संत रामपाल जी महाराज ने ढाणी पीरवाली की जलभराव समस्या सुलझाई

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हरियाणा के हिसार जिले की हांसी तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव ढाणी पीरवाली में पिछले 15 से 20 वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई थी। गांव की लगभग 60 से 70 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि गंदे पानी के कारण तालाब का रूप ले चुकी थी। इस क्षेत्र के किसान मुख्य रूप से सब्जी और गोभी की खेती पर निर्भर हैं, जो जलभराव के कारण पूरी तरह नष्ट हो गई थी। गंदा पानी गलियों से होता हुआ लोगों के घरों की चौखट और कमरों तक पहुंच गया था, जिससे सांप और बिच्छू जैसे विषैले जीवों का खतरा बढ़ गया था। जलभराव के कारण छोटे बच्चों को स्कूल जाने के लिए अभिभावकों के कंधों का सहारा लेना पड़ता था। ग्रामीणों द्वारा दशकों तक मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं किया गया था।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा तत्काल राहत और सामग्री वितरण

प्रशासनिक विफलता के पश्चात ग्राम पंचायत ढाणी पीरवाली ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सहायता हेतु अर्जी प्रस्तुत की। अर्जी देने के मात्र पांचवें दिन राहत सामग्री गांव में पहुंच गई। संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत गांव की जल निकासी हेतु आवश्यक तकनीकी उपकरण और मशीनरी उपलब्ध कराई। सेवादारों ने स्पष्ट किया कि वितरण की गई समस्त सामग्री अब गांव की साझा अमानत है और सरपंच को एक भी वस्तु बाहर से खरीदने की आवश्यकता नहीं है।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजी गई सामग्री की सूची निम्नलिखित है:

  • एक विशाल 10 हॉर्स पावर (HP) की मोटर।
  • 3000 फुट लंबा 8 इंची मजबूत डबल लेयर पाइप।
  • मोटर संचालन हेतु स्टार्टर और विद्युत केबल।
  • पाइप जोड़ने के लिए भारी मात्रा में फेविकोल (एसआर)।
  • एयर वाल्व (हवा निकालने वाला वाल्व), फिक्स वाल, नट, बोल्ट, बैंड और जॉइंट्स।

अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत अन्य सामाजिक कल्याणकारी कार्य

संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं। इस मुहिम के अंतर्गत केवल बाढ़ राहत ही नहीं, बल्कि असहाय परिवारों के लिए अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं।

मुहिम के प्रमुख घटक इस प्रकार हैं:

  • 400 से अधिक गांवों में जल निकासी हेतु पाइप और मोटर की व्यवस्था।
  • गरीब और असहाय परिवारों के लिए पक्के मकानों का निर्माण।
  • बच्चों की पढ़ाई का संपूर्ण खर्च और शैक्षणिक सहायता।
  • रसोई का राशन, भोजन और चिकित्सा उपचार की उपलब्धता।
  • नशा उन्मूलन और शाकाहार को बढ़ावा देकर नैतिक सुधार।

राहत सेवा वितरण का संक्षिप्त सारांश

विवरणसांख्यिकीय और तथ्य
प्रभावित गांवढाणी पीरवाली, तहसील हांसी, जिला हिसार (हरियाणा)
समस्या की अवधि15-20 वर्ष (दशक पुराना जलभराव)
प्रदातासंत रामपाल जी महाराज (अन्नपूर्णा मुहिम)
प्रदत्त पाइप3000 फुट (8 इंची, डबल लेयर)
मोटर क्षमता10 हॉर्स पावर (HP)
कुल लाभान्वित भूमि60-70 एकड़ कृषि योग्य भूमि
सहायता का समयअर्जी के 5 दिन के भीतर

भविष्य के लिए निर्धारित नियम और प्रशासनिक निर्देश

संत रामपाल जी महाराज ने सेवादारों के माध्यम से गांव की पंचायत को एक औपचारिक पत्र सौंपा है, जिसमें सहायता के सदुपयोग हेतु कड़े निर्देश दिए गए हैं। महाराज जी ने स्वयं किसान परिवार से होने के कारण किसानों के दर्द को समझते हुए यह सहायता प्रदान की है।

निवेदन पत्र के मुख्य बिंदु:

  • ग्रामीणों को सामूहिक प्रयास से तत्काल जल निकासी करनी होगी ताकि आगामी गेहूं की फसल की बिजाई समय पर हो सके।
  • संस्था द्वारा गांव की तीन स्थितियों की वीडियो (ड्रोन द्वारा) बनाई जाएगी: वर्तमान जलभराव, जल निकासी के बाद की स्थिति, और लहलहाती फसल की स्थिति।
  • इन वीडियो को विभिन्न आश्रमों में प्रोजेक्टर पर दिखाया जाएगा ताकि दानदाताओं को धन के सही उपयोग का प्रमाण मिल सके।
  • यदि निर्धारित समय में पानी नहीं निकाला गया और फसल की बिजाई नहीं हुई, तो भविष्य में ट्रस्ट द्वारा गांव की कोई सहायता नहीं की जाएगी।
  • पाइपों को जमीन में स्थायी रूप से दबाने का निर्देश दिया गया है ताकि भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव न हो।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की आधिकारिक प्रतिक्रिया

गांव के सरपंच, बीडीसी मेंबर डॉ. महेंद्र सिंह सेन और स्थानीय निवासी राजेंद्र प्रसाद दिनोदिया (एलआईसी चीफ एडवाइजर) ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा की गई इस सहायता की पुष्टि की है। डॉ. महेंद्र सिंह सेन ने बताया कि उनके वार्ड के तीन गांवों—ढाणी कुमारन, ढाणी पीरान और ढाणी पीरवाली—में महाराज जी द्वारा सहायता पहुंचाई गई है। सरपंच ने स्वीकार किया कि 2011 से लंबित समस्या का समाधान प्रशासन नहीं कर पाया था, जो अब संभव हुआ है। ग्रामीणों ने हस्ताक्षर करके महाराज जी के निर्देशों को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि वे मिलकर जल निकासी का कार्य पूर्ण करेंगे।

ढाणी पीरवाली के कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र पर अपेक्षित प्रभाव

संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से जो सहायता प्रदान की है, उससे गांव के आर्थिक और सामाजिक ढांचे में बड़े सुधार की अपेक्षा है। जल निकासी होने से 70 एकड़ भूमि पर गेहूं की बिजाई संभव होगी, जिससे किसानों की आय सुनिश्चित होगी। साथ ही, स्थिर पानी से उत्पन्न होने वाली बीमारियों, मच्छरों के प्रकोप और जहरीले जीवों के खतरे से ग्रामीणों को स्थायी मुक्ति मिलेगी। यह पहल धार्मिक संस्थाओं द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का एक प्रमाण प्रस्तुत करती है, जिससे सरकार पर भी प्रशासनिक दबाव कम होगा।

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