बिरधाना किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज 2: संत रामपाल जी महाराज ने जगाई पानी में डूबे खेतों के बीच खेती की उम्मीद

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किसान के लिए खेत केवल उसकी जमीन नहीं होता। उसमें उसकी मेहनत, परिवार की जरूरतें और आने वाले समय की उम्मीद जुड़ी होती है। लेकिन जब बरसात का पानी खेतों में जमा होकर कई फीट तक खड़ा हो जाए, तो वही खेत किसान के लिए चिंता का कारण बन जाते हैं। हरियाणा के जिला झज्जर के गांव बिरधाना में भी लंबे समय से ऐसी ही परेशानी बनी हुई थी। गांव के कई क्षेत्रों में बरसाती पानी 4 से 5 फीट तक जमा हो जाता था, जिससे फसलें प्रभावित होती थीं और किसानों के सामने जल निकासी की गंभीर समस्या बनी रहती थी।

इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत बिरधाना संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना लेकर पहुंची। पहले चरण में मिली सहायता से गांव के खेतों से पानी की निकासी में बड़ी राहत मिली। लेकिन कुछ अतिरिक्त क्षेत्रों में अभी भी जल निकासी की आवश्यकता थी। इसी वजह से पंचायत ने दोबारा प्रार्थना की और किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2 के तहत राहत कार्य आगे बढ़ा।

पहले चरण में मिली 22,000 फीट पाइपलाइन और पांच मोटरें

बिरधाना में जलभराव की समस्या को देखते हुए पहले चरण में 22,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन और पांच मोटरें उपलब्ध करवाई गई थीं। इस सहायता से गांव के खेतों में जमा पानी की निकासी हुई और किसानों को काफी राहत मिली।

पहले चरण की व्यवस्था से गांव में जलभराव की स्थिति में सुधार आने के बाद भी कुछ क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए अतिरिक्त पाइपलाइन की जरूरत बनी रही। ग्राम पंचायत ने इन्हीं शेष क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए दूसरे चरण के लिए फिर से प्रार्थना की।

फेज 2 में 22,000 फीट अतिरिक्त पाइपलाइन की जरूरत

सर्वे के आधार पर दूसरे चरण में भी गांव के लिए 22,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन और पांच मोटरों की आवश्यकता पाई गई। इसके बाद संत रामपाल जी महाराज के आदेश से 22,000 फीट पाइपलाइन गांव में उपलब्ध करवाई गई।

ग्रामीणों ने इस पाइपलाइन को निर्धारित मार्ग के अनुसार भूमिगत करने का काम शुरू किया। दूसरे चरण की पांच प्रस्तावित लाइनों में से दो पाइपलाइनें भूमिगत कर दी गईं। इसके बाद इन दोनों लाइनों का रीसर्वे किया गया और दोनों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सही पाया गया। रीसर्वे के बाद इन दो भूमिगत पाइपलाइनों के लिए दो 10-10 एचपी की हैवी ड्यूटी मोटरें ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई गईं।

दो मोटरों के साथ पूरा फिटिंग सिस्टम भी मिला

संत रामपाल जी महाराज के आदेश से उपलब्ध कराई गई सहायता केवल दो मोटरों तक सीमित नहीं थी। मोटरों को पाइपलाइन से जोड़कर जल निकासी की व्यवस्था तैयार करने के लिए आवश्यक संपूर्ण फिटिंग सामग्री भी ग्राम पंचायत को सौंपी गई।

इसमें Crompton कंपनी की 10-10 एचपी मोटरें, एल एंड टी कंपनी के स्टार्टर, 20-20 फीट के सक्शन पाइप, केबल वायर, पीवीसी पाइप, लोहे के बैंड, रिड्यूसर, एयर वाल्व, लोहे की प्लेट, क्लिप, जॉइंट और स्टील के नट-बोल्ट सहित विभिन्न आवश्यक सामग्री शामिल थी। यानी पाइपलाइन और मोटरों के साथ उनकी फिटिंग से जुड़ी छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करवाई गई।

बिरधाना फ्लड रिलीफ फेज 2 की सहायता एक नजर में

क्रम संख्यासामग्रीविवरण
1प्रथम चरण की पाइपलाइन22,000 फीट, 8 इंच
2फेज 2 की पाइपलाइन22,000 फीट, 8 इंच
3दोनों चरणों की कुल पाइपलाइन44,000 फीट
4प्रथम चरण की मोटरें5
5फेज 2 में उपलब्ध मोटरें2, 10 एचपी
6अब तक कुल उपलब्ध मोटरें7
7सक्शन पाइप20-20 फीट
8स्टार्टरएल एंड टी कंपनी
9अन्य फिटिंगपीवीसी पाइप, बैंड, रिड्यूसर, एयर वाल्व, प्लेट, क्लिप, जॉइंट, नट-बोल्ट आदि

