Last Updated on 25 August 2026 IST: National Sports Day India 2026 (राष्ट्रीय खेल दिवस): आज 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी का जन्म दिन है। उनके जन्मदिन को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद का खेल खेलने का तरीका ऐसा था कि पूरी दुनिया उनकी ओर हैरत से देखती थी । उनके आगे अच्छे – अच्छे खिलाड़ियों का पसीना छूट जाता था । सबसे बड़ी बात तो यह है कि ध्यानचंद (दद्दा) ने ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था ।
National Sports Day India 2026 के मुख्य बिंदु
- तिथि: 29 अगस्त 2026 (शनिवार)
- उद्देश्य: देश में खेल, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना।
- समर्पित: हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
- मुख्य गतिविधियाँ: स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और खेल संस्थानों में खेल प्रतियोगिताएँ, फिटनेस रन, योग, जागरूकता अभियान और खिलाड़ियों का सम्मान।
- फोकस: युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, टीमवर्क, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना।
- फिट इंडिया से जुड़ाव: राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर फिटनेस और नियमित शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाता है।
- 2026 की थीम: राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 की थीम “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” है। यह दिवस 29 अगस्त को हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
राष्ट्रीय खेल दिवस 2026: खेल, जोश और जीत का जश्न
29 अगस्त 2026, शुक्रवार—देश खेलों के असली जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद करेगा। 1905 में पैदा हुए ध्यानचंद ने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में भारत को लगातार तीन स्वर्ण पदक दिलाए। 2012 से हर साल यह दिन सिर्फ यादगार नहीं, बल्कि खेलों के जरिए फिटनेस, अनुशासन और एकता का पैगाम देने का मौका बन गया है। इस बार खास बात यह है कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के सपने को साकार करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
National Sports Day India 2026: हॉकी के जादूगर का संक्षिप्त परिचय
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ‘दद्दा’ का जन्म उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद में 29 अगस्त 1905 में हुआ था। दद्दा ने अपने खेल जीवन काल में 400 से भी अधिक गोल किए और वे विश्व के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने। 1922 की बात है केवल 16 साल की उम्र में ही ध्यानचंद ब्राह्मण रेजिमेंट में भर्ती हुए। ध्यानचंद जी जब सेना में भर्ती हुए थे तब तक उनके मन में हॉकी खेल के प्रति कोई लगाव नहीं था।
रेजिमेंट के सूबेदार मेजर तिवारी जी ने ध्यानचंद को हॉकी के लिए प्रेरित किया फिर उसके बाद ध्यानचंद जी हॉकी के प्रति आगे बढ़े और ऐसे बढ़े कि भारत देश का नाम बहुत आगे कर गए। ध्यानचंद ने 1928,1932 और 1936 में देश को हॉकी में स्वर्ण पदक दिलाया। दद्दा जी भारतीय हॉकी टीम के कप्तान भी रहे। ध्यानचंद को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सन् 1956 में पद्मभूषण दिया गया था। खेल प्रेमियों द्वारा ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग बार-बार उठाई गई है। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम 2021 में बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया गया, जो भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान है।
National Sports Day 2026 India: क्या खूब खिलाड़ी थे ध्यानचंद
- मेजर ध्यानचंद के बारे में यह कहा जाता है कि जब भी वह हॉकी खेलते थे और गेंद उनके पास रहती थी तब उनसे गेंद छीनना बड़े से बड़े खिलाड़ी के लिए भी बहुत कठिन काम था ।
- अच्छे – अच्छे खिलाड़ियों के पसीने छूट जाते थे ।
- वे बॉल को इस तरह अपनी हॉकी से चिपकाकर रखते थे कि लोग हैरत में पड़ जाते थे ।
- लोगों के मन में भ्रम था कि वह कोई जादू जानते है जिससे गेंद उनके ही पास रहती है ।
- इसको देखते हुए नीदरलैंड में अधिकारियों ने ध्यानचंद का हॉकी स्टिक तोड़ कर जांचा था कि कहीं उनके हॉकी में कोई ऐसी चीज तो नहीं है जो गेंद को चिपकाकर रखती है ।
Theme for National Sports Day 2026 | राष्ट्रीय खेल दिवस की थीम
राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 की थीम “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” और “युवा सहभागिता, खेल विकास एवं राष्ट्र निर्माण” है।
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बिहार का तगड़ा उभार
राजगीर की बिहार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ने खुलने के सिर्फ 9 महीने में IIRF 2026 में चौथा स्थान झटक लिया। और यही नहीं—बिहार इस साल महिला कबड्डी विश्व कप और खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है। साफ है, बिहार अब खेल नक्शे पर तेज़ी से उभर रहा है।
