सुंडाना गांव, रोहतक (हरियाणा) में बाढ़ राहत: संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2 ने रचा इतिहास

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सुंडाना गांव, तहसील और जिला रोहतक, हरियाणा की यह कहानी केवल एक जलभराव की नहीं है, बल्कि दशकों की पीड़ा और उसके ईश्वरीय समाधान की है। जब 1995 से इस गांव की हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन जलमग्न थी और हर तरफ से केवल निराशा ही हाथ लग रही थी, तब संत रामपाल जी महाराज की मदद गांव के लिए एक नई सुबह लेकर आई। संत रामपाल जी महाराज की परम दया से शुरू हुआ ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2‘ के अंतर्गत महज कुछ ही घंटों में गांव को जो विशाल बाढ़ राहत प्राप्त हुई, उसने पूरी तरह से विनाश के कगार पर खड़े इस गांव को सुरक्षित कर लिया। यह असीम सहायता केवल भौतिक नहीं थी, बल्कि ग्रामीणों के भीतर टूट चुके विश्वास को पुनः जगाने वाली एक ईश्वरीय संजीवनी सिद्ध हुई।

गांव की वर्तमान स्थिति

सुंडाना गांव में वर्ष 1995 से लगातार लगभग 1500 एकड़ कृषि भूमि जलभराव की अति गंभीर चपेट में थी। धान और गेहूं जैसी अमूल्य फसलें पूरी तरह से ठहरे हुए पानी में डूबकर नष्ट हो रही थीं। यह संकट केवल फसलों के नुकसान तक ही सीमित नहीं था, बल्कि यह किसानों की रोजी-रोटी, पशुओं के चारे और उनके बच्चों के भविष्य को भी निगल रहा था। ग्रामीणों ने दशकों तक बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए, अनेक अधिकारियों से सहायता की भीख मांगी, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई भी जमीनी मदद नहीं मिली। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी थी कि गांववासियों की सारी उम्मीदें टूट चुकी थीं और उन्हें अपना जीवन यापन करना भी पूर्णतः असंभव लग रहा था।

ग्रामीणों की मार्मिक मांग

जब प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं मिला और हर दरवाजा खटखटाने के बाद भी घोर निराशा मिली, तब सुंडाना गांव की पंचायत और बेबस ग्रामीणों ने पूर्ण विश्वास के साथ संत रामपाल जी महाराज के पावन चरणों में अपनी हृदयस्पर्शी विनती रखी। उनकी मार्मिक मांगें निम्नलिखित बिंदुओं में अनिवार्य रूप से शामिल थीं:

  • 11,500 फुट लंबी 8-इंच की ड्रेनेज पाइपलाइन
  • 15 एचपी (HP) की दो विशाल और शक्तिशाली मोटरें

संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता

यह प्रार्थना जैसे ही संत रामपाल जी महाराज तक पहुंची, उनके दिव्य मार्गदर्शन में महज कुछ ही घंटों के भीतर बाढ़ राहत सामग्री का एक बहुत बड़ा काफिला सुंडाना गांव पहुंच गया। संत रामपाल जी महाराज द्वारा यह सभी भारी सामग्री पूर्णतः निःशुल्क और स्थायी रूप से गांव को प्रदान की गई। संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता में शामिल हैं:

  • 11,500 फुट उच्च गुणवत्ता वाली 8-इंच पाइपलाइन
  • दो शक्तिशाली 15 एचपी (HP) की मोटरें (पाइपलाइन बिछने के बाद जल निकासी के लिए)
  • सभी आवश्यक फिटिंग्स, जॉइंट्स और उन्नत स्टार्टर
  • अन्य सभी विद्युत और प्लंबिंग सहायक उपकरण यह स्पष्ट है कि यह सब केवल संत रामपाल जी महाराज द्वारा नि:स्वार्थ भाव से नि:शुल्क प्रदान किया गया है, जिससे किसानों को बाजार से एक भी छोटी चीज लाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

