​समाज में बदलाव की नई लहर: पूर्व विधायक, खाप प्रधान और किसान नेता बने संत रामपाल जी महाराज जी के जनकल्याणकारी कार्यों के मुरीद

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​देशभर में समाज सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता को लेकर कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जब कोई पहल सीधे धरातल पर उतरकर गरीब, किसान और शोषित वर्ग के आंसू पोंछती है, तो समाज का हर वर्ग उससे जुड़ने लगता है। परमेश्वर का संविधान के अंतर्गत जगन्नाथ महाप्रभु संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा चलाए जा रहे जनकल्याणकारी कार्य आज समाज के लिए एक आदर्श बन चुके हैं।

​हाल ही में हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पूर्व विधायक, खाप प्रधान, किसान नेता और सरपंच संत रामपाल जी महाराज जी से मिलने सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम में पहुंचे। इन मुलाकातों में मुख्य रूप से अन्नपूर्णा मुहिम, छोटे किसानों को मुफ्त खाद-बीज वितरण, जल संरक्षण और दहेज मुक्त समाज की स्थापना जैसे गंभीर विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

Table of Contents

एक नज़र में: प्रमुख मुलाकातें और चर्चा के विषय

क्रमआगंतुक का नाम / पदस्थान (राज्य)मुख्य चर्चा / सराहना का विषय
1.गौशाला प्रधान व ग्रामवासीडोहर, कैथल (हरियाणा)किसानों, मज़दूरों और बेसहारा गायों की निस्वार्थ सेवा।
2.सचिंद्र सिंह राणा (BKU नेता)सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)छोटे किसानों के लिए मुफ्त खाद-बीज योजना की सरकार से तुलना।
3.ग्रामवासी व प्रधाननारनौंद, हांसी (हरियाणा)14 साल से रुकी धर्मशाला का आश्रम द्वारा 14 दिन में शानदार निर्माण।
4.हरि सिंह (सरपंच)सेमली, बारां (राजस्थान)आश्रम की शांति और व्यवस्था को देखकर ‘जन्नत’ का अनुभव।
5.भूतपूर्व सरपंच व पार्षदसीकर (राजस्थान)बीमारियों और मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन।
6.कमसा मेघवाल (पूर्व विधायक)भोपालगढ़, जोधपुर (राज.)17 मिनट में दहेज मुक्त विवाह (रमैनी) और ‘अन्नपूर्णा रसोई’ की भूरि-भूरि प्रशंसा।
7.हुड्डा खाप के प्रधान व सदस्यरोहतक (हरियाणा)36 बिरादरी के गरीब व बेसहारा लोगों को रोटी, कपड़ा और मकान देना।
8.ग्रामवासीबौरेन, बारां (राजस्थान)अन्य पंथों (राधास्वामी) की परेशानियों से निकलकर सतभक्ति का मार्ग अपनाना।

​1. कैथल के डोहर गांव से पहुंचे गौशाला प्रधान, बताया गरीबों का मसीहा

हरियाणा के कैथल जिले के डोहर गांव से गौशाला प्रधान और ग्रामीण संत रामपाल जी महाराज जी के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने महाराज जी द्वारा किसानों, मज़दूरों और बेसहारा गायों के लिए किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने आश्रम की सेवा के बारे में जितना सुना था, असलियत में वह उससे कई गुना अधिक है। संत रामपाल जी महाराज ने उन्हें आश्वासन दिया कि जब तक शरीर में प्राण हैं, किसान, मज़दूर और गौमाता की सेवा निरंतर जारी रहेगी।

​2. सहारनपुर से आए BKU किसान नेता, मुफ्त खाद-बीज योजना की सरकार से की तुलना

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के किसान नेता सचिंद्र सिंह राणा आश्रम पहुंचे। उन्होंने ढाई एकड़ तक के छोटे किसानों को मुफ्त खाद, बीज और दवाईयां उपलब्ध कराने की योजना को ऐतिहासिक बताया। किसान नेता ने कहा कि सरकार को भी आश्रम के इन कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए और मिलकर किसानों का दुख दूर करना चाहिए। यह कदम आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों के लिए एक संजीवनी साबित हो रहा है।

​3. नारनौंद के ग्रामीणों ने 14 साल से रुकी धर्मशाला 14 दिन में पूरी होने पर जताया आभार

नारनौंद और हांसी क्षेत्र से आए ग्रामीणों ने एक अद्भुत वाकया साझा किया। गांव में एक धर्मशाला का निर्माण पिछले 14 वर्षों से अधूरा पड़ा था। जब ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज जी से अरदास लगाई, तो आश्रम के सेवादारों ने मात्र 14 दिन में उसे शानदार तरीके से पूरा कर दिया। ग्रामीणों ने भावुक होते हुए कहा कि बिना किसी स्वार्थ के इतनी बड़ी सहायता करना केवल परमेश्वर का संविधान ही सिखा सकता है।