इंसान अटका है जन्म मरण के खेल में
मानव जन्म बार बार नहीं मिलता है । इसका मुख्य उद्देश्य है परमात्मा की सतभक्ति करना और मोक्ष पाकर जन्म मरण के चक्कर रूपी खेल से मुक्त होना । इस नाशवान संसार में धन, दौलत, पद, इज्जत पाकर इंसान समझता है सब कुछ पा लिया। हम 84 लाख योनियों में भटक रहे है युगों – युगों से, इस जन्म मरण के खेल ने हमें अटका रखा है। यदि हम इस जन्म मरण के खेल से मुक्ति पा ले तब मानो की हम सब कुछ जीत गए। इसलिए इसके साथ साथ हमें पूर्ण परमात्मा की सतभक्ति करना चाहिए। तभी हम अविनाशी सुख को पा सकते है।
राष्ट्रीय खेल पुरुस्कार समारोह
हमारे देश में हर वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। यह वह दिन है जिस दिन को खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इसी दिन राष्ट्रीय खेल पुरस्कार भी दिए जाते हैं। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुख्य समारोह का आयोजन राष्ट्रपति भवन में किया जाएगा, जहां राष्ट्रपति द्वारा प्रमुख खेल पुरस्कार जैसे मेजर ध्यान चंद खेल रत्न पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार, और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इस दिन देशभर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं, फिटनेस चुनौतियां, और खेल से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें लोग भाग ले सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार (National Sports Day) की सबसे मुख्य बात बता दें
- इस वर्ष पांच खिलाड़ियों को सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही 27 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड दिए जाने है ।
- राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों में क्रिकेटर रोहित शर्मा भी शामिल हैं।
- उनके अलावा पहलवान विनेश फोगाट, टेबिल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा, महिला हॉकी कप्तान रानी रामपाल और पैरालंपियन मरियाप्पन थांगावेलु शामिल हैं ।
लख चौरासी के खेल से जीत केवल सतभक्ति से प्राप्त कर सकते है
संसार के सभी खेल एक दिन समाप्त हो जाते हैं, लेकिन लख चौरासी का खेल जीव के जन्म-मरण के अंतहीन चक्र से जुड़ा है। इस खेल में जीत धन, बल या बुद्धि से नहीं, बल्कि शास्त्रसम्मत सतभक्ति से ही संभव है। पूर्ण परमात्मा की सच्ची भक्ति और पूर्ण संत के बताए मार्ग पर चलकर ही जीव जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर सकता है।
पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब कहते है:-
अच्छे दिन पीछे गए, गुरु से किया न हेत ।
अब पछताए क्या करे, जब चिड़िया चुग गई खेत ।।
कबीर साहेब जी समझा रहे हैं कि यदि समय रहते मनुष्य सतभक्ति नहीं करता है फिर अंत में पछताने के अलावा कुछ नहीं रहता है। इसलिए सच्चे सद्गुरु की शरण में जाकर जन्म – मरण के खेल को समझ कर इस पर जीत प्राप्त करना ही मुख्य कार्य है।
वर्तमान में एकमात्र तत्वज्ञान संत रामपाल जी महाराज
वर्तमान समय में संत रामपाल जी महाराज तत्वज्ञान का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उनके अनुयायियों के अनुसार, श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 15 के श्लोक 1–4, 16 और 17 में वर्णित तत्वज्ञान का प्रमाण उनकी शिक्षाओं में मिलता है। उनका संदेश है कि मानव समाज अपने दैनिक जीवन के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान को समझे, सतभक्ति अपनाए और आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर हो।
राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 FAQs
– राष्ट्रीय खेल दिवस भारत में हर साल 29 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद ने भारतीय हॉकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई थी, और यह दिन उनकी स्मृति में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
– मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के एक महान खिलाड़ी थे, जिन्हें “हॉकी का जादूगर” कहा जाता है। उन्होंने अपने करियर में 400 से अधिक गोल किए और भारत को 1928, 1932, और 1936 के ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक दिलाया। उनकी हॉकी में अद्वितीय कौशल के कारण उन्हें 1956 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।
– इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस पर प्रधानमंत्री ने फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत की है। इस दिन राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
– मेजर ध्यानचंद के खेल कौशल के बारे में कहा जाता है कि जब भी वे खेलते थे, तो गेंद उनसे छीनना बड़े से बड़े खिलाड़ी के लिए भी मुश्किल होता था। एक बार नीदरलैंड के अधिकारियों ने उनकी हॉकी स्टिक को तोड़कर यह जांचा कि कहीं उसमें कोई चुम्बक तो नहीं है जो गेंद को चिपकाकर रखती है।
– हालांकि मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग कई बार उठाई गई है, लेकिन उन्हें अब तक यह सम्मान नहीं मिला है। खेल प्रेमियों द्वारा लगातार इस मांग को उठाया जा रहा है।



