किसानों और गौशालाओं की समस्याओं पर पहल: राजस्थान के हरिपुरा, मोहला और हनुमानगढ़ से पहुंचे लोगों ने संत रामपाल जी महाराज के सामने रखीं मांगें

Published on

spot_img

राजस्थान के अलग-अलग गांवों से पहुंचे लोगों ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं रखीं। इनमें हरिपुरा गांव के सरपंच ने गौशाला के लिए शेड की मांग रखी, वहीं मोहला गांव की पंचायत की ओर से अधिक पानी की समस्या के समाधान के लिए पाइपलाइन और मोटर की आवश्यकता बताई गई। इसके अलावा हनुमानगढ़ जिले के गांव से पहुंची गौशाला कमेटी ने पशुओं के लिए चारे और अतिरिक्त शेड की आवश्यकता रखी।

इसी दौरान एक किसान ने पहले मिली सहायता के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि खेतों में पानी भरने की समस्या के बीच पाइपलाइन और मोटर की सहायता मिलने से पानी निकालने का रास्ता बना और उनके अनुसार इससे परिवार के लिए अनाज की व्यवस्था हो सकी। उन्होंने किसानों की समस्याओं में मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।

हरिपुरा के सरपंच ने गौशाला के लिए शेड की मांग रखी

हरिपुरा गांव के सरपंच संत रामपाल जी महाराज के समक्ष पहुंचे। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे तीन दिन बाद दोबारा आए हैं और गुरुदेव की मेहरबानी से यहां पहुंचे हैं।

सरपंच ने गौशाला के लिए शेड की आवश्यकता बताते हुए कहा कि पहले भी उन्होंने इस संबंध में मांग रखी थी। उन्होंने इसे एक छोटी-सी अर्जी बताते हुए गौशाला के लिए छाया की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया।

उन्हें अपनी मांग लिखकर देने के लिए कहा गया। सरपंच ने बताया कि उनका गांव छोटा है और गरीब लोगों का गांव है। उन्होंने यह भी कहा कि वे आगे पूरी बस भरकर दोबारा आएंगे।

हरिपुरा की गौशाला के लिए शेड मंजूर होने की बात

हरिपुरा के सरपंच द्वारा रखी गई मांग के बाद गौशाला के लिए शेड की मंजूरी की बात कही गई। बातचीत में स्पष्ट रूप से कहा गया कि हरिपुरा की गौशाला के लिए सेट बनाया जाएगा और काम जल्द शुरू करने की बात कही गई।

इस पर सरपंच ने खुशी जताई और संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे गौसेवा के लिए महत्वपूर्ण सहायता के रूप में स्वीकार किया।

किसान ने पहले मिली सहायता का अनुभव साझा किया

इसी दौरान एक किसान ने संत रामपाल जी महाराज के कार्यों के बारे में अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत सहयोग मिला और वे यहां दर्शन करने तथा किए गए कार्यों को देखने आए हैं।

किसान ने बताया कि किसानों के लिए कई समस्याओं का समाधान किया गया है। उनके अनुसार गरीब लोगों को ऐसी सहायता मिली, जो उन्हें सरकार की ओर से भी नहीं मिली थी। इसी कारण वे यह देखने आए कि यहां किस प्रकार का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की चर्चा दूर-दूर तक हो रही है और लोग खुश होकर इसकी महिमा का प्रचार कर रहे हैं।

संकट में किसानों का सहारा: जब संत रामपाल जी महाराज के सहयोग से खेतों में लौटी हरियाली

​हरियाणा के जींद जिले स्थित कमाच खेड़ा गाँव के किसानों के लिए जीवन बेहद कठिन दौर से गुजर रहा था। खेतों में लगातार भारी जलभराव के कारण फसलें पूरी तरह बर्बाद हो रही थीं, और परिवारों के सामने भुखमरी तथा रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। प्रशासनिक स्तर से पर्याप्त राहत न मिलने के कारण ग्रामीण लाचार और दिशाहीन महसूस कर रहे थे।

