Punjab News (Hindi) | संत रामपाल जी के शिष्य बाढ़ ग्रस्त गाँवों में लोगों समेत पशुओं के लिए पहुंचा रहे राहत सामग्री

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Punjab News (Hindi) : अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से सटे पंजाब के फाजिल्का जिले के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में 4-5 फुट तक पानी भर गया है। जिससे बॉर्डर से लगे सभी गाँव में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं बाढ़ ग्रस्त गाँवो में भारी नुकसान के साथ साथ पशुधन का नुकसान भी हो रहा है। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी बाढ़ ग्रस्त गांवों में जाकर पशुओं के लिए हरा चारा पहुंचाया रहे हैं और लोगों के लिए खाद्य व राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं।

Punjab News (Hindi): मुख्यबिन्दु

  • पंजाब के अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे जिले फाजिल्का के एक दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में
  • गाँवों में 4-5 फुट पानी भरा, जिससे जन जीवन अस्त व्यस्त हुआ
  • लोगों की एकमात्र आजीविका के साधन पशुपालन को पहुंची भारी क्षति
  • संत रामपाल जी के शिष्य बाढ़ ग्रस्त गांवों में पहुंचा रहे पशुओं के लिए हरा चारा
  • बाढ़ प्रभावित लोगों को संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी पहुंचा रहे भोजन, दूध के पैकेट समेत अन्य राहत सामग्री

पंजाब के बॉर्डर से सटे गांवों में भरा पानी

पंजाब का फाजिल्का जिला जोकि अंतरराष्ट्रीय सीमा अर्थात पाकिस्तान बॉर्डर से लगा हुआ है। यह जिला पहले ही गरीबी की मार झेल रहा है और लोगों को आजीविका चलाने के लिए पशुपालन ही एकमात्र साधन है। लेकिन पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने से पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं तो वहीं फाजिल्का जिले के पाकिस्तान सीमा से सटे एक दर्जन से अधिक गांवों में 4-5 फीट तक पानी भर गया है। जिससे लोगों के साथ-साथ मवेशियों पर भी यह प्राकृतिक आपदा कहर बरपा रही है।

फाजिल्का के 12 गाँव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित

Punjab News (Hindi) : सीमा से सटे फाजिल्का के जिन 12 गांवों में बाढ़ की यह आफत आई है उनमें रामसिंह वाली फेनी, महात्म नगर, दोना नाका, तेजा रेला, चाघहेरद फेनी, रेती वाली फेनी, एक नंबर घाटी, गुलाबा फेनी, घुरका, गुदर फेनी, ढाणी मोहना गुम और महर जमसेर शामिल हैं। ये सभी गांव बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित हुए हैं। वहीं कई फीट तक जल भराव के कारण लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है। 

बाढ़ से लोगों समेत मवेशियों पर आई मुसीबत

बाढ़ के कारण जहाँ लोग अपनी जान बचाने और जरूरत का समान बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं ऐसे में मवेशियों का बचा पाना मुश्किल हो गया है। बाढ़ की वजह से गांव के गांव जलमग्न हो गए हैं लोगों के पास खाने के लिए लगभग एक-दो दिन की सामग्री ही बची है। जैसे तैसे लोग अपना दिन काट रहे हैं लेकिन लोगों के सामने समस्या रात काटने की उत्पन्न हो चुकी है तो वहीं खाने-पीने की वस्तुओं की समस्या भी लोगों के सामने आन खड़ी है। 

यह भी पढ़ें: Haryana Flood News [Hindi] | बाढ़ ग्रस्त इलाकों में संत रामपाल जी के शिष्य पहुंचा रहे हैं राहत सामग्री

इसके अलावा जलभराव के कारण पशुपालन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। पशुओं का चारा, भूसा पानी में डूब गया है। जिससे एक तरफ इंसानी जान माल का नुकसान हो रहा है तो वहीं जलभराव की वजह से पशुओं को आहार ना मिल पाने के कारण पशु धन की भी भारी हानि गांव वालों को उठाना पड़ रही है।

