मथुरा, उत्तर प्रदेश — उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की पावन गोवर्धन तहसील में स्थित गांव लोरिया पट्टी के लिए खुशहाली की एक नई सुबह आई है। जो गांव पिछले 5-6 वर्षों से बाढ़ के गंदे पानी और जलभराव की त्रासदी झेल रहा था, संत रामपाल जी महाराज ने उस गांव को विनाश से बचा लिया है। जब सरकारी तंत्र और प्रशासन ने इस डूबते गांव को बेबस छोड़ दिया, तब संत रामपाल जी महाराज ने एक सच्चे रक्षक की भूमिका निभाते हुए इस संकट का स्थायी समाधान कर दिया।
बाढ़ की त्रासदी और बेबस ग्रामीण
लोरिया पट्टी गांव के हालात पिछले कई वर्षों से किसी बड़ी मानवीय त्रासदी से कम नहीं थे। गांव के बुजुर्गों और सरपंच के अनुसार, सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन पिछले 6 सालों से जलमग्न थी।
किसान अपनी ही जमीन पर फसल उगाने के लिए तरस रहे थे और उन्हें अपने परिवार के लिए बाजार से अनाज खरीदना पड़ रहा था। लगातार जलभराव के कारण घरों की दीवारों में दरारें आ गई थीं और पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया था। प्रशासन के चक्कर काटते-काटते ग्रामीणों की उम्मीदें पूरी तरह टूट चुकी थीं।
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मदद की पुकार और अर्जी
जब सरकारी तंत्र से कोई सहायता नहीं मिली, तब गांव की सरदारी ने एक आखिरी उम्मीद के साथ संत रामपाल जी महाराज के दरबार में अर्जी लगाई। ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम‘ के बारे में सुना था, जो समाज के हर जरूरतमंद तक मदद पहुँचाने का कार्य कर रहे है। गांव के मान सिंह, डॉ. सहदेव सिंह और अन्य बुजुर्गों ने संत रामपाल जी महाराज से सहायता की प्रार्थना की।
चमत्कारिक रफ्तार: मात्र 4 दिनों में राहत
संत रामपाल जी महाराज के यहाँ कार्य करने की गति किसी अजूबे जैसी है। ग्रामीणों ने हैरानी और खुशी जताते हुए बताया कि अर्जी देने के मात्र चार दिनों के भीतर ही संत रामपाल जी महाराज ने राहत का एक विशाल काफिला लोरिया पट्टी गांव में भेज दिया। यह सहायता किसी सरकारी फाइल की सुस्त रफ्तार नहीं, बल्कि संत रामपाल जी महाराज की करुणा का प्रमाण थी।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई अभूतपूर्व सहायता
संत रामपाल जी महाराज ने गांव को इस पुराने संकट से निकालने के लिए संसाधनों की झड़ी लगा दी। संत रामपाल जी महाराज ने गांव के लिए निम्नलिखित सामग्री प्रदान की:

- 2600 फुट लंबा 8 इंची मजबूत पाइप: खेतों से पानी निकालने के लिए।
- 10 HP की विशाल शक्तिशाली मोटर: जलभराव को तेजी से खत्म करने के लिए।
- ट्रैक्टर कपलिंग सेट और पंखा: जहाँ बिजली की व्यवस्था न हो, वहाँ ट्रैक्टर के माध्यम से पानी निकालने के लिए।
- 350 फुट बिजली की कॉपर केबल: मोटर के सुचारू संचालन के लिए।
- संपूर्ण फिटिंग सामग्री: संत रामपाल जी महाराज ने स्टार्टर, बैंड, पाइप चिपकाने वाला सॉल्यूशन और छोटे से छोटा नट-बोल्ट भी साथ भेजा ताकि ग्रामीणों को एक पैसा भी खर्च न करना पड़े।
संत रामपाल जी महाराज ने यह स्पष्ट कर दिया कि लाखों-करोड़ों का यह सामान पूरी तरह निशुल्क है और अब हमेशा के लिए गांव की साझा संपत्ति है।
उत्तरदायित्व और भविष्य का संकल्प
मदद के साथ-साथ संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों को एक विशेष निवेदन पत्र भी भेजा। संत रामपाल जी महाराज ने कहा कि सामान चाहे कितना भी लगे, लेकिन गांव के खेतों से पानी निकलना चाहिए और इस बार रबी की फसल की बुवाई समय पर होनी चाहिए।
संत रामपाल जी महाराज ने ड्रोन के माध्यम से गांव की स्थिति का सर्वे भी करवाया है ताकि सहायता के बाद होने वाले सुधार को दर्ज किया जा सके। संत रामपाल जी महाराज स्वयं एक किसान परिवार से हैं, इसलिए संत रामपाल जी महाराज किसानों के दर्द को गहराई से समझते हैं।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और सम्मान
सहायता प्राप्त करने के बाद पूरे गांव में दीपावली जैसा माहौल है। ग्रामीणों ने मथुरा के बड़े-बड़े कथावाचकों को आईना दिखाते हुए कहा कि वे लोग लाखों का दान लेते हैं पर मुसीबत में एक पाइप तक नहीं देते, जबकि संत रामपाल जी महाराज बिना किसी स्वार्थ के घर आकर खुशियां लुटा रहे हैं।
ग्राम पंचायत लोरिया पट्टी ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति अटूट श्रद्धा व्यक्त करते हुए संत रामपाल जी महाराज को सम्मान स्वरूप ‘पगड़ी’ भेंट की। ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि संत रामपाल जी महाराज उनके लिए साक्षात भगवान का रूप हैं जिन्होंने उनके बच्चों का भविष्य और सम्मान वापस लौटाया है।