​4. राजस्थान के बारां से आए सरपंच ने आश्रम में किया ‘जन्नत’ का अनुभव

राजस्थान के बारां जिले के सेमली गांव से वर्तमान सरपंच हरि सिंह और अन्य ग्रामीण संत रामपाल जी महाराज से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि महाराज जी के सेवा कार्यों और आध्यात्मिक संदेश की गूंज आज पूरी दुनिया में है। आश्रम की शांति, वहां का साफ-सुथरा माहौल और निस्वार्थ भाव से हो रही सेवा को देखकर सरपंच ने कहा कि “सुना था कि जन्नत होती है, पर जन्नत आज अपनी आंखों से देख ली।”

​5. सीकर के भूतपूर्व सरपंच और पार्षद ने ली नाम दीक्षा, बीमारियों से मुक्ति की आस

सीकर (राजस्थान) से आए भूतपूर्व सरपंच और पार्षद भी इस नेक मुहिम का हिस्सा बने। उन्होंने बताया कि वे पिछले काफी समय से कबीर साहेब का ज्ञान और गीता का अध्ययन कर रहे थे, लेकिन सच्चा आध्यात्मिक मार्ग संत रामपाल जी महाराज के सत्संग से मिला। उनके परिवार में बीमारी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं थीं, जिन्हें दूर करने और जीवन को सफल बनाने के लिए उन्होंने नाम दीक्षा ग्रहण की।

​6. जोधपुर की पूर्व विधायक कमसा मेघवाल ने दहेज मुक्त विवाह और अन्नपूर्णा रसोई को सराहा

जोधपुर जिले के भोपालगढ़ से पूर्व विधायक कमसा मेघवाल अपने पति (पूर्व सांसद/विधायक) के साथ आश्रम पहुंचीं। उन्होंने विशेष रूप से दहेज मुक्त विवाह (रमैनी) पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जब बिना किसी खर्च और दिखावे के 17 मिनट में शादियां होती हैं, तो बेटियों के परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिलती है। साथ ही, उन्होंने अनाथ बच्चों को गोद लेने और ‘अन्नपूर्णा रसोई’ के माध्यम से भूखों को भोजन कराने के कार्य को मानवता की सबसे बड़ी मिसाल बताया।

​7. हरियाणा की हुड्डा खाप ने संत रामपाल जी महाराज के किसान हितैषी कार्यों का किया समर्थन

समाज में भाईचारे और न्याय के लिए पहचानी जाने वाली हरियाणा की हुड्डा खाप के कई प्रधान और पदाधिकारी भी संत रामपाल जी महाराज जी से मिलने पहुंचे। इस प्रतिनिधिमंडल में जिला पार्षद और कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। उन्होंने बेसहारा लोगों को रोटी, कपड़ा और पक्के मकान देने की मुहिम का खुलकर समर्थन किया। खाप नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब नीयत साफ हो, तभी ऐसे बड़े सेवा कार्य संभव हो पाते हैं।

​8. राधास्वामी पंथ से परेशान बौरेन, राजस्थान के ग्रामीणों ने अपनाया सतभक्ति का मार्ग

राजस्थान के बौरेन गांव से आए कई ग्रामीण, जो पहले अन्य पंथों से जुड़े थे, आश्रम में पहुंचे। उन्होंने बताया कि वहां न तो उन्हें मानसिक शांति मिली और न ही शारीरिक बीमारियों से छुटकारा मिला। संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान समझने के बाद उन्होंने बुराईयों को त्यागकर नाम दीक्षा ली और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस किया।

नए समाज की नींव

चाहे वह छोटे किसानों की मदद हो, अनाथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना हो, 14 वर्षों से रुके निर्माण कार्य पूरे करना हो, या बिना दहेज के शादियां संपन्न कराना हो; ये सभी कार्य केवल एक साधारण समाज सेवा नहीं हैं, बल्कि यह उस परमेश्वर के संविधान की झलक है जिसमें हर जीव का समान अधिकार है।

​पूर्व विधायक, खाप पंचायतें और किसान नेता आज यदि एक मंच पर आकर इन कार्यों की सराहना कर रहे हैं, तो यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि समाज सेवा और अध्यात्म का यह निस्वार्थ मार्ग भविष्य में एक सशक्त, नशामुक्त और खुशहाल समाज की नींव रख रहा है।

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