Magh Bihu 2021 hindi

Magh Bihu 2021: पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब हैं वास्तविक संकट मोचन

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Magh Bihu 2021: माघ बिहू असम का प्रसिद्ध त्यौहार है, जैसे पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है वैसे ही माघ बिहू असम में मनाया जाता है। असम के लोग फ़सल पकने की खुशी में यह त्यौहार मानते हैं और उसका कुछ अंश अग्नि में भेट करते हैं। यह त्यौहार खासकर अग्नि के देवता को समर्पित माना जाता है। माघ बिहू इस साल 15 जनवरी, गुरुवार को है।

Magh Bihu 2021 (माघ बिहू) से संबधित कुछ खास बातें

  • माघ बिहू असम का प्रसिद्ध त्यौहार है
  • माघ बिहू तीन प्रकार से मनाया जाता है
  • माघ बिहू का क्या महत्व है
  • असली खुशी कैसे हासिल कर सकते हैं?
  • कौन है वो जो सर्व कष्ट हर सकता है?
  • उस असली परमात्मा को कैसे हासिल कर सकते हैं?

असम के प्रसिद्ध त्यौहार में से एक है माघ बिहू (Magh Bihu 2021)

माघ बिहू असम के महत्वपूर्ण त्यौहार में से एक है। असम के लोग इस त्यौहार के साथ नये साल की शुरुआत मनाते हैं। पोंगल (Pongal 2021) की तरह बिहू भी किसानों का त्यौहार है, जिसको पूरी धूमधाम से मनाया जाता है। लोग पकी फ़सल को ईश्वर को भेंट करते है। बिहू शब्द दो शब्दों से बना हुआ है बि’ मतलब ‘पुछ्ना’ और ‘हु’ मतलब ‘देना’ और वही से बिहु नाम उत्पन्न हुआ।

माघ बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है

  1. बोहाग (बैसाख, अप्रैल के मध्य)
  2. माघ (जनवरी के मध्य में)
  3. काटी (कार्तिक, अक्टूबर के मध्य)

बिहु प्राचीन काल से असम में मनाया जा रहा हैं। प्रत्येक बिहु खेती कैलेंडर में एक विशिष्ट चरण के साथ मेल खाता हैं।

Magh Bihu 2021 Date

जैसे कि बताया जा चुका है बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है। इस साल माघ बिहू (Magh Bihu 2021) 15 जनवरी के दिन गुरुवार को मनाया जाएगा।

माघ बिहू के त्यौहार का क्या महत्व है?

बिहू का त्यौहार किसानों का विशेष त्यौहार है। यह असम में फ़सल पकने की खुशी में मनाया जाता है। यहाँ के लोगों का मानना है कि वह पकी फ़सल का कुछ अंश जब अग्नि देवता को भेंट करते हैं तो उनके भंडार अनाज से भरे रहते है और बरकत रहती है। किसान फसलों की कटाई करते हैं और ईश्वर को फसलों के लिए धन्यवाद करते हैं। लेकिन वास्तव में ये मनमाना आचरण है। हमे पूर्ण परमात्मा के अलावा बाकी देवी देवता सिर्फ हमारे किस्मत मे लिखा ही दे सकते है।

सुख, एक ऐसी वस्तु है जिसे हर कोई हासिल करना चाहता है, लेकिन कैसे?

अगर बात करे आज के समय की तो सभी खुशी ढूंढते है, यहाँ तक कि लोग त्यौहार के जरिये भी खुशी ढूंढने की कोशिश करते हैं लेकिन वो अंदर से फिर भी खुश नही हो पाते। असली खुशी को सदभक्ति करके ही हासिल किया जा सकता है, क्योंकि हमारी आत्मा को उस सुख की तलाश है जो सदा खुशी दे। असली खुशी तो पूर्ण परमात्मा ही दे सकते हैं, क्योंकि हमारे सदग्रंथो में लिखा है पूर्ण परमात्मा अपने भगतों के सर्व कष्ट हरकर हमेशा के लिए ख़ुशी प्रदान कर सकता है।

पूर्ण परमात्मा सर्व कष्ट हर सकता है

हमारे सदग्रंथो में प्रमाण है पूर्ण परमात्मा सर्व कष्ट दूर कर सकता है, वो परमात्मा कबीर साहेब है। कबीर साहेब ही पूर्ण परमात्मा हैं, इसका प्रमाण हमारे सभी सदग्रंथो में हैं। कबीर साहेब ही भगवान है इसका प्रमाण पवित्र बाइबल, पवित्र कुरान शरीफ, पवित्र गीताजी, पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी है। श्री नानक साहेब ने अपनी वाणी में स्पष्ट किया है वो पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब हैं:-

यक अर्ज गुफतम् पेश तो दर कून करतार।
हक्का कबीर करीम तू बेअब परवरदिगार। ।

कबीर साहिब ने कहा है:

वेद मेरा भेद है, मैं ना मिलूं वेदन के मांहि।
और जौन वेद से मैं मिलूं, ये वेद जानते नाहीं।।

पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब को कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

अब आप सोच रहे होंगे पूर्ण परमात्मा का तो पता चल गया लेकिन अब सवाल उठता है कि कबीर साहेब को कैसे पा सकते हैं, जो हमारे सर्व दुख दूर कर सकते हैं। तो चलिए हम बताते हैं पूर्ण परमात्मा को पूर्ण गुरु से नाम दीक्षा लेकर भक्ति करने से हासिल किया जा सकता है, वो संत कोई और नहीं बल्कि संत रामपाल जी महाराज हैं। संत रामपाल जी के पूर्ण संत होने का प्रमाण केवल हमारे सदग्रंथो में ही नहीं बल्कि दुनिया भर के भविष्य वाणी करने वालो की किताबो मे भी हैं।

उस संत के बारे में नास्त्रेदमस,अमेरिका के श्री एण्डरसन, इंग्लैण्ड के ज्योतिषी ‘कीरो’, अमेरिका की महिला भविष्यवक्ता ‘‘जीन डिक्सन’’ आदि ने भी लिखा है कि वह संत पूरे विश्व में अपने ज्ञान से तहलका मचा देगा। उस संत के बारे में लिखा है उसके ज्ञान और बताई भक्ति से विश्व मे शांति स्थापित होगी और उसका बताया ज्ञान पूरे विश्व में फैलेगा। वह कोई और नहीं बल्कि संत रामपाल जी महाराज जी है। अधिक जानकारी के लिए आप सुनिए जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन।सर्व पवित्र धर्मों के, पवित्र शास्त्रों के आधार पर अवश्य देखिए सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल

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