संत रामपाल जी के अनुयायियों ने पहुंचाया पशुओं के लिए चारा

Punjab News (Hindi): पंजाब के फाजिल्का जिले के लोगों पर आई इस प्राकृतिक आपदा में मानव व पशुओं की सहायता करने के लिए विश्व प्रसिद्ध सबसे बड़े मानव के परम हितैषी जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी सामने आए हैं। वे फाजिल्का जिले के पाकिस्तान बॉर्डर से लगे बाढ़ ग्रस्त गांवों में बचे हुए पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध करवा रहे हैं। जिससे पशुओं की भूख के कारण मौत न हो सके। जिसके लिए वे बाढ़ प्रभावित गांवों में ट्रक व टाले में हरा चारा लादकर पशुओं के लिए आहार बड़ी सिदत्त से पहुंचा रहे हैं। 

लोगों को भी पहुंचा रहे खाद्य व अन्य राहत सामग्री

वहीं पशुओं के साथ-साथ बाढ़ की मुसीबत फाजिल्का जिले के सीमावर्ती गांवों के लोगों पर भी आई हुई है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित लोगो तक भी संत रामपाल जी महाराज जी के शिष्य मदद पहुंचा रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज जी के आदेश अनुसार उनके अनुयायियों द्वारा बाढ़ ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों के लिए दूध के पैकेट, ब्रेड, पाव तथा अन्य राहत व खाद्य सामग्री पहुंचा रहे हैं। जोकि मानवीय सेवा का अद्भुत व सराहनीय कार्य है।

बाढ़ प्रभावित हरियाणा में भी दिखा मानवीय सेवा का नजारा

संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों द्वारा मानवीय सहायता का ऐसा ही अद्भुत नजारा हरियाणा के 12 जिलों में आई बाढ़ के चलते भी देखने को मिला। जहाँ बाढ़ प्रभावित जिले अम्बाला, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, कैथल समेत अन्य जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर संत रामपाल जी महाराज के शिष्य लोगों को खाद्य सामग्री के साथ साथ पशुओं के लिए चारा वितरित करते नजर आए थे। 

संत रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान से बन रहा “धरती ऊपर स्वर्ग”

जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज अपने सत्संग प्रवचनों में कहते हैं कि मानव जन्म हमें परमात्मा प्राप्ति के लिए प्राप्त हुआ है। इसके साथ साथ हमें मानव की सेवा भी करनी चाहिए। लोगों पर आपदा आने पर मुसीबत की घड़ी में उनकी मदद करनी चाहिए, जोकि मानवता का एक गुण होता है और मुसीबत के समय में की गई सहायता का पुण्य गई गुना होता है। 

साथ ही संत रामपाल जी महाराज तत्वज्ञान (धर्म शास्त्रों के सत्यज्ञान) के आधार पर लोगों को मानवता, नैतिकता और आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करने के अलावा समाज से पाखंडवाद, अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों, बुराइयों जैसे नशा, दहेज, भ्रष्टाचार, चोरी आदि को समाप्त कर एक स्वच्छ समाज तैयार कर रहे हैं। उनके तत्वज्ञान से परिचित होकर उनके अनुयायी नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करते यानि किसी प्रकार का नशा नहीं करते हैं, तम्बाकू का सेवन नहीं करते हैं, दहेज नहीं देते हैं व न लेते हैं, विवाह में एक पैसा भी खर्च नहीं करते हैं, चोरी-ठगी, परस्त्री गमन से डरते हैं, न रिश्वत लेते हैं, परमात्मा का नाम जपते हैं, धार्मिक अनुष्ठान गुरु जी की आज्ञा में रहकर करते हैं, जिससे धरती ऊपर स्वर्ग बन रहा है।

जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान के तत्वज्ञान को जानने के लिए Sant Rampal Ji Maharaj Youtube Channel देखें या गूगल प्ले स्टोर से Sant Rampal Ji Maharaj App डाउनलोड करें।

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