​ऐसे विकट समय में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन और सहयोग ने इन पीड़ित परिवारों को नया जीवन दिया। ग्रामीणों के खेतों से जमा पानी निकालने के लिए व्यवस्थित पाइपलाइन डलवाई गई और पानी खींचने वाली मोटरों की व्यवस्था की गई। इस ठोस कदम से न केवल जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हुआ, बल्कि किसानों के खेतों में फिर से अन्न उपजाना संभव हो सका।

​इस संकटमोचक सहायता से प्रभावित होकर कमाच खेड़ा के ग्रामीण बड़ी संख्या में संत रामपाल जी महाराज के दर्शन करने पहुँचे। ग्रामीणों ने भावुक होकर बताया कि जहाँ हर तरफ से निराशा हाथ लगी थी, वहीं महाराज जी के परोपकारी कार्यों ने उनके बच्चों के भविष्य और आजीविका को सुरक्षित कर दिया। आभार व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने सेवा भाव से जुड़े रहने का संकल्प लिया

मोहला गांव की पंचायत ने तीसरे किले तक पाइपलाइन की मांग रखी

इसके बाद मोहला गांव की पंचायत की ओर से लोग पहुंचे। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से आशीर्वाद लेने के साथ गांव की एक छोटी मांग रखी।

पंचायत की ओर से बताया गया कि तीसरे किले तक पाइपलाइन की आवश्यकता है। इसके साथ थोड़ी और पाइपलाइन की मांग भी रखी गई, क्योंकि पुठी की तरफ से काफी अधिक पानी आ गया था।

जब इस संबंध में जानकारी मांगी गई तो सर्वे कराने की बात सामने आई। पंचायत की ओर से बताया गया कि क्षेत्र में पानी की समस्या अधिक है।

सर्वे के बाद पाइपलाइन और मोटर मिलने का आश्वासन

मोहला गांव की मांग के संबंध में सर्वे कराने की बात कही गई। बताया गया कि सर्वे में यदि स्थान उचित और जरूरत वास्तविक पाई जाती है तो किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।

पंचायत की ओर से यह भी बताया गया कि पहले जो पाइपलाइन गई थी, वह सही जगह पर लगी थी। क्षेत्र में अधिक पानी आने की समस्या को देखते हुए आगे की आवश्यकता भी बताई गई।

इसके बाद कहा गया कि एक बार सर्वे कर लिया जाए और सर्वे के बाद संतुष्टि होने पर पाइपलाइन और मोटर उपलब्ध हो जाएगी। पंचायत की ओर से इस पर अपनी सहमति और संतोष व्यक्त किया गया।

हनुमानगढ़ से पहुंची गौशाला कमेटी ने बताई चारे की समस्या

इसके बाद गौशाला कमेटी के सदस्य संत रामपाल जी महाराज से मिलने पहुंचे। बातचीत में उन्होंने अपना संबंध तहसील भाजरा, जिला हनुमानगढ़, राजस्थान से बताया।

गौशाला कमेटी ने बताया कि पशुओं के लिए चारे की समस्या हो रही है। उन्होंने गौशाला से जुड़ी अपनी आवश्यकता सामने रखते हुए चारे की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। उनकी समस्या सुनने के बाद लिखकर देने के लिए कहा गया। इस पर कमेटी की ओर से आवेदन देने की बात कही गई।

बढ़ी हुई गायों की संख्या के कारण अतिरिक्त शेड की जरूरत

गौशाला कमेटी ने यह भी बताया कि गौशाला में गायों की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि पहले तीन शेड बनाए गए थे, लेकिन अब गायों की संख्या अधिक हो जाने के कारण अतिरिक्त शेड की जरूरत है।