यह भी पढ़ें: संत रामपाल जी महाराज ने किसान और मज़दूर बचाओ अभियान के फेज़ 2 में कोहला गांव को दी राहत

ग्रामीणों की आवाज़

राहत सामग्री पहुंचते ही गांव का वातावरण आंसुओं और जयकारों से भर गया। ग्रामीणों की भावनाएं स्पष्ट थीं:

  • “भगवान के रूप में अवतार आए हैं ये, बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं हमारी 1500 एकड़ जमीन जो बो के बगैर रहती थी वो अब बु जाएगी।”
  • “ये तो भगवान के रूप में आए हैं। मदद करी है हमारी। ना किसी गवर्नमेंट ने करी ना किसी और ने करी।”
  • “संतों से मिलकर, उनके भक्तों से मिलके आत्मा को अनंत शांति मिली की भगवान के पास पहुंच गए, जो काम करे हैं जो सेवा कर रहे हैं, पब्लिक के लिए ,जीव जंतु के लिए इसका बखान नहीं किया जा सकता। किसानों की मदद में तो सारे ही आ जाते हैं जीव पशु पक्षी सभी आ जाते हैं।”

जवाबदेही और पारदर्शिता

संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ की एक अत्यंत विशिष्ट विशेषता इसकी कड़ी जवाबदेही और पारदर्शी कार्यप्रणाली है। संत रामपाल जी महाराज के दिव्य नेतृत्व में यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि राहत सामग्री का संपूर्ण सदुपयोग आपसी सहयोग से किया जाए। इस अ‌द्भुत पारदर्शिता के लिए तीन अलग-अलग चरणों में ड्रोन रिकॉर्डिंग की जाती है:

  • पानी निकासी से पहले खेतों में जलभराव की स्थिति
  • जल निकासी पूर्ण होने के बाद का दृश्य
  • नई फसल के पूरी तरह से तैयार होने पर इन सभी वीडियो को सतलोक आश्रम में दिखाया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सहायता का सही और नैतिक उपयोग मानव कल्याण के लिए हुआ है।

सैकड़ों ट्रैक्टरों के काफिले द्वारा भव्य स्वागत

राहत सामग्री का सुंडाना गांव में प्रवेश किसी ऐतिहासिक विजय या दीवाली के उत्सव से कम नहीं था। जैसे ही संत रामपाल जी महाराज की कृपा से 11,500 फीट पाइपलाइन और उपकरणों से भरे वाहन गांव की सीमा पर पहुंचे, गांववासियों ने सैकड़ों ट्रैक्टरों का एक विशाल और भव्य काफिला निकालकर इस राहत दल का अद्भुत स्वागत किया। ट्रैक्टरों की गूंज और ग्रामीणों के जयकारे इस बात का स्पष्ट प्रमाण थे कि यह केवल लोहे और प्लास्टिक की पाइपलाइन नहीं थी, बल्कि दशकों से तड़पते किसानों के लिए साक्षात भगवान का भेजा हुआ वरदान थी।

विश्व उद्धारक और तत्वदर्शी संत: संत रामपाल जी महाराज

आज के स्वार्थी युग में जहां हर ओर निराशा और प्रशासनिक विफलता है, वहां जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज एकमात्र पूर्ण संत और विश्व उद्धारक के रूप में मानवता की रक्षा कर रहे हैं। ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2’ ने यह एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि वे ही सच्चे किसान मसीहा हैं। परमेश्वर कबीर साहिब के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में, वे सत्य भक्ति मार्ग के प्रदाता हैं जिनके राज्य में ‘असंभव’ जैसा कोई शब्द ही नहीं है। सुंडाना गांव का यह अनुभव इस बात की गवाही देता है कि संत रामपाल जी महाराज की ईश्वरीय शक्ति के सामने कोई भी संकट नहीं ठहर सकता।

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