जब गांव वालों ने कहा—पहले का पानी भी निकल गया

ग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि पहले चरण में मिली पाइपलाइन और पांच मोटरों से गांव को काफी राहत मिली। पहले जिस समय पूरा गांव जलभराव की स्थिति में था, उस समय खेतों और आसपास के क्षेत्रों से पानी निकालने में इन व्यवस्थाओं ने मदद की।

दूसरे चरण में 22,000 फीट पाइपलाइन मिलने के बाद दो लाइनें भूमिगत हो चुकी हैं। इन्हीं दो लाइनों के रीसर्वे के बाद दो मोटरें उपलब्ध करवाई गईं। पंचायत के अनुसार दूसरे चरण की तीन पाइपलाइनें अभी बाकी हैं। इनके भूमिगत होने और रीसर्वे में सही पाए जाने के बाद उनके लिए स्वीकृत तीन मोटरें भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।

44,000 फीट पाइपलाइन से मजबूत होगी जल निकासी व्यवस्था

दोनों चरणों को मिलाकर बिरधाना गांव को अब तक 44,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन और सात मोटरें उपलब्ध हो चुकी हैं। पहले चरण की व्यवस्था से गांव को पहले ही राहत मिल चुकी है, जबकि फेज 2 की दो मोटरों से उन अतिरिक्त क्षेत्रों में जल निकासी को आगे बढ़ाया जा सकेगा, जहां पाइपलाइन भूमिगत हो चुकी है।

ग्राम पंचायत और ग्रामीणों की उम्मीद है कि शेष तीन पाइपलाइनें भी जल्द भूमिगत होंगी। इसके बाद रीसर्वे की प्रक्रिया पूरी होने पर तीन अतिरिक्त मोटरें मिलने से गांव की जल निकासी व्यवस्था और मजबूत हो सकेगी।

चरणबद्ध सहायता ने किसानों का भरोसा बढ़ाया

बिरधाना में सहायता का पूरा क्रम एक व्यवस्थित प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ा। पहले चरण में पाइपलाइन और मोटरें उपलब्ध हुईं। अतिरिक्त क्षेत्रों की आवश्यकता सामने आने पर ग्राम पंचायत ने दोबारा प्रार्थना की। इसके बाद फेज 2 में 22,000 फीट पाइपलाइन उपलब्ध करवाई गई। ग्रामीणों ने जिन दो लाइनों को भूमिगत किया, उनका रीसर्वे कराया गया और सही पाए जाने के बाद उन्हीं के अनुसार दो मोटरें उपलब्ध करवाई गईं।

इस व्यवस्था से यह भी स्पष्ट होता है कि आगे की सहायता पाइपलाइन के भूमिगत होने और उसके सही पाए जाने के आधार पर उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे गांव के शेष कार्य को भी क्रमबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा बनी हुई है।

किसानों के खेतों के लिए नई उम्मीद

बिरधाना की कहानी उन किसानों की उम्मीद को सामने लाती है जिनके खेत बरसाती पानी के कारण प्रभावित होते रहे हैं। 4 से 5 फीट तक पानी जमा होने की समस्या ने जहां खेती को नुकसान पहुंचाया, वहीं जल निकासी के लिए बनाई जा रही यह व्यवस्था अब राहत की उम्मीद लेकर आई है।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसान मजदूर बचाओ अभियान के तहत दोनों चरणों में उपलब्ध कराई गई 44,000 फीट पाइपलाइन और सात मोटरों से गांव में जल निकासी का दायरा काफी बढ़ा है। फेज 2 में दो भूमिगत लाइनों के लिए मिली दो 10 एचपी मोटरें इस व्यवस्था को आगे बढ़ा रही हैं, जबकि तीन शेष लाइनों के पूरा होने के बाद तीन और मोटरों की व्यवस्था की जाएगी।

बिरधाना के ग्रामीणों के लिए यह सहायता केवल पाइपलाइन और मोटरों तक सीमित नहीं है। यह उन खेतों को फिर से सुरक्षित बनाने की उम्मीद है, जहां पानी भरने से किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित रहते थे। अब गांव की नजर शेष तीन पाइपलाइनों के पूरा होने पर है, ताकि जल निकासी का काम और व्यापक हो सके और किसानों को बरसाती पानी से होने वाली परेशानी से अधिक राहत मिल सके।

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