा, तपा, बालंद और आसपास के 105 गाँवों के हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया और सामूहिक रूप से संत जी का आभार व्यक्त किया।
प्रश्न 5: प्रशासन की विफलता के बाद संत रामपाल जी महाराज ने किसानों की मदद कैसे की?
उत्तर: जब प्रशासन मदद करने में असमर्थ रहा, तब संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल बड़ी मोटरें, लंबी पाइपलाइनें, ईंधन और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए, जिससे खेतों से जल निकासी संभव हो सकी और रबी की बुवाई का रास्ता साफ हुआ।



