हरियाणा के गांव मोहला, हांसी में वर्ष 1995 से बरसात के दौरान गंभीर जलभराव की समस्या बनी हुई थी, जिससे हर वर्ष सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होती थी। ग्राम पंचायत की पुनः प्रार्थना के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत अतिरिक्त सहायता उपलब्ध करवाई, जिससे गांव की जल निकासी पाइपलाइन परियोजना को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त हुआ और वर्षों पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा।
पहले मिली सहायता के बाद भी ड्रेनेज पाइपलाइन का एक हिस्सा अधूरा रह गया था। इसके बाद ग्रामीणों और ग्राम पंचायत ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के चरणों में पुनः प्रार्थना की। उनके निर्देश पर सर्वे टीम गांव पहुंची, शेष आवश्यकता और स्थिति का सत्यापन किया और रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद अतिरिक्त सहायता स्वीकृत कर दी गई।
गांव मोहला जलभराव राहत: प्रमुख बिंदु
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
| स्थान | गांव मोहला, हांसी, हरियाणा |
| समस्या | वर्ष 1995 से कृषि भूमि में जलभराव |
| पहली सहायता | 13,200 फीट पाइपलाइन और दो मोटर |
| अतिरिक्त सहायता | 800 फीट 8 इंच पाइपलाइन |
| उपलब्ध कराई गई मोटर | दो 10 एचपी किरलोस्कर मोटर एवं सभी आवश्यक एक्सेसरीज |
| अभियान | किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2 |
| अपेक्षित प्रभाव | जल निकासी लाइन पूर्ण होने से प्रभावित कृषि भूमि को दीर्घकालिक राहत |
वर्ष 1995 से बनी हुई थी जलभराव की समस्या
ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के अनुसार, गांव मोहला में वर्ष 1995 से प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान खेतों में लगभग चार से पांच फीट तक पानी भर जाता था। इससे करीब 500 से 600 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होती थी और किसानों की फसलें हर वर्ष खराब हो जाती थीं। जलभराव का असर गांव के रास्तों और आसपास के कृषि क्षेत्र पर भी पड़ता था, जिससे किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा था।
किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत पहली सहायता
जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत ने पहले तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के चरणों में प्रार्थना की थी। किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत उन्होंने गांव के लिए 13,200 फीट पाइपलाइन और दो मोटर उपलब्ध करवाईं।
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इसके बाद ग्राम पंचायत ने लगभग पूरी पाइपलाइन को भूमिगत कर दिया। हालांकि लगभग 700 से 800 फीट पाइपलाइन की कमी रह गई, जिसके कारण पूरी जल निकासी लाइन चालू नहीं हो सकी।
सर्वे के बाद शेष आवश्यकता की हुई पुष्टि
पाइपलाइन अधूरी रहने के बाद ग्राम पंचायत ने पुनः तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना की।
उनके निर्देश पर सर्वे टीम गांव मोहला पहुंची और पहले से बिछाई गई पाइपलाइन का निरीक्षण किया। सर्वे में पुष्टि हुई कि जल निकासी लाइन को पूरा करने के लिए लगभग 800 फीट अतिरिक्त पाइपलाइन की आवश्यकता है। सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद अतिरिक्त सहायता स्वीकृत कर दी गई।
अतिरिक्त पाइपलाइन, मोटर और सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई गई
किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने उपलब्ध करवाई—
- 800 फीट 8 इंच पाइपलाइन
- दो 10 एचपी किरलोस्कर मोटर
- मोटर स्थापना की सभी आवश्यक एक्सेसरीज
- स्टार्टर
- वायरिंग एवं कनेक्शन सामग्री
- रिड्यूसर
- एयर वाल्व
- पीवीसी पाइप एवं प्लेट
- चेन
- नट-बोल्ट, क्लिप तथा अन्य आवश्यक फिटिंग सामग्री
प्रतिनिधियों ने बताया कि स्थापना के लिए आवश्यक प्रत्येक सामग्री उपलब्ध करवा दी गई है, जिससे ग्राम पंचायत को अतिरिक्त सामग्री खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
ग्राम पंचायत ने जल निकासी लाइन पूरी होने की जताई उम्मीद
ग्राम पंचायत के अनुसार, प्राप्त अतिरिक्त सामग्री के बाद शेष पाइपलाइन भी भूमिगत कर दी जाएगी। इसके बाद पूरी जल निकासी लाइन संचालित हो सकेगी और बरसात का पानी आसानी से बाहर निकलेगा।
ग्राम पंचायत ने यह भी बताया कि कार्य पूर्ण होने के बाद इसकी कंप्लीशन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
ग्रामीणों ने साझा किए अपने अनुभव
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सरपंच धर्मवीर सिंह ने बताया कि गांव को पहले 13,200 फीट पाइपलाइन और दो मोटर मिली थीं, जबकि अब शेष 800 फीट पाइपलाइन भी उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 से चली आ रही समस्या के समाधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
कई ग्रामीणों ने अतिरिक्त सहायता मिलने पर आभार व्यक्त किया। एक ग्रामीण ने कहा कि लगभग 450 एकड़ कृषि भूमि को जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि दूसरे ग्रामीण ने बताया कि करीब 500 एकड़ कृषि भूमि वर्षों से बाढ़ के पानी के कारण प्रभावित होती रही है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अब परियोजना पूरी होने से जल निकासी व्यवस्था पूर्ण हो सकेगी।
सर्वे प्रक्रिया से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि पहले ग्राम पंचायत ने उपलब्ध करवाई गई पाइपलाइन को भूमिगत किया, जिसके बाद पुनः सर्वे कर शेष आवश्यकता की पुष्टि की गई। सत्यापन के बाद 800 फीट अतिरिक्त पाइपलाइन और पहले स्वीकृत दो मोटर गांव को उपलब्ध करवा दी गईं।
प्रभावित कृषि भूमि को दीर्घकालिक राहत मिलने की उम्मीद
ग्राम पंचायत के अनुसार, जल निकासी लाइन पूरी होने के बाद लगभग 450 से 600 एकड़ कृषि भूमि को लंबे समय तक जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। पूरी व्यवस्था शुरू होने के बाद बरसात का पानी आसानी से बाहर निकलेगा और वर्ष 1995 से किसानों को हो रहे नुकसान में कमी आने की संभावना है।
ड्रेनेज परियोजना अंतिम चरण में पहुंची
किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत 800 फीट अतिरिक्त पाइपलाइन, दो 10 एचपी किरलोस्कर मोटर और सभी आवश्यक एक्सेसरीज़ उपलब्ध होने के बाद ग्राम पंचायत ने बताया कि गांव मोहला की ड्रेनेज परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, इस सहायता से पूरी जल निकासी व्यवस्था को संचालित करने के लिए आवश्यक शेष कार्य पूरा हो गया है। अधिक जानकारी के लिए SA News YouTube Channel पर अवश्य जाएं।