कमेटी की ओर से शेड की आवश्यकता के साथ चारे की समस्या भी रखी गई। उन्हें बताया गया कि चारे की व्यवस्था जल्दी की जाएगी और शेड का निर्माण समय तथा क्रम के अनुसार किया जाएगा। इस पर गौशाला कमेटी के सदस्यों ने धन्यवाद व्यक्त किया।

गौशाला के लिए चारा और शेड दोनों मंजूर

बातचीत के अंत में गौशाला के लिए दोनों आवश्यकताओं पर मंजूरी की बात कही गई। कमेटी को बताया गया कि चारा भी मंजूर है और शेड भी मंजूर है।

गौशाला कमेटी के सदस्यों ने बताया कि मीडिया के माध्यम से भी इन कार्यों का प्रचार हुआ है। उन्होंने राजस्थान में बड़ी संख्या में अनाथ गायों के घूमने की बात कही और गौसेवा से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया।

अंत में उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि चारा भी मंजूर है और शेड भी मंजूर है, यानी गौशाला की दोनों मांगों पर सहायता की बात सामने आई।

लोगों ने सहायता और कार्यों के लिए जताया आभार

पूरी बातचीत के दौरान हरिपुरा के सरपंच, किसान, मोहला गांव की पंचायत और हनुमानगढ़ से पहुंची गौशाला कमेटी ने अपनी-अपनी आवश्यकताएं सामने रखीं।

हरिपुरा की ओर से गौशाला के लिए शेड की मांग रखी गई, जिस पर शेड मंजूर होने की बात कही गई। मोहला गांव की पंचायत ने अधिक पानी की समस्या के कारण पाइपलाइन और मोटर की आवश्यकता बताई, जिसके लिए पहले सर्वे कराने की बात कही गई। वहीं हनुमानगढ़ से पहुंची गौशाला कमेटी ने चारे और अतिरिक्त शेड की समस्या बताई, जिस पर दोनों के मंजूर होने की बात कही गई।

एक किसान ने पहले मिली सहायता का अनुभव बताते हुए कहा कि पाइपलाइन और मोटर मिलने से खेतों से पानी निकालने में मदद मिली और उनके अनुसार इससे परिवार के लिए अनाज उपलब्ध हो सका। उन्होंने सहायता के लिए धन्यवाद दिया और आगे भी आते रहने की बात कही।

इस प्रकार इन मुलाकातों में किसानों, पंचायत और गौशाला से जुड़े लोगों ने अपनी अलग-अलग आवश्यकताएं सामने रखीं और सहायता मिलने पर संतोष एवं आभार व्यक्त किया।

Latest articles

बिरधाना किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज 2: संत रामपाल जी महाराज ने जगाई पानी में डूबे खेतों के बीच खेती की उम्मीद

किसान के लिए खेत केवल उसकी जमीन नहीं होता। उसमें उसकी मेहनत, परिवार की...

31 साल पुरानी जलभराव की समस्या 10 दिन में सुलझी, उमड़ा किसानों का जनसैलाब

​आज के दौर में जहां ग्रामीण समाज अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए वर्षों तक...

संत रामपाल जी महाराज द्वारा पिंजोखरा गौशाला में 800 क्विंटल सूखा चारा पहुंचा, 1100 गौवंश को राहत; शेड का सर्वे भी पूरा

हरियाणा के भिवानी जिले के पिंजोखरा स्थित श्री श्याम गौशाला में करीब 1100 गौवंश...
spot_img

More like this

बिरधाना किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज 2: संत रामपाल जी महाराज ने जगाई पानी में डूबे खेतों के बीच खेती की उम्मीद

किसान के लिए खेत केवल उसकी जमीन नहीं होता। उसमें उसकी मेहनत, परिवार की...

31 साल पुरानी जलभराव की समस्या 10 दिन में सुलझी, उमड़ा किसानों का जनसैलाब

​आज के दौर में जहां ग्रामीण समाज अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए वर्षों तक...